पीएम मोदी आज मथुरा में देंगे अपने काम का हिसाब
मथुरा। श्रीकृष्ण और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को कदम रखेंगे। वे यहां बड़ी रैली को संबोधित कर केंद्र सरकार की एक साल की उपलब्धियां गिनाएंगे। इसके साथ ही एक सप्ताह के जनकल्याण पर्व की शुरुआत होगी। मोदी अपने संबोधन में राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन जैसी कुछ योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। उनके साथ कई केंद्रीय मंत्री भी आएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार अपराह्न 3:45 बजे हेलीकॉप्टर से दीनदयाल धाम पहुंचेंगे। यहां से वह कुछ दूर स्थित दीनदयाल स्मारक पहुंच माल्यार्पण करेंगे। वहां संस्थान के चुनिंदा पदाधिकारियों से मुलाकात और दीनदयाल उपाध्याय पर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की जाएगी। इसके बाद सभास्थल पहुंचेंगे।
सभा में प्रधानमंत्री आम आदमी के हित से जुड़ी कुछ योजनाओं की घोषणाएं भी कर सकते हैं। उनके आगमन को लेकर दीनदयाल धाम दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक भी मौजूद रहेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से कारागार मंत्री बलराम यादव प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगे। करीब एक दर्जन जिलों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर डयूटी निश्चित की गई हैं।
खुला रहेगा आगरा-दिल्ली हाईवे
दीनदयाल धाम, मथुरा में प्रधानमंत्री की रैली को लेकर आगरा-दिल्ली हाईवे को बंद नहीं किया जाएगा, हालांकि ट्रैफिक चलते जाम लगने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। जाम से निपटने के लिए भी इंतजाम किए हैं, लेकिन रैली खत्म होने के बाद भीड़ एक साथ छूटेगी।
पत्र लिखकर दिया मोदी को मार देने की धमकी
आरोपी ने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह के दफ्तर में प्रधानमंत्री को जान से मार देने की धमकी भरा पत्र भेजा था। पत्र के बाद आरोपी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के फोन पर भी मोदी को जान से मार देने की धमकी भेजा था।
सर्विलांस टीम ने धरा आरोपी
धमकी भरा पत्र और फिर मैसेज मिलने के बाद मथुरा पुलिस चौकन्नी हो गई थी। आरोपी की तलाश में सर्विलांस टीम तेजी से जुट गई थी। कुछ ही घंटों में सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला कि मैसेज भेजने वाला नौहझील के नावली गांव का रहने वाला है। पुलिस ने नावली गांव में दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा। पुलिस अधीक्षक (शहर) शैलेश कुमार पांडे ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद देर रात धमकी देने वाला आरोपी रामवीर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
मोदी मैं सिंड्रोम के शिकार, राहुल में गजब का बदलाव: उमर
नई दिल्ली। जम्मू--कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। अब्दुल्ला ने कहा, 'मोदी 'मैं, मैं और सिर्फ मैं सिंड्रोम' का शिकार हैं। विदेश यात्रा के दौरान मोदी द्वारा विपक्ष की आलोचना करना या यह कहना गलत है कि उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले तक लोग भारतीय के रूप में पैदा होने को लेकर शर्मिदगी महसूस करते थे।'
अब्दुल्ला ने मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसका मतलब यह है कि वह खुद एक साल पहले तक भारतीय होने पर शर्मिदा थे और इसका मतलब यह है कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अमेरिका जाने का वीसा नहीं पा सके, लेकिन जहां कहीं वह गए तो वह अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाने को लेकर शर्मिदा थे। उन्होंने कहा, 'शायद मोदी ने हर आव्रजन अधिकारी से यह कहते हुए माफी मांगी कि देखिए मैं माफी चाहता हूं कि यह भारतीय पासपोर्ट है, मैं क्या करूं मुझे ब़़डी शर्म आ रही है, लेकिन मुझे इसे दिखाना प़़डेगा। जो वह कह रहे हैं, उसका यही आशय है, जो कि गलत है।'
उमर ने कहा कि भारत को वन मैन शो की तरह चलाना संभव नहीं है, जिसकी कोशिश मोदी कर रहे हैं। गुजरात को उन्होंने चलाया, लेकिन राज्य चलाना और देश चलाना दो अलग--अलग बातें हैं। बिलकुल अलग नजर आ रहे हैं राहुल उमर ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'छुट्टी के बाद लौटे जिन राहुल गांधी को हम देख रहे हैं, वह पहले वाले राहुल से बिल्कुल अलग हैं।। यह बदलाव शानदार है।' उमर ने कहा कि पहले राहुल के लिए बोलना काफी मुश्किल था।
उमर ने कहा, 'या तो राहुल प्रधानमंत्री की आलोचना करते या फिर अपनी मां की। यह कभी आसान नहीं था। शायद यही वजह है कि वह उन दिनों चुप रहे। ऐसे में यह धारणा बन गई कि उन्हें पता ही नहीं था कि वह बोलना क्या चाहते थे या क्या बोलना चाहिए।' केजरीवाल का समर्थन उमर ने दिल्ली के उप राज्यपाल से विवाद को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनादेश से चुनकर आए केजरीवाल को अपनी टीम चुनने की आजादी होनी चाहिए।
राजनीतिक कारणों से अफजल को फांसी दी गई उमर ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार ने संसद पर हमले के दोषषी अफजल गुर को फांसी राजनीतिक कारणों से दी। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार ने उन्हें इसकी कुछ घंटे पहले ही जानकारी दी। लेकिन पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने उमर के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। दया याचिका भी खारिज हो गई थी। इन्हीं आधार पर अफजल को फांसी दी गई।
मोदी के 'रणनीतिकार' अब नीतीश के लिए करेंगे प्रचार!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान टीम के सक्रिय सदस्य रहे प्रशांत किशोर अब नीतीश कुमार के साथ नई पारी शुरू कर सकते हैं। मोदी की 'चाय पर चर्चा', व 3डी होलोग्राम जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने का श्रेय किशोर को ही जाता है।
प्रशांत किशोर जन स्वास्थ्य के विशेषज्ञ हैं। मोदी के चुनाव अभियान का सक्रिय सदस्य बनने से पहले वह संयुक्त राष्ट्र में काम कर रहे थे। वह साल 2011 में इस्तीफा देकर मोदी के साथ आ गए थे। इनके पास 60 पेशेवरों की टीम है, जो निर्धारित लक्ष्य को निश्चित समय-सीमा में हासिल करने का प्रयास करती है।
कहा जा रहा है कि पीएम के राजनीतिक प्रतिद्वंदी नीतीश बिहार विधानसभा चुनाव में किसी तरह की चूक नहीं करना चाहते। उन्हें किशोर जैसे अनुभवी व्यक्ति की दरकार है, जो अपनी कुशल रणनीति से उनकी नैया पार लगा सके।
इस बारे में पूछे जाने पर किशोर ने कहा कि फिलहाल मैंने एक वर्ष का विश्राम लिया है। निश्चित तौर पर अभी यह नहीं बता सकता कि मैं नीतीश के साथ काम करूंगा या नहीं।
अब तो केजरीवाल से कार और चंदा वापस मांगने लगे कार्यकर्ता
नई दिल्ली। दिल्ली में सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सत्ता में आने से
पहले और बाद में पार्टी के भीतर उपजे विवाद को देखकर पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हो गए हैं। समर्थकों की नाराजगी
इतनी बढ़ गई है कि अब वे पार्टी को दिये चंदे वापस मांग रहे हैं। एक समर्थक ने तो अरविंद केजरीवाल को दी ब्लू
वैगन-आर कार वापस मांगा है। उन्होंने पार्टी को दान में दी गई सारी चीजें वापस मांगी है।
दरअसल, लंदन में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने आप पार्टी को यह कार दान में दी थी और अब
उन्होंने ट्वीट के जरिये अपनी नाराजगी जताते हुए अपनी मांग सामने रखी है।
-अमित शाह का राहुल पर निशाना, कहा-अपने नेता को ढूंढे कांग्रेस
बेंगलूर। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के संबोधन से हुई। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने दस महीने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है।
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपने नेता को ढूंढे। उन्होंने कहा कि विपक्ष निराश और हताष है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। आठ राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। चार राज्यों में हमारी गठबंधन सरकार है। 2014 हमारे लिए विजय वर्ष था। केरल में भाजपा के पास 19 लाख सदस्य हैं। 15 लाख कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
पार्टी का देशभर में दस करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए पार्टी महासंपर्क अभियान चलाएगी। नए सदस्यों को कार्यकर्ता बनाया जाएगा। कार्यकर्ता बेटी बचाओ अभियान से जुड़ेंगे। भूमि बिल पर कांग्रेस ने गलतफहमी फैलाई है। इस संबंध में पार्टी कार्यकर्ता किसानों से मिलेंगे।
इधर, बैठक के विरोध में कालेधन के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भाजपा को मजबूत करने पर जोर होगा। साथ ही, इसमें अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में सभी राज्य अपना ब्योरा पेश करेंगे। बैठक में अमित शाह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी और पीएम मोदी भी मौजूद हैं।
पता चला है कि रविशंकर प्रसाद के हाथ में फ्रैक्चर हो जाने की वजह से वह बेंगलूर से वापस दिल्ली लौट सकते हैं। इसलिए अब रविशंकर की जगह राम माधव विदेश नीति पर प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा है कि धारा 370 हमारे एजेंडे में है। इसे समय आने पर देखा जाएगा।
बैठक में कार्यकर्ताओं को भूमि अधिग्रहण विधेयक के फायदों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
गौरतलब है कि बेंगलुरु में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का महत्व इसलिए ज्यादा है, क्योंकि केंद्र में सरकार गठन के बाद यह पहली बैठक है। जाहिर है कि इसमें देश से लेकर विदेश के मोर्चों तक सरकार की उपलब्धियों का बखान होगा। पूरी रूपरेखा उसी लिहाज से बनाई गई है। इसमें पूरा फोकस प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों पर होगा।
सूत्रों के मुताबिक, इसमें आडवाणी के संबोधन को प्रासंगिक नहीं माना जा रहा था। भाजपा के मार्गदर्शक मंडल तक सिमटाए जा चुके लालकृष्ण आडवाणी के पिछले इतिहास को देखते हुए पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि वह कोई ऐसा बयान दें, जिससे सरकार और पार्टी पर अंगुली उठे। यही कारण है कि कार्यक्रम में उनके संबोधन के लिए समय नहीं रखा गया। हां, यह संदेश जरूर आडवाणी तक भी पहुंचा दिया गया कि वह चाहें तो बोलें लेकिन यह ध्यान रखें कि पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
सरकार तेज गति से देश और विदेश के मोर्चों पर बढ़ रही है तो पार्टी ने भी नया कीर्तिमान बनाया है। बताते हैं कि नेतृत्व आडवाणी से इसलिए आशंकित है, क्योंकि पिछली बैठकों में परोक्ष रूप से नेतृत्व के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं। अब हर किसी का ध्यान इस पर है कि आडवाणी शनिवार को बैठक में संबोधन करते हैं या नहीं। पिछली बार गोवा अधिवेशन में आडवाणी ने ना जाकर जो भूल की थी, कम से कम वैसी भूल वह इस बार तो नहीं कर रहे।
गुरुवार की शाम बेंगलुरु पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह की प्रशंसा करते हुए सदस्यता अभियान को ऐतिहासिक बताया। परोक्ष रूप से उन्होंने शाह की तुलना गांधी, लोहिया जैसे लोगों से भी की जिनके नेतृत्व में आंधी चली थी।
मोदी ने कहा कि सरकार बड़ी नहीं होती है, पार्टी का बड़ा महत्व होता है और अब इन 10 करोड़ सदस्यों को कार्यकर्ता बनाने की जरूरत है। इस क्रम में उन्होंने स्वच्छता अभियान, गंगा समेत दूसरी नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जनमानस को तैयार करने की भी बात कही।
जम्मू-कश्मीर में फिर मौसम से आफत, हर संभव मदद
काे तैयार केंद्र
श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ-साथ अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम भेज रहे हैं। केंद्र सरकार ने राज्य को सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। कश्मीर में हिमस्खलन में दस लोगों के मारे जाने की खबर है। बडगाम के लादेन गांव में एक मकान दह गया है। मूसलाधार बारिश के बाद कश्मीर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और राज्य में बाढ़ घोषित कर दी गई है। उमर अब्दुल्ला ने मोदी सरकार पर बाढ़ पीडि़तों की मदद में देरी करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उम्मीद जताई है कि आज हालात में सुधार आ जाएगा।
जम्मू-कश्मीर रवाना होने की तैयारी कर रहे नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वह नुकसान का आकलन करेंगे कि केंद्र से किस तरह की सहायता की जरूरत है। इस तरह की स्थिति फिर पैदा नहीं हो यह सुनिश्चित करने के रास्तों पर भी वह चर्चा करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा, 'बारिश और बाढ़ से लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हालात को लेकर चिंतित हैं। वह लोगों की मदद के लिए तैयार हैं और प्रतिबद्ध हैं। मैं जल्द से जल्द प्रधानमंत्री को एक रिपोर्ट भी सौंपने की कोशिश करेंगे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे क्षेत्रों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आज स्थिति में सुधार आ जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बाढ़ में प्रभावित हुए ऐसे लोगों को मुआवजा देने की कोशिश कर रहे हैं, जिनका इंश्योरेंस नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि प्रशासन ने प्रदेश में बाढ़ घोषित कर दी है। कई इलाकों में झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हम पिछले साल आई बाढ़ से सीख लेने की कोशिश कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रक टीम पूरी तरह से सर्तक है।
वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम कश्मीर में बाढ़ के मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते। हम सिर्फ इनता चाहते हैं कि सरकार बाढ़ की इस स्थिति से कैसे निपटेगी, वो योजना लेकर सामने आए। हालांकि उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ पीडि़तों की मदद में देरी करने के लिए मोदी सरकार पर जरूर निशाना साधा। इस बीच एनडीआरएफ की टीमों ने घाटी में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।
झेलम नदी आज सुबह श्रीनगर और संगम क्षेत्र दक्षिण कश्मीर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। कश्मीर में शनिवार से ही झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बर्फबारी की संभावना भी जताई है।
सोमवार सुबह एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आज सुबह 6 बजे झेलम नदी का जल स्तर संगम (दक्षिण कश्मीर) और राम मुंशी बाग (श्रीनगर शहर) पर क्रमशः 22'.4 फीट और 18'.8 फीट को छू गया है। खतरा का निशान संगम पर स्तर 21 फीट है और राम मुंशी बाग में यह 18 फीट है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में बनी बाढ़ जैसी स्थिति का आकलन करने के लिए अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ-साथ अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम भेज दी है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए झेलम नदी के किनारे बसे लोगों ने घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर कूच करना शुरू कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि हमने खासतौर से बच्चों और बूढ़ों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए तैनात सभी कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने को कहा गया है।
उधर एनडीआरएफ के डीजी ओपी सिंह का भी कहना है कि पिछले दो घंटे से बारिश नहीं हुई है। हमने अपनी टीमें एहतियाद के तौर पर राज्य में भेज दी हैं जो स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कुछ इलाकों में जल भराव की समस्या जरूर देखने को मिल रही है, लेकिन अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसलिए हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे डरे नहीं। हालांकि हम बाढ़ के लिए पूरी तरह से तैयार है।
बाढ़ की चपेट में आकर जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लादेन गांव में एक मकान दह गया है, जिसके मलबे में 21 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। मलबे के नीचे से 16 लोगों को निकाल लिया गया है।
बता दें कि जल स्तर 23 फीट के निशान को पार कर जाता है, तो राज्य को बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू करना होगा ओर झेलम नदी के आसपास के क्षेत्रों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना होगा।
ऑस्ट्रेलिया पांचवीं बार बना विश्व चैंपियन
मेलबर्न। आइसीसी क्रिकेट विश्व कप 2015 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने
न्यूजीलैंड को हराकर खिताब पर कब्जा जमा लिया है। कंगारू टीम ने
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए फाइनल मुकाबले में 7 विकेटों से
शानदार जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 45 ओवर में 183 के
स्कोर पर समेटा और महज 33.1 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर इस
लक्ष्य को हासिल करके पांचवीं बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर
लिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने 74 रनों की
पारी के साथ अपने वनडे करियर का अलविदा कहा।
'आप' की एनई से प्रशांत-योगेंद्र की छुट्टी, बैठक में जूतमपैजार
नई दिल्ली। प्रशांत भूषण और योंगेद्र यादव सहित चार नेताओं को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी की नेशनल काउंसिल की मीटिंग में इन दोनों नेताओं के साथ अजीत झा और प्रोफेसर आनंद कुमार की भी छुट्टी कर दी गई।
प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि अंदर उन लोगों पर लात-घूसे चले और बाउंसरों से पिटाई कराई गई। अंदर गुंडई का नंगा नाच किया गया। हम लोगों की कोई भी बात नहीं सुनी गई। आप की राष्ट्रीय परिषद की बैठक आज इन नेताओं पर फैसले के लिए बुलाई गई थी। इससे पहले आम आदमी पार्टी में आज अनुशासन और पारदर्शिता उस समय तार-तार हो गई, जब बैठक स्थल पर योगेंद्र यादव के साथ आप के कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की व गाली गलौच की और उनके विरोध में नारे लगाए।
भारी हंगामे के बीच शुरू हुई मीटिंग में सबसे पहले आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का भाषण हुआ। केजरीवाल के भाषण के बाद मीटिंग की अध्यक्षता गोपाल राय ने की और मनीष सिसोदिया ने प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, अजीत झा और प्रोफेसर आनंद कुमार को बाहर निकालने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पास हो गया और इन चारों नेताओं को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया।
पार्टी के संजोयक अरविंद केजरीवाल करीब 40 मिनट के भाषण के बाद सचिवालय के लिए निकल गए। इसके तुरंत बाद प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी मीटिंग से बाहर आ गए। बाहर आते ही उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में बाउंसर्स की मदद से लोगों को पीटा गया और घसीटा गया।
योगेंद्र यादव ने कहा कि केजरीवाल के भाषण के दौरान गोपाल राय को बैठक की अध्यक्षता सौंपी गई। उन्होंने कहा, 'इसका विरोध हुआ, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। रमजान चौधरी ने आवाज उठाई, मगर बाउंसर्स की मदद से उन्हें घसीटकर बाहर निकाल दिया गया। योगेंद्र यादव ने बताया कि कई लोगों को वोट देने का मौका नहीं मिला और बोगस वोटिंग भी हुई।
केजरीवाल के भाषण के बीच ही नारेबाजी शुरू हो गई। योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण का आरोप है कि मीटिंग के दौरान लोकतंत्र की हत्या कर दी गई। गुंडई का नंगा नाच देखने को मिला। हमें अपनी बात तक नहीं रखने दी गई। बैठक से पहले योगेंद्र यादव के साथ आए लोगों को मीटिंग में जाने से रोक दिया गया इसके विरोध में योगेंद्र यादव बैठक स्थल के बाहर कुछ देर धरने पर भी बैठे। इस पूरे घटनाक्रम पर योगेंद्र यादव वे कहा कि उन्होंने एेसे बुरे दिन के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। बताया गया है कि स्थिति काफी तनावपूर्ण है। योगेंद्र यादव ने कहा कि उनके समर्थकों को मीटिंग में भाग लेने के लिए जरूरी वैध दस्तावेज होने के बाद भी उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। बाद में योगेंद्र मीटिंग में भाग लेने के लिए अंदर गए।
बैठक से पहले योगेंद्र यादव ने कहा कि आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज इस बात का फैसला होना है कि जिस मकसद से इस पार्टी का गठन हुआ था उसका भविष्य क्या है। योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं का सुझाव मिला, हमें पूरा विश्वास है कि उनका सुझाव और उनकी शुभकामनाएं बेकार नहीं जाएंगी। इसके साथ ही योगेंद्र यादव ने कहा कि सभी साथियों, समर्थकों और शुभचिंतकों से अनुरोध है कि अगर आप पार्टी की आत्मा व एकता को बनाए रखना चाहते हैं तो घर बैठकर प्रार्थना करें। राष्ट्रीय परिषद की बैठक स्थल के बाहर किसी शक्ति परीक्षण या तू-तू मैं- मैं का हिस्सा न बनें।
उधर, बैठक शुरू होने से पहले आप के संजय सिंह ने इस विवाद पर कहा कि हमने उनकी सभी बातें मान ली। हमने विवाद को सुलझाने का हर संभव प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए वह आप में टूट की संभावना से इन्कार नहीं किए। सूत्रों के मुताबिक आप ने एडमिरल रामदास को इस बैठक में शामिल नहीं होने का अनुरोध किया था। वे इस बात से काफी नाराज हैं
सिडनी। क्रिकेट विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में आज मेजबान ऑस्ट्रेलिया का सामना टीम इंडिया से हो रहा है। सिडनी
क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में खेले जा रहे इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय
किया है। दोनों टीमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने खबर लिखे जाने तक 33 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 187 रन
बना लिए थे। क्रीज पर एरोन फिंच और स्टीवन स्मिथ मौजूद हैं और ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले झटके से उबारने की कोशिश
कर रहे हैं। इस बीच स्टीवन स्मिथ ने अपने विश्व कप करियर का पहला शतक पूरा कर लिया है। स्मिथ ने 89 गेंदों पर शतक
पूरा किया। उधर, दूसरे छोर पर एरोन फिंच ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे पहले उमेश यादव ने चौथे ओवर में डेविड वार्नर (12) को चलता कर भारत को पहली सफलता दिलाई थी।
टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती
टीम इंडिया की निगाहें इतिहास से टकराकर फाइनल में पहुंचने की है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच टीम इंडिया को ज्यादा मददगार साबित होने की उम्मीद है, लेकिन क्रिकेट के इन दो पावरहाऊस के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। इस मैच की विजेता टीम को 29 मार्च को फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करना है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इससे पहले छह बार विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है और उसे इस दौर में एक बार भी हार का सामना नहीं करना पड़ा है। टीम इंडिया के सामने दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के इस जबर्दस्त रिकॉर्ड को तोड़ने की चुनौती है।
एससीजी के रिकॉर्ड को सुधारना होगा
महेंद्र सिंह धौनी के धुरंधरों के सामने एक और मुख्य चुनौती एससीजी पर अपने खराब रिकॉर्ड को सुधारने की है। इस मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच हुए 14 मैचों में भारत सिर्फ एक बार जीत पाया है और वह भी वर्ष 2008 में।
इन दोनों टीमों के बीच अभी तक हुए 117 वन-डे में से ऑस्ट्रेलिया ने 67 और भारत ने 40 मैच जीते जबकि 10 मैच बेनतीजा रहे। इसी प्रकार इनके बीच विश्व कप में हुए 10 मैचों में से 7 मैच ऑस्ट्रेलिया ने और 3 मैच भारत ने जीते है। सिडनी में इनके बीच खेले गए 14 मैचों में से 12 मैच ऑस्ट्रेलिया ने और एक मैच भारत ने जीता है।
टीमें -
ऑस्ट्रेलिया : एरोन फिंच, डेविड वॉर्नर, स्टीवन स्मिथ, माइकल क्लार्क (कप्तान), शेन वॉटसन, ग्लेन मैक्सवेल, जेम्स फॉकनर, ब्रेड हैडिन, मिचेल जॉनसन, मिचेल स्टार्क और जोस हेजलवुड।
भारत : शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी।
मुफ्ती ने कहा, 'चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा अफस्पा'
जम्मू, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने सोमवार को कहा कि राज्य से चरणबद्ध तरीके
से अफस्पा हटाया जाएगा और ऐसा करने से पहले सेना को विश्वास में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में कुछ इलाकों
में सेना को विशेष अधिकार देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वहां पर शांति का माहौल है और सेना अपने ही राज्य में
निर्दोष लोगों को शक की नजर से नहीं देख सकती है। इसके साथ मुफ्ती ने कहा कि सुरक्षाबलों के कब्जे वाली जमीन भी वापस उनके मालिकों को दिलाई जाएगी।
विधान परिषद में राज्यपाल एनएन वोहरा के अभिभाषण पर हुई बहस का जबाव देते हुए हालांकि मुख्यमंत्री ने घोषित किए
जाने वाले शांत क्षेत्रों का नाम नहीं लिया। मासूम पर गोली चलाने पर सेना को भी जबावदेह होना पड़ेगा।
सुरक्षाबलों के कब्जे वाली जमीन वापस लेंगे
मुफ्ती ने कहा कि उनकी इच्छा है कि किसान सीमा के अंतिम छोर तक अपनी जमीन पर काम करें। इसलिए वह सभी
जमीन जो सुरक्षाबलों के कब्जे में है, वापस उनके मालिकों को दी जाएगी। पांच लाख कनाल से अधिक जमीन सेना के कब्जे में
है, जबकि लोग का दावा है कि उनकी आठ लाख कनाल जमीन है, जो सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखी है।
बिना दोस्ती किसी मसले का हल संभव नहीं
पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की वकालत करते हुए मुफ्ती ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पड़ोसी के साथ
बेहतर संबंधों के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया था, जो अब भी आवश्यक है। दोस्ती के बिना किसी भी मसले का हल संभव नहीं।
कश्मीर में फिर दिखी उम्मीद की किरण
मुफ्ती ने गठबंधन सरकार को एक ऐसा ऐतिहासिक अवसर बताया जो लोगों का सामूहिक विकास और शांति प्रदान करने के
लिए उन्हें मिला है। उन्होंने राज्य की मिलीजुली संस्कृति को देश-दुनिया के सामने लाने का संकल्प लेते हुए कहा कि आज से
67 वर्ष पहले महात्मा गांधी ने कश्मीर में उम्मीद की किरण देखी थी, वही उम्मीद अब एक बार फिर दिखाई दे रही है। मुफ्ती
ने पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों के मुद्दों पर भी बात की।
किसानों को मिलेगी 5 हजार रुपये पेंशन, पंजाब में बनेगा भगत सिंह कृषि इंस्टीट्यूट
नई दिल्ली। शहीद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हुसैनीवाला में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शहीदे आजम की स्मृति में पंजाब में शहीद भगत सिंह पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट फॉर हॉर्टीकल्चर रिसर्च एंड ट्रेनिंग की स्थापना की घोषणा की। साथ ही किसानों की समस्या और उनके भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उनके लिए पांच हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा भी की। पीएम ने आश्वासन दिया कि किसानों को जितनी मदद की जरूरत होगी, सरकार उन्हें सहायता देगी।
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी उनके साथ थे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों को केमिकल खेती काे दरकिनार कर फिर से पारंपरिक खेती की शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश की नदियों को जोड़कर हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम कर रही है। अपने भाषण में उन्होंने सॉएल हैल्थ कार्ड से लेकर समाजवाद के प्रणेता राम मनोहर लोहिया तक का जिक्र किया। लोहिया का आज जन्मदिन है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जब हम सभी देश के विकास के भागीदार बनेंगे तभी आजादी के इन दीवानों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सपना है कि जब 2022 में जब हम अमृत पर्व मनाएं उस वक्त देश में कोई परिवार ऐसा नहीं होना चाहिए जिसके पास अपना घर न हो, रोजगार न हो। उन्होंने इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी धरा को साफ-सुथरा बनाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश का पेट भरने का काम किया है। लेकिन आज यहां पर पानी की दिक्कत सिर उठा रही है। इस मौके पर उन्होंने लोगों को पानी बचाने का मंत्र भी दिया। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम आधुनिक कृषि कर देश को तरक्की की राह पर ले जाने का काम करें।
पंजाब के किसानों से पीएम ने कहा कि ज्यादा पैदावारी के मोह में पंजाब का किसान जरूरत से ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल कर रहा है। इसकी वजह से हमारी मिट्टी बर्बाद हो रही है। यदि ऐसा ही होता रहा तो एक समय आएगा जब पंजाब के साथ देश फिर से भुखमरी के कगार पर होगा। उन्होंने किसानों से एक बार फिर से पारंपरिक खेती का उपयोग करने का आह्वान किया। राममनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोहिया ने अपने युवावस्था में ही स्वच्छ भारत का मिशन चलाया था।
पीएम ने पेंशन योजना जिक्र करते हुए कहा कि किसानों का सिर्फ खेती से पेट नहीं भरता। हमने पीपीपी मॉडल के जरिये किसानों को पेंशन देने का फैसला किया है। 60 साल से ज्यादा उम्र के किसान पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के बच्चों को भी रोजगार मिलना चाहिए। हमने इसका प्रयास शुरू किया है। मोदी ने भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल की चर्चा करते हुए कहा कि आज किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। यह किसान और उनके परिवार के हित में है। वे विपक्ष के बहकावे में न आएं। उन्होंने हाल में बेमौसम बारिश से तबाह हुए फसलों को लेकर किसानों को अाश्वस्त किया कि केंद्र राज्य सरकार से मिलकर उनकी हर तरह से सहायता करेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार ने बर्बाद कर दिया। हमने ईमानदारी से नीतियां बनाई हैं और उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारा प्रयास है।
इससे पहले पीएम मोदी आज दोपहर पंजाब के फिरोजपुर में हुसैनीवाला पहुंचे। हुसैनीवाला में तीनों शहीदों की समाधि है। 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने देश के तीन महान सपूतों शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दे दी थी।अब मोदी शाम को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर मत्था टेकने जाएंगे। इसके बाद वह शहीदों को श्रद्धांजलि देने जालियांवाला बाग भी जाएंगे।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी सोमवार को पहली बार पंजाब का दौरा कर रहे हैं। 23 मार्च, 1931 को लाहौर में फांसी देने के बाद इन तीनों क्रांतिकारियों का का अंतिम संस्कार हुसैनीवाला में किया गया था।
सिडनी। क्रिकेट विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में आज मेजबान ऑस्ट्रेलिया का सामना टीम इंडिया से हो रहा है। सिडनी
क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में खेले जा रहे इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय
किया है। दोनों टीमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने खबर लिखे जाने तक 33 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 187 रन
बना लिए थे। क्रीज पर एरोन फिंच और स्टीवन स्मिथ मौजूद हैं और ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले झटके से उबारने की कोशिश
कर रहे हैं। इस बीच स्टीवन स्मिथ ने अपने विश्व कप करियर का पहला शतक पूरा कर लिया है। स्मिथ ने 89 गेंदों पर शतक
पूरा किया। उधर, दूसरे छोर पर एरोन फिंच ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे पहले उमेश यादव ने चौथे ओवर में डेविड वार्नर (12) को चलता कर भारत को पहली सफलता दिलाई थी।
टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती
टीम इंडिया की निगाहें इतिहास से टकराकर फाइनल में पहुंचने की है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच टीम इंडिया को ज्यादा मददगार साबित होने की उम्मीद है, लेकिन क्रिकेट के इन दो पावरहाऊस के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। इस मैच की विजेता टीम को 29 मार्च को फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करना है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इससे पहले छह बार विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है और उसे इस दौर में एक बार भी हार का सामना नहीं करना पड़ा है। टीम इंडिया के सामने दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के इस जबर्दस्त रिकॉर्ड को तोड़ने की चुनौती है।
एससीजी के रिकॉर्ड को सुधारना होगा
महेंद्र सिंह धौनी के धुरंधरों के सामने एक और मुख्य चुनौती एससीजी पर अपने खराब रिकॉर्ड को सुधारने की है। इस मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच हुए 14 मैचों में भारत सिर्फ एक बार जीत पाया है और वह भी वर्ष 2008 में।
महेंद्र सिंह धौनी के धुरंधरों के सामने एक और मुख्य चुनौती एससीजी पर अपने खराब रिकॉर्ड को सुधारने की है। इस मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच हुए 14 मैचों में भारत सिर्फ एक बार जीत पाया है और वह भी वर्ष 2008 में।
इन दोनों टीमों के बीच अभी तक हुए 117 वन-डे में से ऑस्ट्रेलिया ने 67 और भारत ने 40 मैच जीते जबकि 10 मैच बेनतीजा रहे। इसी प्रकार इनके बीच विश्व कप में हुए 10 मैचों में से 7 मैच ऑस्ट्रेलिया ने और 3 मैच भारत ने जीते है। सिडनी में इनके बीच खेले गए 14 मैचों में से 12 मैच ऑस्ट्रेलिया ने और एक मैच भारत ने जीता है।
टीमें -
ऑस्ट्रेलिया : एरोन फिंच, डेविड वॉर्नर, स्टीवन स्मिथ, माइकल क्लार्क (कप्तान), शेन वॉटसन, ग्लेन मैक्सवेल, जेम्स फॉकनर, ब्रेड हैडिन, मिचेल जॉनसन, मिचेल स्टार्क और जोस हेजलवुड।
ऑस्ट्रेलिया : एरोन फिंच, डेविड वॉर्नर, स्टीवन स्मिथ, माइकल क्लार्क (कप्तान), शेन वॉटसन, ग्लेन मैक्सवेल, जेम्स फॉकनर, ब्रेड हैडिन, मिचेल जॉनसन, मिचेल स्टार्क और जोस हेजलवुड।
भारत : शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी।
मुफ्ती ने कहा, 'चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा अफस्पा'
जम्मू, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने सोमवार को कहा कि राज्य से चरणबद्ध तरीके
से अफस्पा हटाया जाएगा और ऐसा करने से पहले सेना को विश्वास में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में कुछ इलाकों
में सेना को विशेष अधिकार देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वहां पर शांति का माहौल है और सेना अपने ही राज्य में
निर्दोष लोगों को शक की नजर से नहीं देख सकती है। इसके साथ मुफ्ती ने कहा कि सुरक्षाबलों के कब्जे वाली जमीन भी वापस उनके मालिकों को दिलाई जाएगी।
विधान परिषद में राज्यपाल एनएन वोहरा के अभिभाषण पर हुई बहस का जबाव देते हुए हालांकि मुख्यमंत्री ने घोषित किए
जाने वाले शांत क्षेत्रों का नाम नहीं लिया। मासूम पर गोली चलाने पर सेना को भी जबावदेह होना पड़ेगा।
सुरक्षाबलों के कब्जे वाली जमीन वापस लेंगे
मुफ्ती ने कहा कि उनकी इच्छा है कि किसान सीमा के अंतिम छोर तक अपनी जमीन पर काम करें। इसलिए वह सभी
जमीन जो सुरक्षाबलों के कब्जे में है, वापस उनके मालिकों को दी जाएगी। पांच लाख कनाल से अधिक जमीन सेना के कब्जे में
है, जबकि लोग का दावा है कि उनकी आठ लाख कनाल जमीन है, जो सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखी है।
बिना दोस्ती किसी मसले का हल संभव नहीं
पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की वकालत करते हुए मुफ्ती ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पड़ोसी के साथ
बेहतर संबंधों के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया था, जो अब भी आवश्यक है। दोस्ती के बिना किसी भी मसले का हल संभव नहीं।
कश्मीर में फिर दिखी उम्मीद की किरण
मुफ्ती ने गठबंधन सरकार को एक ऐसा ऐतिहासिक अवसर बताया जो लोगों का सामूहिक विकास और शांति प्रदान करने के
लिए उन्हें मिला है। उन्होंने राज्य की मिलीजुली संस्कृति को देश-दुनिया के सामने लाने का संकल्प लेते हुए कहा कि आज से
67 वर्ष पहले महात्मा गांधी ने कश्मीर में उम्मीद की किरण देखी थी, वही उम्मीद अब एक बार फिर दिखाई दे रही है। मुफ्ती
ने पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों के मुद्दों पर भी बात की।
किसानों को मिलेगी 5 हजार रुपये पेंशन, पंजाब में बनेगा भगत सिंह कृषि इंस्टीट्यूट
'आप' सांसद भगवंत मान ने दिया तलाक का आवेदन
मोहाली। आम आदमी पार्टी (आप) के संगरूर से सांसद व कॉमेडियन भगवंत मान अपनी पत्नी इंद्रप्रीत कौर से तलाक लेंगे।
दोनों शुक्रवार को मोहाली की विशेषष जिला अदालत में पहुंचे और सहमति से तलाक की अर्जी दायर की। अदालत ने उनकी
अर्जी पर सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने आखिरी फैसला लेने के लिए छह माह का वक्त दिया है।
भगवंत मान व इंद्रप्रीत शुक्रवार सुबह और दोनों एक ही कार में अदालत पहुंचे। शाम को बयान दर्ज करवाने के दौरान जज ने
उनसे तलाक का कारण पूछा और तलाक न लेने की सलाह भी दी।
इस पर भगवंत मान ने कहा कि उनकी पत्नी तलाक चाहती हैं। तलाकनामा दायर करते वक्त मान के चेहरे पर चिंता दिखी,
लेकिन उनकी पत्नी खुश नजर आ रही थीं। अदालत से बाहर आते वक्त मान ने बताया कि इंद्रप्रीत उनके दो बच्चों के साथ
अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहती हैं, जबकि वह पंजाब या दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में बहुत कम मिलना-जुलना होता है। मान
ने कहा कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद तलाक का फैसला लिया है।
गंगा सफाई पर पीएम ने बुलाई बैठक, पांच सीएम भी आएंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के महत्वाकांक्षी 'गंगा सफाई अभियान'
पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। 26 मार्च को यह बैठक होगी, जिसमें पीएम ने गंगा सफाई को लेकर
यूपी,पश्चिम बंगाल,बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया है।
संभवत: बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पश्चिम
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल होंगी। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री इन पांचों राज्यों में गंगा को
निर्मल बनाने के लिए शुरू किए गए कार्यो का ब्यौरा मुख्यमंत्रियों से लेंगे।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीएम की बैठक की तैयारियों के सिलसिले में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास
और गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव अनुज विश्नोई ने शुक्रवार को एक शीर्ष स्तरीय बैठक भी बुलाई थी। इस
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। जल
संसाधन सचिव ने अलग-अलग राज्यों में नमामि गंगे के तहत हुए कार्यो की समीक्षा की। किसी राज्य में
कितनी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे और उन पर कितना व्यय आएगा, इसकी जानकारी भी राज्यों
से ली
जम्मू-कश्मीर: कठुआ के बाद सांबा में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला
नई दिल्ली। जम्मू के सांबा सेक्टर में आतंकी हमला हुआ है। आतंकवादियों ने सांबा में स्थित आर्मी कैंप पर हमला किया है। आतंकियों ने आर्मी कैंप पर ग्रेनेड फेंके। यह आतंकी हमला सुबह करीब 5 बजकर 50 मिनट पर हुआ। खबर मिल रही है कि आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ खत्म हो गई है। उधर, आज से नवरात्र शुरू होने की वजह से वैष्णो देवी की यात्रा पर किसी आतंकी हमले से आशंका से निबटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदेश में दो दिनों में लगातार दो आतंकी हमले से लोग सशंकित हैं।
आतंकी जंगल की ओर भाग गए हैं। हालांकि सेना का ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। आतंकवादी हमले के चलते जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है। जम्मू के आइजी दानिश राणा घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। आतंकी हमले के बाद सांबा में आज सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने बताया, 'वे (आतंकवादी) अपने छोटे हथियारों से फायरिंग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें घेर लिया गया है और ऑपरेशन जारी है। अभी तक इस आतंकी हमले में कोई सेना का जवान या स्थानीय नागरिक घायल नहीं हुआ है। आतंकियों ने कैंप के भीतर घुसने की कोशिश नहीं की, उन्होंने बाहर से ही खड़े होकर फायरिंग शुरू की थी। हमें लगता है कि आतंकियों की संख्या दो हो सकती है।'
रक्षा विशेषज्ञ अजय साहनी का कहना है कि जम्मू के सांबा में हुए आतंकी हमले को सरकार की नाकामी करार नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के हमले पिछले काफी समय से लगातार हो रहे हैं। इसे आप सरकार की नाकामी नहीं कह सकते। वहीं यह भी कहना सही नहीं है कि मसर्रत आलम जैसे अलगाववादी को रिहा करने से आतंकी हमले बढ़ रहे हैं।'
गुरुवार को जम्मू के कठुआ में आतंकवादियों ने हमला किया था और आज सांबा सेक्टर में आतंकियों ने 81वीं आर्मर्ड रेजीमेंट के मेसार कैंप को निशाना बनाया है। आतंकियों ने यहां आर्मी कैंप पर ग्रेनेड फेंके। बताया जा रहा सुरक्षाबलों के जवाबी हमले के बाद आतंकी पीछे हट गए हैं। आतंकी जंगल की ओर भाग गए हैं। सेना ने जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी कर दिया है।
सांबा में आर्मी कैंप पर हमला सुबह करीब 5 बजकर 50 मिनट पर हुआ, जब लोग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। लोगों को आर्मी का सायरन सुनाई दिया जो संकेत था कि आतंकी हमला हुआ है। जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे में यह दूसरा आतंकी हमला है।
गुरुवार को आतंकियों ने जम्मू के कठुआ में पुलिस थाने पर हमला किया था। इस हमले में 3 पुलिसकर्मी और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। हालांकि सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को भी मार गिराया था।
कश्मीर मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर में अलग हो सकते हैं भाजपा-पीडीपी
नई दिल्ली। ऐसा लगता नहीं है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के गठबंधन से बनी सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस बात के संकेत दिए हैं। अमित शाह का कहना है कि यदि कश्मीर विवाद नहीं सुलझा तो भाजपा, पीडीपी का साथ छोड़ सकती है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पिछले दिनों कुछ ऐसे बयान दिए कि मोदी सरकार को संसद में सफाई देनी पड़ी। सईद साहब ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव होने के पीछे पाकिस्तान और हुर्रियत का महत्वपूर्ण योगदान बताया। लेकिन मोदी सरकार ने साफ कर दिया कि वह सईद साहब के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है।
इसके अलावा भी कई मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार और जम्मू-कश्मीर की सरकार अलग-अलग खड़ी दिखाई दे रही है। पिछले दिनों अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई पर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान पर भी भाजपा को पीडीपी के साथ गठबंधन पर विपक्षी दलों की आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संसद में स्पष्ट किया था कि मसर्रत आलम की रिहाई स्वीकार्य नहीं है।
बता दें कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनने के बाद ही भाजपा और पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर में सरकार का गठन किया था। लेकिन भाजपा नेताओं की पीडीपी के खिलाफ अपनाए जा रहे तल्ख रवैये से लगता नहीं कि मुफ्ती सरकार साझा कार्यक्रम का अनुसरण कर रही है।
नरानपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश की जनता ने हमें शिव शंकर की तरह आशीर्वाद दिया है। हमें बहुत महत्पूर्ण जिम्मेदारी दी है। भाजपा कभी भी सिर्फ जम्मू-कश्मीर में सरकार में बने रहने के लिए देश हितों से समझौता नहीं करेगी।'
फ्रांस-जर्मनी से काला धन लाने की कवायद, पीएम करेंगे दौरा
नई दिल्ली (जयप्रकाश रंजन)। विदेशों में भारतीयों के छिपाए काले धन को स्वदेश लाने की मुहिम को तेजी देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले महीने होने वाली फ्रांस और जर्मनी की यात्रा काफी अहम है। कुछ वर्षो से दोनों देशों के साथ भारत के कराधान संबंधी रिश्ते राजनीतिक बहस का मुद्दा बने हुए हैं।
यही वजह है कि पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान काले धन की रोकथाम के लिए दोनों देशों के साथ विशेष बातचीत करेंगे। पिछले हफ्ते ही अपनी मारीशस यात्रा के दौरान भी मोदी ने वहां काले धन पर सूचनाओं का बेहतर व सटीक तरीके से आदान-प्रदान करने के मुद्दे पर बातचीत की थी।
सूत्रों के मुताबिक पिछली संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान ही 33 देशों के साथ कर सूचना विनिमय संधि (टीआइईए) करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें फ्रांस और जर्मनी दोनों हैं। केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार इन दोनों सरकारों के साथ इस बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस संधि को काले धन से जुड़ी सूचनाओं और इन देशों में काला धन रखने वालों का नाम उजागर करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है। वैसे दोनों देशों के साथ भारत का द्विपक्षीय कराधान से बचने संबंधी समझौता (डीटीएए) है। लेकिन इससे भारत को अभी तक कुछ खास हासिल नहीं हुआ है।
पीएम मोदी अगले महीने जाएंगे फ्रांस और जर्मनी की यात्रा पर
पिछले वर्ष संसद में काले धन पर बहस के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाए थे कि उसके शासनकाल के दौरान वर्ष 1995 में जर्मनी के साथ जो डीटीएए किया गया था उसकी वजह से ही सरकार उन भारतीयों के नाम नहीं उजागर कर सकती। इन भारतीयों ने वहां पैसे जमा करा रखे हैं।
यह एक बड़ी वजह है कि जर्मनी के साथ मौजूदा डीटीएए को नए माहौल के मुताबिक बदलने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के बीच संप्रग के कार्यकाल के दौरान भी बातचीत हुई पर उसमें अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। जर्मनी की तरह फ्रांस भी पिछले कुछ समय से काले धन को लेकर काफी चर्चा में रहा है।
जब से फ्रांस स्थित एचएसबीसी बैंक की शाखा से काला धन रखने वाले ग्राहकों की सूची सार्वजनिक हुई है तभी से भारत व फ्रांस सरकार के बीच लगातार संपर्क बना है। पिछले वर्ष काले धन के मुद्दे पर राजग सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में फ्रांस सरकार के साथ हुए पत्राचार का पूरा ब्योरा दिया गया था। फ्रांस ने भी भारत को इस मुद्दे पर पर्याप्त समर्थन नहीं दिया है।
बिल को कैबिनेट की मंजूरी
काले धन पर अंकुश लगाने के इरादे से सरकार ने मंगलवार को नया कानून बनाने के लिए एक विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में काले धन पर बनने वाले कानून के मसौदे के अंतिम रूप पर मुहर लगा दी गई।
केंद्र इस विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में ही पेश करेगा। इस कानून के तहत काला धन रखने वाले व्यक्ति पर 300 प्रतिशत जुर्माना लगेगा तथा 10 साल की सजा होगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को हरी झंडी दी गई।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2015-16 पेश करते हुए काले धन पर अंकुश लगाने के लिए नया कानून बनाने का एलान किया था। जेटली ने मंगलवार को लोक सभा में आम बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए भी भ्रष्टाचार और काले धन पर अंकुश लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इसी सत्र में काले धन पर नियंत्रण के लिए विधेयक पेश करेगी। जेटली ने यह भी कहा कि भारत के शब्दकोश से अब भ्रष्टाचार शब्द खत्म हो रहा है। आम बजट पर 168 सदस्यों ने भाषण दिया, लेकिन एक भी सदस्य ने भ्रष्टाचार शब्द का जिक्र नहीं किया।
ये होंगे काले धन पर कानून के खास प्रावधान
विदेश में काला धन छुपाने पर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
टैक्स चोरी करने वालों पर 300 प्रतिशत जुर्माना
काला धन रखने वाले अपराधी को सेटलमेंट कमीशन में शरण नहीं मिलेगी
विदेशी संपत्ति के बारे में रिटर्न दाखिल न करने या अधूरा रिटर्न दाखिल करने पर सात साल का कारावास
विदेशी संपत्ति के स्वामी या उससे लाभ लेने वाले व्यक्ति को आय न होने पर भी रिटर्न दाखिल करना होगा
काला धन जमा करने के लिए उकसाने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई होगी
आयकर रिटर्न में बताना होगा, किस तारीख में खुला विदेशी बैंक में खाता
विदेशों में जमा संपत्ति के बराबर देश में संपत्ति को जब्त करने की शक्ति
कोर्ट की सख्ती पर पेश हुए केजरीवाल, सिसोदिया और योगेंद्र
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर चल रहे मानहानि केस की सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 2 मई की तारीख तय की है। कोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आप नेता योगेंद्र यादव कोर्ट में पेश हुए। तीनों को मानहानि के एक मामले में तलब किया गया था। सूचना है कि कोर्ट रूम में भारी भीड़ होने के कारण धक्का-मुक्की होई जिसमें योगेंद्र यादव कुर्सी से गिर गए।
इससे पहले मामले में एक माह पूर्व केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव को व्यस्तता के चलते पेशी से छूट दी गई थी। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मुनीष गर्ग ने कल केजरीवाल, सिसोदिया और योगेंद्र यादव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
पिछले साल 4 जून को समन के बाद अदालत में पेश होने के बाद इन लोगों को जमानत पर रिहा किया गया था।इसके बाद 11 फरवरी को अपना आदेश सुरक्षित रखने वाली अदालत ने आप के तीन नेताओं को निजी उपस्थिति से उस दिन के लिए छूट दी थी और उन्हें 17 मार्च को उसके सामने उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
कोर्ट में वकील सुरेंद्र कुमार शर्मा की तरफ से मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। शर्मा का आरोप है कि साल 2013 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें टिकट देने की बात कही थी, जिसके बाद उन्होंने पर्चा भी भर दिया था। लेकिन बाद में उनका टिकट वापस ले लिया गया। शर्मा का कहना है कि इसके बाद अखबारों से बात करते हुए इन नेताओं ने ऐसी भाषा इस्तेमाल की, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। केजरीवाल को शर्मा की शिकायत पर IPC की धारा 499, 500 मानहानि किए जाने के लिए जारी किया गया था।
कोर्ट में वकील सुरेंद्र कुमार शर्मा की तरफ से मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। शर्मा का आरोप है कि साल 2013 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें टिकट देने की बात कही थी, जिसके बाद उन्होंने पर्चा भी भर दिया था। लेकिन बाद में उनका टिकट वापस ले लिया गया। शर्मा का कहना है कि इसके बाद अखबारों से बात करते हुए इन नेताओं ने ऐसी भाषा इस्तेमाल की, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। केजरीवाल को शर्मा की शिकायत पर IPC की धारा 499, 500 मानहानि किए जाने के लिए जारी किया गया था।
भूमि अधिग्रहण पर आज राष्ट्रपति भवन मार्च करेंगी सोनिया
नई दिल्ली। सरकार के खिलाफ सोमवार को कामयाब प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस अब पार्टी अध्यक्ष की अगुवाई में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शिरकत करेंगे। इस मार्च में वाम दलों के साथ समूचा विपक्ष शामिल होगा। संसद के मौजूदा सत्र के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लेकर मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
शिवसेना भी झटका देगी
वही राजग घटक शिवसेना भी मोदी सरकार को जोर का झटका देने की तैयारी में है। सेना के सांसद इस मार्च से पहले या बाद में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर सकते हैं।
बिल पास नहीं होने देगी कांग्रेस
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने तय कर लिया कि मौजूदा सत्र में वह भूमि अधिग्रहण विधेयक को पास नहीं होने देगी। पार्टी की मंशा इस सत्र के बाद इसको लेकर जनता के बीच जाने की है। सत्र के दौरान आत्मचिंतन की छुट्टियों पर चल रहे राहुल की अगुवाई में कांग्रेस इस मुद्दे पर लंबे आंदोलन की तैयारी में है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में भट्टा परसौल से चलकर जंतर-मंतर व वहां से संसद घेरने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच तीखी नोक-झोक हुई।
पुलिस कार्रवाई को बर्बर कहा
पार्टी ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई को बर्बर करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पुलिस ने पार्टी के शांतिपूर्ण मार्च पर जो बर्बर कार्रवाई की है पार्टी इसकी भत्र्सना करती है। गौरतलब है कि इस संघर्ष में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
सोमवार रात को युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमङ्क्षरदर सिंह राजा वडिंग ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भेंट कर आंदोलन की जानकारी दी। गौरतलब है भूमि अधिग्रहण बिल पर संशोधन लोकसभा में पास हो चुके हैं। बिल में 9 नए संशोधनों को जगह दी गई है। वहीं राज्य सभा में सरकार के अल्पमत में होने के चलते सरकार को विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली आने के लिए बेंगलुरू एयरपोर्ट पहुंचे केजरीवाल
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज बेंगलुरु के जिंदल नेचरक्योर संस्थान से इलाज कराने के बाद लौट रहे हैं। वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। इससे पहले केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि अब वह पूरी तरह से ठीक हैं और घर लौटेने के लिए काफी उत्साहित हैं। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मैं दिल्ली जाने के लिए बहुत उत्साहित हूं। ताकि दिल्ली दिल्ली पहुंचकर दिल्लीवासियों के लिए काम कर पाऊं। केजरीवाल पिछले 11 दिनों से नेचुरोपैथी थेरेपी के जरिए मधुमेह और खांसी का इलाज करा रहे थे।
केजरीवाल इससे पहले 2 फरवरी 2012 को भी जिंदल नेयरक्योर संस्थान में समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ जा चुके हैं। केजरीवाल को यहां इलाज कराने से काफी फायदा हुआ है। उन्होंने बताया, 'मेरी खांसी गायब हो गई है और शुगर का अंडर कंट्रोल है। अब मैं तरोताजा और तंदुरुस्त महसूस कर रहा हूं। मेरा इलाज करने के लिए जिंदल संस्थान का मैं अभारी हूं।'
बेंगलुरु के जिंदल नेचरक्योर संस्थान में इलाज करा रखे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज लौट रहे हैं। केजरीवाल पिछले 11 दिनों से नेचुरो थेरेपी के जरिए मधुमेह और खांसी का इलाज करा रहे थे। अब केजरीवाल की तबीयत पहले से काफी बेहतर है। दिल्ली में केजरीवाल की जगह अभी उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कार्यभार संभाले हुए हैं।
केजरीवाल की खांसी ठीक हो गई है, उनका मधुमेह भी सामान्य हो गया है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि यहां भी उन्हें बेंगलुरु के जिंदल नेचरक्योर संस्थान के डॉक्टरों की सलाह के अनुसार ही भोजन लेना होगा। साथ ही उन्हें नियमित योगासन व प्राणायाम भी करना होगा। डॉक्टरों ने केजरीवाल को बताया है कि कौन-कौन सा योगासन व प्राणायाम उनके लिए फायदेमंद रहेगा। ताकि मधुमेह को नियंत्रित रखा जा सके। वे इनका नियमित अभ्यास भी कर रहे हैं।
केजरीवाल पांच मार्च को बेंगलुरु गए थे। अस्पताल के अनुसार उस वक्त खाली पेट उनका शुगर लेवल 300 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर था। इंसुलिन का इंजेक्शन भी काम नहीं कर रहा था। जांच में पता चला कि उनका मधुमेह अनियत्रित हो चुका है। इसके अलावा उन्हें वर्षो से खांसी भी थी। तब हाइड्रोथेरेपी, मसाज, मिट्टी लेपन व योगा थेरेपी से इलाज शुरू किया गया।
संस्थान की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबीना नंदकुमार ने बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते केजरीवाल की जीवनशैली बिगड़ चुकी थी। काफी तनाव भी था, खाने-पीने का समय ठीक नहीं था। इसके अलावा प्रदूषण की वजह से भी उन्हें दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने केजरीवाल को तनाव न लेने की सलाह दी है। हालांकि ऐसा लगता नहीं है कि आम आदमी पार्टी में चल रही उठापटक के बीच वह तनाव लेने से बच पाएंगे।
केजरी ने 21 विधायकों को दिया राज्य मंत्री का दर्जा, मचा बवाल
नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बना दिया है। दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में संसदीय सचिव बनाए गए हैं। इसे लेकर सरकार की आलोचना भी हो रही है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा तथा इससे गलत परंपरा की शुरुआत होगी। भाजपा ने इसे आप में चल रही अंदरूनी लड़ाई का नतीजा बताया है। उसका कहना है कि विधायकों को अपने साथ रखने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह फैसला किया है।
सरकार के इस फैसले से इन विधायकों को राज्य मंत्री का दर्जा मिल गया है। इससे क्षेत्र में इनका रुतबा भी बढ़ गया है, लेकिन, इससे भाजपा के तेवर चढ़ गए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय का कहना है कि यह फैसला कर दिल्ली सरकार ने अपने दोहरे मापदंडों का एक और प्रमाण दिया है।
सत्ता में आने के पूर्व आप नेता सरकारी खजाने पर कम से कम बोझ डालने और सरकारी काम में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जगह विशेषज्ञों को सम्मिलित करने की बात करते थे। लेकिन सत्ता में आने पर अपने विधायकों को प्रशासनिक सुख-सुविधाओं का लाभ देने के लिए ही थोक में संसदीय सचिव बनाए जा रहे हैं।
उपाध्याय का कहना है कि दिल्ली प्रशासन एक्ट में इस प्रकार संसदीय सचिव बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। दिल्ली में पहले कभी किसी सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में संसदीय सचिव मनोनीत नहीं किए।
तीन समुद्री देशों की यात्रा के बाद स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की पांच दिवसीय दौरे के बाद भारत वापस लौट आए।इस दौरान पीएम मोदी ने सेशेल्स,मॉरिशस और श्रीलंका की यात्रा की। मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लिट्टे के गढ़ रहे जाफना शहर का दौरा किया। कोलंबो से प्रधानमंत्री का विशेष विमान मध्य रात्रि लगभग साढ़े बारह बजे भारत पहुंचा।
साल 2013 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून के दौरे के बाद मोदी विश्व के दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने आतंकवाद ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने गृह युद्ध में अपना घर खो चुके तमिलों को 27 हजार नए घर दिए। 25 साल बाद किसी प्रधानमंत्री द्वारा श्रीलंका की यह पहली यात्रा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय है। मोदी ने कहा कि सभी को एक समान जीवन जीने और न्याय पाने का अधिकार है। यह बात उन्होंने विशेष तौर पर तमिलों के संदर्भ में कही। अपनी यात्रा के दौरान पीएम ने श्रीलंका की संसद को भी संबोधित किया। साथ ही श्रीलंका के शीर्ष नेताओं और राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना से कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
पांच दिनी दौरे के दौरान मोदी मंगलवार को सेशेल्स पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद वह मॉरीशस पहुंचे जहां उन्होंने कई नीतिगत मसलों पर चर्चा की। भारत और मॉरिशस के बीच पांच अहम समझौतो पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम ने इस दौरान मॉरीशस की राष्ट्रीय असेंबली को भी संबोधित किया। मॉरिशस में मोदी का भव्य स्वागत हुआ। अपने अंतिम पड़ाव के तहत श्रीलंका पहुंचे मोदी ने कोलंबो की यात्रा की। साथ ही उन्होंने श्रीलंका की प्राचीन राजधानी अनुराधापुरा, तलइमन्नार और जाफना का दौरा किया।
आज जाफना जाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बेघरों को सौंपेंगे घर
नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे के दूसरे दिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिट्टे का गढ़ रह चुके तमिल बहुल जाफना का दौरा करेंगे। मोदी जाफना जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के बाद जाफना का दौरा करने वाले दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होगे। कैमरन ने नवंबर 2013 में जाफना का दौरा किया था। तलाईमन्नार में प्रधानमंत्री मोदी ने तलाईमन्नार से मन्नार जाने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर लगभग एक बजे जाफना पहुंचेंगे जहां वे एक सांस्कृतिक केंद्र का शिलान्यास करेंगे।इसके बाद वे जाफना के गवर्नर द्वारा आयोजित भोज में शामिल होंगे। शाम को नरेंद्र मोदी भारत की मदद से बने घरों को लोगों को सौंपेंगे।
गौरतलब है कि जाफना के किरिमिलाई में भारत सरकार 50,000 घर बनवा रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जाफना में अब तक तैयार हो चुके 20 हजार घरों को लोगों को सौंपेंगे।
दक्षिण भारत की महिलाओं पर शरद यादव ने की बेहूदा टिप्पणी
नई दिल्ली। जेडीयू नेता शरद यादव ने शुक्रवार को राज्य सभा में बीमा बिल पर चर्चा के दौरान अचानक दक्षिण भारत की महिलाओं' की चर्चा छेड़ दी। यादव ने कहा कि दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली तो होती हैं, लेकिन उनकी बॉडी खूबसूरत होती है। यादव जब यह टिप्पणी कर रहे थे, तो अधिकतर सांसद विरोध जताने के बजाय हंस रहे थे।
शरद यादव ने बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश 26 से 49 फीसदी करने के प्रस्ताव को गोरी चमड़ी को लेकर भारतीयों की सनक से जोड़ दिया। इसके बाद वह दक्षिण भारतीय महिलाओं की चर्चा करने लगे। उन्होंने कहा, 'दक्षिण भारत की महिला जितनी ज्यादा खूबसूरत होती है, जितना ज्यादा उसका बॉडी.. जो पूरा देखने में.. यानी इतना हमारे यहां नहीं होती है.. वह नृत्य जानती हैं..।'
यादव ने आगे कहा कि भारतीय गोरी चम़़डी के आगे किस तरह सरेंडर करते हैं यह निर्भया डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली उडविन से पता चलता है। उन्होंने कहा, 'तिहाड़ जेल में डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली उडविन जहां-जहां घुसी होगी, जो मन में आया होगा वह उसने किया होगा। पूरा देश भी सरेंडर है और हर एक आदमी यहां मेट्रोमोनियल देखें तो गोरी-गोरी ढूंढ रहा है।'
पहले भी कर चुके विवादित टिप्पणी
बता दें कि शरद यादव ने पहली बार इस तरह की टिप्पणी नहीं की है। महिला आरक्षण विधेयक जब पहली बार संसद में रखा गया था तब शरद यादव ने कहा था कि इस विधेयक के जरिए क्या आप 'परकटी महिलाओं' को सदन में लाना चाहते हैं ? उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और आखिरकार शरद यादव को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था।
मोदी का श्रीलंका में भव्य स्वागत, रिश्तों की मजबूती पर होंगे अहम फैसले
कोलंबो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक श्रीलंका यात्रा के लिए आज सुबह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां राष्ट्रपति सचिवालय पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति सचिवालय में भारत-श्रीलंका प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जहां दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मसलों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी और निर्णय लिए जाएंगे।
इससे पूर्व सुबह श्रीलंका पहुंचे मोदी का शानदार स्वागत हुआ। श्रीलंकाई पीएम विक्रमसिंघे और संस्कृति मंत्री अर्जुन रणतुंगा ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री श्रीलंका के लिए गुरुवार रात मॉरीशस की राजधानी से रवाना हुए थे। हिंद महासागर के तीन द्वीपीय राष्ट्रों के अंतिम पड़ाव में वह श्रीलंका दौरे पर हैं।
पिछले 28 वर्ष में श्रीलंका की यात्रा पर पहुंचे पहले प्रधानमंत्री मोदी आज श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से शिखर वार्ता करेंगे । इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका की संसद को भी संबोधित करेंगे। जनवरी में राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभालने के बाद सिरीसेना अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत पिछले महीने भारत आए थे। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को और मजबूत करने के मौके के तौर पर देखी जा रही है।
पिछले 28 वर्ष में श्रीलंका की यात्रा पर पहुंचे पहले प्रधानमंत्री मोदी आज श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से शिखर वार्ता करेंगे । इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका की संसद को भी संबोधित करेंगे। जनवरी में राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभालने के बाद सिरीसेना अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत पिछले महीने भारत आए थे। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को और मजबूत करने के मौके के तौर पर देखी जा रही है।
क्या मोदी का दौरा ‘भारत-श्रीलंका संबंध’ सुधारेगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस सप्ताह श्रीलंका दौरे ने न केवल कोलंबो बल्कि तमिलनाडु में भी काफी आशाएं पैदा कर दी हैं। मोदी ने रविवार को ट्वीट किया था कि वह बहुत खुशी तथा विश्वास के साथ श्रीलंका के पहले दौरे पर जा रहे हैं कि इससे श्रीलंका के साथ भारत के संबंध हमारे लोगों के हित में और भी मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस सप्ताह श्रीलंका दौरे ने न केवल कोलंबो बल्कि तमिलनाडु में भी काफी आशाएं पैदा कर दी हैं। मोदी ने रविवार को ट्वीट किया था कि वह बहुत खुशी तथा विश्वास के साथ श्रीलंका के पहले दौरे पर जा रहे हैं कि इससे श्रीलंका के साथ भारत के संबंध हमारे लोगों के हित में और भी मजबूत होंगे।
तीन देशों की यात्रा शुरू करने से पहले जारी किए गए बयान में मोदी ने कहा था, ‘मैं इस यात्रा को हमारे संबंधों के सभी आयामों - राजनीतिक, सामरिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सर्वोपरि लोगों से लोगों का संपर्क - को और मजबूत बनाने के एक मौके के तौर पर देखता हूं।’
मनमोहन के समर्थन में सोनिया का 'दांडी मार्च'
नई दिल्ली । कांग्रेस ने ठीक 85 साल बाद 12 मार्च को एक और 'दांडी' मार्च किया। इस बार यह मार्च नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समर्थन में निकला। कभी पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव को अदालत के चक्कर काटने को छोड़ चुकी कांग्रेस अब कोयला घोटाले के आरोपी मनमोहन सिंह के लिए पूरी तैयारी से मैदान में उतर आई है।
पार्टी इतिहास में पहली बार किसी मामले में अदालत से समन पाए पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं के साथ पैदल यात्रा की। पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड पर सुबह सोनिया गांधी की अध्यक्षता में सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेसियों ने मनमोहन सिंह के आवास तक मार्च निकाला। इसमें सौ से ज्यादा पार्टी सांसद और सीडब्ल्यूसी के सदस्य शामिल हुए। मनमोहन की पैरवी के लिए सोनिया ने पार्टी नेता व कानूनी जानकारों में शुमार कपिल सिब्बल व पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार से भी बात की। जानकारी के मुताबिक, पार्टी ने तय किया है कि निचली अदालत के समन के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहां उनके मामले की पैरवी सिब्बल और राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी करेंगे। गौरतलब है कि तुलसी को मनमोहन सिंह ने ही राज्यसभा में मनोनित किया था।
पूर्व प्रधानमंत्री निर्दोष : सोनिया
मनमोहन सिंह के आवास पर पहुंची सोनिया ने कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री निर्दोष हैं और उनकी ईमानदारी शंका से परे है। हम यहां यह जताने आए हैं कि पूरी पार्टी उनके साथ है।' वहीं राज्यसभा में कांग्रेस उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि मनमोहन की पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, 'इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की खामोशी दुखद है। सीबीआइ सरकार का अंग है। सरकार को कहना चाहिए कि वह सीबीआइ रिपोर्ट के साथ है।'
मनमोहन पर राहुल मौन :
कोयला घोटाले में अदालत के समन पर उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के स्वास्थ्य लाभ के लिए संदेश भिजवाने वाले राहुल गांधी मनमोहन के मामले में मौन हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक, राहुल इस मसले पर पार्टी की रणनीति को सही नहीं मान रहे। उनका कहना है कि पूर्व पीएम की साख को पार्टी की साख से जोड़ने से राहुल सहमत नहीं हैं।
मनमोहन ने जताया आभार :
अपने आवास पर नेताओं के स्वागत में बाहर आए मनमोहन सिंह ने पार्टी को साथ में खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया। संसद में उन्होंने कहा कि 'मैं कांग्रेस अध्यक्ष और दूसरे नेताओं का आभारी हूं, जिन्होंने इस मामले में मुझसे एकजुटता दिखाई।'
बतौर सक्षम अधिकारी घेरे में मनमोहन :
2013 तालाबीरा-2 कोल ब्लॉक आवंटन की जांच के दौरान 16 अक्टूबर को दर्ज एफआइआर में 'सक्षम अधिकारी' के तौर पर हुए जिक्र ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को इस मामले में खींच लिया। फैसला लेने वाले 'सक्षम अधिकारी' शब्द को लेकर विपक्ष ने तत्कालीन पीएम पर उंगली उठाई तो उन्होंने खुद को इससे जोड़ते हुए आवंटन का बचाव किया। मनमोहन सिंह ने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने के लिए सीबीआइ की आलोचना भी की थी। नवंबर 2013 में सीबीआइ के एक कार्यक्रम में उन्होंने फैसले लेने में हुई गलती और अपराध को अलग बताया था।
गांधी बनाम गांधी का 'दांडी' मार्च
तारीख : 12 मार्च, 1930
नेतृत्व : महात्मा गांधी
कहां से कहां तक : साबरमती आश्रम से दांडी
दूरी : 358 किलोमीटर
अवधि : 24 दिन
कितने लोग : 78 स्वयंसेवकों के साथ निकले थे
उद्देश्य : अंग्रेजों के बनाए नमक कानून को तोड़ना
तारीख : 12 मार्च, 2015
नेतृत्व : सोनिया गांधी
कहां से कहां तक : नई दिल्ली में 24 अकबर रोड से 3-मोती लाल नेहरू मार्ग
दूरी : आधा किलोमीटर
अवधि : कुछ ही घंटा
कितने लोग : 100 से ज्यादा सांसद और सीडब्ल्यूसी के सदस्य
उद्देश्य : कोयला घोटाले में आरोपी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के प्रति समर्थन और एकजुटता
कोयला घोटाले में बतौर आरोपी पूर्व पीएम मनमोहन को समन
नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में एक विशेष अदालत ने अभियुक्त के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला समेत छह लोगों को समन जारी किया है। अदालत ने इन्हें आपराधिक षड्यंत्र रचने, विश्वास का उल्लंघन करने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत समन किया है। मनमोहन सिंह का कहा है कि वह जांच प्रक्रिया के लिए तैयार हैं। वहीं भाजपा नेता किरीट सोमैया का कहना है कि इस घोटाले के लिए जो कोई भी जिम्मेदार हो, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
कोर्ट द्वारा समन किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, 'मैं जांच प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहा हूं। निश्चित रूप से मुझे इससे परेशानी हुई है कि कोर्ट ने मुझे इस मामले में समन किया है, लेकिन कोई बात नहीं यह जीवन का एक हिस्सा है। मुझे यकीन है कि अब सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में अब मुझे तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।'
मनमोहन सिंह के अलावा कोर्ट ने पीसी पारेख, कुमार मंगलम बिड़ला समेत छह लोगों को कोल ब्लॉक आवंटन मामले में तलब किया है। इन सभी को विशेष कोर्ट के सामने 8 अप्रैल को पेश होना है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने मनमोहन सिंह को समन किए जाने पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा, 'कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। इसलिए मुझे हैरानी हो रही है कि उन्हें समन किया गया है।'
पूर्व प्रधानमंत्री को समन किए जाने पर भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, 'कोल ब्लॉक आवंटन में हुए घोटाले की जांच अदालत की पैनी नजरों के तहत होनी चाहिए। इस घोटाले के लिए जो कोई भी जिम्मेदार हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।'
वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बिल्कुल भी आलोचना नहीं की है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व सरकार ने अत्यंत पारदर्शिता बरती है, जांच में पूरा सहयोग किया है। कांग्रेस नेता व्यालार रवि का कहना है कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को समन किया जा सकता है, तो कह नहीं सकते कि देश में क्या होने वाला है।
उधर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, यह कोई बड़ी बात नहीं है। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ईमानदार शख्स थे, लेकिन जब ये घोटाला हुआ तो वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे।
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर कोल ब्लॉक आवंटन में हुई गड़बड़ी को कांग्रेस का घोटाला मानते हैं। उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस का घोटाला है। आज मनमोहन सिंह की इस स्थिति के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। यह बहुत बड़ा पाप है। यह कांग्रेस की काली करतूत है, जिसका खामियाजा मनमोहन सिंह को उठाना पड़ रहा है। मुझे पूरा यकीन है कि कांग्रेस की सहयोगी पार्टियां इसके बाद अपने रुख पर पुनर्विचार करेंगी।'
बता दें कि जब हिंडाल्को कोल ब्लॉक का आवंटन हुआ, तब मनमोहन सिंह ने कोयला मंत्री का कार्यभार संभाला हुआ था। उस समय कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर दो कोयला खदान आवंटित करने का अनुरोध किया था। इसलिए मनमोहन सिंह से पूछताछ कर मामले की कई कड़ी सामने आ सकती हैं। इसलिए पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई थी, कि उसने कोल आवंटन के मसले पर मनमोहन सिंह से पूछताछ क्यों नही की? सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद सीबीआई ने पूर्व पीएम से पूछताछ की थी।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हाल के दिनों में जिस तरह 1.10 लाख करोड़ रुपये में सिर्फ 19 कोयला खदानों की नीलामी हुई है, उससे कैग की रिपोर्ट सच साबित हो गई है। संप्रग सरकार के समय किए गए कोयला खदान आवंटन में कैग ने 1.86 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया था।
11 संशोधनों के साथ भूमि अधिग्रहण बिल लोकसभा में पास
नई दिल्ली। सरकार की तमाम कोशिशों और विपक्ष के विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में जमीन अधिग्रहण बिल पास हाे गया। हालांकि इसके लिए सरकार को बिल में 11 संशोधन करने पड़े तथा वोटिंग तक की नौबत आ गई। शुरुआत से ही विपक्ष इस बिल के खिलाफ थी और कांग्रेस ने तय किया था कि वह बिल के पक्ष में सरकार की तमाम दलीलों के बावजूद इसका पुरजोर विरोध करेगी।
विपक्ष और सहयोगी दलों की तरफ से भी पड़ रहे दबाव के चलते बिल पर केंद्र सरकार की और से नौ संशोधन करना पड़ा। इनमें सोशल इंफ़्रास्ट्रक्चर को 'मंज़ूरी न लेने वाले सेक्टर' से बाहर करने, केवल सरकारी संस्थाओं, निगमों के लिए ज़मीन का अधिग्रहण, राष्ट्रीय-राजमार्ग, रेलवे लाइन के दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर ज़मीन का अधिग्रहण संभव, किसानों को अपने ज़िले में शिकायत या अपील का अधिकार देने, औद्योगिक कॉरीडोर के लिए सीमित ज़मीन का अधिग्रहण होने, बंजर ज़मीनों का अलग से रिकॉर्ड रखने और विस्थापित परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी दिया जाना शामिल है। इसके बावजूद कांग्रेस नेता और सांसद पीएल पूनिया ने कहा है कि सरकार के ये संशोधन केवल दिखावे के हैं।
दरअसल, विपक्ष ने बिल में 50 से ज़्यादा संशोधन सुझाए हैं। इनमें भूमि अधिग्रहण की सीमा स्पष्ट करने, इस पर आने वाले प्रोजेक्ट में किसानों को मुआवज़े के साथ हिस्सेदारी देने, मुआवज़े को लेकर किसी विवाद की सूरत में सुनवाई के लिए एक समिति बनाने जैसे संशोधन शामिल हैं।
इससे पहले, कांग्रेस का मानना था कि इस तरह के संशोधनों के बावजूद यूपीए सरकार द्वारा पास कानून का महत्व खत्म जाएगा, इसके लिए वह सरकार से इसे लोकसभा में स्थायी समिति के पास भेजने की मांग करेगी ताकि वहां सभी दलों से सलाह कर इस बिल में दुरूस्त किया जा सके।
सरकार को इस बिल पर राज्यसभा में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यहां विरोधी दल कांग्रेस अपनी पूरी रणनीति के साथ तैयार है। वह इसे किसी भी कीमत पर पास नहीं होने देगी। राज्यसभा में कांग्रेस मांग करेगी कि इसे सलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। दरअसल, लोकसभा में जो काम स्थायी समिति के पास है, वही राज्यसभा में सलेक्ट कमेटी का होता है। उच्च सदन में सरकार के पास र्प्याप्त संख्याबल नहीं है, लिहाजा यहां बिल अटकना तय है।






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