भारत का पाक पर हमला: दुनिया जानती है, आतंकवाद को बढ़ावा कौन देता है
‘कांटा से कांटा निकालने’ संबंधी रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान पर पाकिस्तान की तल्ख टिप्पणी के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाक पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि सारी दुनिया जानती है कि आतंकवाद को बढ़ावा कौन दे रहा है।
रविवार को राजनाथ सिंह ने स्टेट बैंक आफ इंडिया के एक कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर ‘कांटे से कांटा निकालने’ के पर्रिकर के बयान पर पाकिस्तान द्वारा भारत पर आतंकवाद को बढावा देने की टिप्पणी पर कहा, 'सारी दुनिया जानती है कि आतंकवाद को बढ़ावा कौन दे रहा है।'
पाक खुद भी आतंकवाद का शिकार
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आतंकवाद को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। पाकिस्तान को दहशतगर्दों से निपटने में सहयोग देना चाहिए। उसे याद रखना चाहिए वह खुद भी इस समस्या का शिकार है।
फेक करेंसी से आतंकवाद को बढ़ावा
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि फर्जी मुद्रा के चलन को हर हाल में बन्द किया जाएगा क्योंकि इससे आतंकवाद को बढावा मिलता है। उन्होंने कहा कि फर्जी मुद्रा से न सिर्फ आतंकवाद को बढावा मिलता है बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था पर भी चोट पहुंचाती है।
सलमान खान ने मांगी दुबई जाने की इजाजत
मुबंई हिट एंड रन मामले में चल रही सुनवाई के बीच अभिनेता सलमान खान ने बांबे हाईकोर्ट से दुबई जाने के लिए अनुमति मांगी है। साल 2002 के केस की सुनवाई इस समय हाईकोर्ट में चल रही है।
उन्होंने हाईकोर्ट से विदेश जाने की यह अनुमति एक विशेष शो के लिए मांगी है जो इस माह के अंत में होगा। गौरतलब है कि 6 मई को सत्र न्यायालय ने सलमान खान को बहुचर्चित मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी।
आठ मई को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक सजा निलंबित कर सलमान को बेल दे दी थी। उस समय हाईकोई ने यह शर्त भी रखी थी कि अभिनेता को जब भी विदेश जाना हो तो इसकी अनुमति उसे कोर्ट से लेना होगी। सलमान की अपील पर सुनवाई अवकाशकालीन पीठ अगले सप्ताह कर सकती है।
शिवसेना का BJP पर कटाक्ष: 'बिंदास हो तंबाकू खाओ, कैंसर की फिक्र भगाओ'
मुंबई। शिवसेना ने मंगलवार को अहमदनगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिलीप एम. गांधी के उस बयान की आलोचना, जिसमें उन्होंने कैंसर और तंबाकू के बीच कोई संबंध नहीं होने की बात कही थी। पार्टी ने कहा कि इस बयान के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
शिवसेना की ओर से यह टिप्पणी दिलीप के पिछले सप्ताह दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तंबाकू को कैंसर की वजह मानना गलत होगा। उनके इस बयान ने भारत और दुनियाभर के चिकित्सा जगत को चौंका दिया था।
शिवसेना ने कहा है कि गांधी के उस दावे से दुनियाभर का चिकित्सा जगत हैरान है, 'जिसमें उन्होंने कहा था कि इसका कोई प्रमाण नहीं है कि कैंसर की वजह तंबाकू है और तंबाकू खाना पचाने में मददगार है।'
शिवसेना ने मंगलवार को पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा, 'यह मत पूछिए कि उन्होंने (दिलीप) इस बारे में कब या कैसे शोध किया, लेकिन उन्होंने गुटखा व तंबाकू लॉबी पर बहुत बड़ा एहसान किया है। वहीं, तंबाकू विरोधी कार्यकर्ताओं को आहत किया है।'
शिवसेना ने गांधी के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तंबाकू-रोधी अभियान शुरू किया है, जबकि दूसरी ओर उनकी पार्टी के सांसद लोगों के बीच 'बिंदास हो तंबाकू खाओ, कैंसर की फिक्र भगाओ' का प्रचार कर रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि मोदी ने पूरे देश की स्वच्छता का बीड़ा उठाया है, लेकिन उन्हें पहले उन लोगों पर नकेल कसनी चाहिए जो तंबाकू चबाकर सार्वजनिक जगहों पर यहां-वहां थूकते फिरते हैं।
शिवसेना की ओर से यह टिप्पणी दिलीप के पिछले सप्ताह दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तंबाकू को कैंसर की वजह मानना गलत होगा। उनके इस बयान ने भारत और दुनियाभर के चिकित्सा जगत को चौंका दिया था।
शिवसेना ने कहा है कि गांधी के उस दावे से दुनियाभर का चिकित्सा जगत हैरान है, 'जिसमें उन्होंने कहा था कि इसका कोई प्रमाण नहीं है कि कैंसर की वजह तंबाकू है और तंबाकू खाना पचाने में मददगार है।'
शिवसेना ने मंगलवार को पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा, 'यह मत पूछिए कि उन्होंने (दिलीप) इस बारे में कब या कैसे शोध किया, लेकिन उन्होंने गुटखा व तंबाकू लॉबी पर बहुत बड़ा एहसान किया है। वहीं, तंबाकू विरोधी कार्यकर्ताओं को आहत किया है।'
शिवसेना ने गांधी के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तंबाकू-रोधी अभियान शुरू किया है, जबकि दूसरी ओर उनकी पार्टी के सांसद लोगों के बीच 'बिंदास हो तंबाकू खाओ, कैंसर की फिक्र भगाओ' का प्रचार कर रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि मोदी ने पूरे देश की स्वच्छता का बीड़ा उठाया है, लेकिन उन्हें पहले उन लोगों पर नकेल कसनी चाहिए जो तंबाकू चबाकर सार्वजनिक जगहों पर यहां-वहां थूकते फिरते हैं।
"पड़ोसी देशों के साथ बेहतर साझेदारी का पक्षधर है भारत"
बैंकाक
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार पड़ोसी देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने की पक्षधर है।
थाईलैंड के दौरे पर आए डोभाल ने यहां के सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भारत के करीबी देशों में थाईलैंड प्राथमिकता की सूची में है और यह न केवल ऐतिहासिक और बढ़ते आर्थिक संबंधों की वजह से है बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद और समुद्री डकैती के खिलाफ संघर्ष में भी दोनों देश एक महत्वपूर्ण साझीदार हैं।
उन्होंने थाईलैंड के सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि भारत की सफलता की कहानी चर्चा का मुख्य केंद्र बिन्दु रहा।
उन्होंने कहा कि थाईलैंड भी इस कहानी को दुहरा सकता है क्योंकि यहां भी भारतीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व को लेकर लोगों में अपार जोश है।
मोदी सरकार से इन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी, नए चेहरों की होगी एंट्री!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार जल्द ही करने वाले हैं। यह विस्तार 20 अप्रैल से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले होना है। इस विस्तार में मोदी के मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। साथ ही जिसके काम से पीएम मोदी संतुष्ट नहीं है उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 अप्रैल से बेंगलूरू में शुरू हो रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद कभी भी मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। खबरों के मुताबिक अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला की मोदी सरकार से छुट्टी हो सकती है।
सहयोगियों को मिलेगी तवज्जो
मोदी कैबिनेट के दूसरे विस्तार में सहयोगियों को तवज्जो दी जाने की बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने वाली पीडीपी को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। साथ ही शिवसेना को भी सरकार में तवज्जो दी जाने की संभावाना है।
महबूबा मुफ्ती को मंत्रिमंडल में जगह
पीएम मोदी अपने मंत्रिमंडल में नए सहयोगी और जम्मू-कश्मीर के सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद को खुश कर सकते हैं। वह मुफ्ती की बेटी महबूबा मुफ्ती को मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं।
बजट सत्र के दूसरे सेशन की तैयारी
भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर विपक्ष का हमला झेल रही मोदी सरकार अब सदन में निपटने के लिए ठोस कदम उठाने का मन बना रही है। 20 अप्रैल से शुरू हो रहा सेशन सरकार के लिए बहुत कीमती है। इस सेशन में भूमि अधिग्रहण बिल राज्यसभा पेश होना है। बजट सत्र के पहले हिस्से में सरकार की काफी किरकिरी हो चुकी है। जिसके बाद सरकार विपक्ष को ऐसा कोई भी मौका नहीं देना चाहती है।
वॉट्सएप पर यूपीपीएससी पेपर हुआ लीक, परीक्षा रद्द
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) पेपर के लीक होने पर परीक्षा रद्द कर दी गई है।
खबर के अनुसार प्रदेश के 20 जिलों के 917 केन्द्रों पर यह परीक्षा होनी थी जिसे पेपर लीक होने की अफवाह के बीच रद्द कर दिया गया है। एग्जाम से करीब एक घंटे पहले खबर आई थी कि यूपीपीएससी के पेपर लीक हो चुके हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक एक पेपर की एक कॉपी के बदले परीक्षार्थियों से 5 लाख रुपये लिए गए थे। यूपी के डीजीपी ए.के. जैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'एग्जाम कैंसल कर दिया गया है।
जो लोग भी दोषी होंगे, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।' उन्होंने बताया कि पेपर वॉट्सऐप पर डिस्ट्रीब्यूट हो रहा था। उधर, परीक्षा रद्द होनी की खबर से नाराज छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि परीक्षा में 4.45 लाख छात्रों को हिस्सा लेना था।
खबर के अनुसार प्रदेश के 20 जिलों के 917 केन्द्रों पर यह परीक्षा होनी थी जिसे पेपर लीक होने की अफवाह के बीच रद्द कर दिया गया है। एग्जाम से करीब एक घंटे पहले खबर आई थी कि यूपीपीएससी के पेपर लीक हो चुके हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक एक पेपर की एक कॉपी के बदले परीक्षार्थियों से 5 लाख रुपये लिए गए थे। यूपी के डीजीपी ए.के. जैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'एग्जाम कैंसल कर दिया गया है।
जो लोग भी दोषी होंगे, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।' उन्होंने बताया कि पेपर वॉट्सऐप पर डिस्ट्रीब्यूट हो रहा था। उधर, परीक्षा रद्द होनी की खबर से नाराज छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि परीक्षा में 4.45 लाख छात्रों को हिस्सा लेना था।
मायकल क्लार्कचा 'वनडे'ला अलविदा
- सिडनी, दि. २८ - विश्वचषक स्पर्धेची अंतिम फेरी अवघ्या काही तासांवर आलेली असतानाच ऑस्ट्रेलियाला मोठा धक्का बसला आहे आणि त्याचे कारण आहे कर्णधार मायकेल क्लार्कचा वनडे क्रिकेटमधून निवृत्ती घेण्याचा निर्णय. उद्या (रविवार) पार पडणा-या विषश्वचषक स्पर्धेच्या अंतिम सामन्यानंतर मायकेल क्लार्क वनडे क्रिकेटला अलविदा करणार आहे. खुद्द क्लार्कनेच ही घोषण केली.'उद्या माझा शेवटचा वनडे सामना असेल. याबाबत मी माझे प्रशिक्षक आणि संघातील सहका-यांशी चर्चा केली आहे. ऑस्ट्रेलियातर्फे खेळायला मिळालं हे मी माझं भाग्य मानतो. पुढील विश्वचषकापर्यंत मी शारिरीकदृष्ट्या फिट असेन याची खात्री नाही, त्यामुळे निवृत्त होण्याची हीच योग्य वेळ आहे' असे सांगत क्लार्कने त्याच्या निवृत्तीचा निर्णय जाहीर केला.३३ वर्षीय मायकेल क्लार्कने २००३ साली आंतरराष्ट्रीय कारकिर्दीला सूरूवात केली असून आत्तापर्यंत त्याने २४४ वनडे सामने खेळले आहेत. चार वर्षांपूर्वी त्याच्याकडे ऑस्ट्रेलियाच्या कर्णधारपदाची धुरा सोपवण्यात आली होती. मात्र गेल्या काही काळापासून तो पाठीच्या दुखण्याने त्रस्त असून त्यामुळे भारताविरुद्धच्या कसोटीत मालिकेतही त्याला खेळता आले नव्हते. मात्र योग्य ते उपचार आणि परीश्रम घेऊन तो हा वर्ल्डकप खेळण्यास सज्ज झाला होता. पण त्या दुखण्याने पुन्हा उचल खाल्ल्यामुळे त्याने निवृत्तीचा निर्णय घेतल्याची शक्यता व्यक्त होत आहे.मायकेल क्लार्कची वनडे कारकीर्दवनडे सामने : २४४धावा : ७९०७शतके : ८अर्धशतक : ५७सर्वोच्च धावसंख्या : १३०
विकास पर केंद्रित होगा कनाडा, फ्रांस, जर्मनी का दौरा : मोदी
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनका आगामी कनाडा, फ्रांस और जर्मनी का दौरा भारत के आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के सृजन पर केंद्रित रहेगा। मोदी नौ अप्रेल को तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होंगे।
मोदी ने ट्वीट किया कि मेरा कनाडा, फ्रांस और जर्मनी का आगामी दौरा भारत के आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के सृजन पर केंद्रित रहेगा। पेरिस के दौरे पर हम भारत-फ्रांस आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा करेंगे और पेरिस के बाहर स्थित उच्च-तकनीक से लैस औद्योगिक इकाई का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जर्मनी में मैं और चांसलर एंजेला मर्केल हनोवर मेसे का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे, जिसमें भारत एक साझीदार देश है।
इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीवन हार्पर ने मोदी के इस उत्तरी अमरीकी देश के दौरे पर आने की पुष्टि की, जिस पर मोदी ने रिट्वीट किया।
मोदी ने लिखा कि हार्पर को धन्यवाद। कनाडा में आपसे शानदार मुलाकात होगी। कनाडा के साथ संबंध बढ़ाने तथा नेताओं, उद्योगपतियों और भारतीय प्रवासियों से मिलने का इंतजार कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नौ से 16 अप्रेल तक इन तीन देशों की यात्रा पर रहेंगे।
मोदी ने ट्वीट किया कि मेरा कनाडा, फ्रांस और जर्मनी का आगामी दौरा भारत के आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के सृजन पर केंद्रित रहेगा। पेरिस के दौरे पर हम भारत-फ्रांस आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा करेंगे और पेरिस के बाहर स्थित उच्च-तकनीक से लैस औद्योगिक इकाई का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जर्मनी में मैं और चांसलर एंजेला मर्केल हनोवर मेसे का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे, जिसमें भारत एक साझीदार देश है।
इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीवन हार्पर ने मोदी के इस उत्तरी अमरीकी देश के दौरे पर आने की पुष्टि की, जिस पर मोदी ने रिट्वीट किया।
मोदी ने लिखा कि हार्पर को धन्यवाद। कनाडा में आपसे शानदार मुलाकात होगी। कनाडा के साथ संबंध बढ़ाने तथा नेताओं, उद्योगपतियों और भारतीय प्रवासियों से मिलने का इंतजार कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नौ से 16 अप्रेल तक इन तीन देशों की यात्रा पर रहेंगे।
प्रशांत का खुलासा: 'डिक्टेटर' केजरीवाल बनाना चाहते थे अलग पार्टी
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी की लड़ाई शुक्रवार को खुलकर सामने आ गई। योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल और पार्टी के बारे में कई खुलासे किए।
प्रशांत ने बताया कि अरविंद की तरफ से बार-बार जोर दिया जा रहा है कि या तो ये लोग इस्तीफा दे दें या मैं (केजरीवाल) दिल्ली में अपने 67 विधायकों के साथ अलग पार्टी बना लूं।
डिक्टेटर की तरह है केजरीवाल
प्रशांत भूषण ने कहा कि केजरीवाल डिक्टेटर की तरह काम करता है। भूषण ने बताया कि केजरीवाल ने कहा था कि मैं संयोजक हूं, मेरा फैसला है कि कांग्रेस के साथ सरकार बनेगी। केजरीवाल हमारे साथ काम करने को तैयार नहीं हुए। हमसे बार-बार इस्तीफा मांगा जाता था। साथ ही इस्तीफे के लिए दबाव बनाया जाता था।
पार्टी से कभी इस्तीफा नहीं दिया
केजरीवाल पर हमला करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि केजरीवाल लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के समर्थन से दोबारा सरकार बनाना चाहते थे। योगेंद्र ने कहा कि संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय परिषद में संयोजक पर चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हमने कभी इस्तीफा दिया ही नहीं था। हमारी चिट्ठी को ही इस्तीफा मान लिया गया। यादव ने कहा कि केजरीवाल पार्टी के संयोजक रहें या न रहें ये कभी चर्चा का विषय नहीं रहा।
मांगे पूरी हो तो पार्टी छोड़ देंगे
प्रशांत भूषण ने कहा अरविंद कहता था कि मैं तो ऐसी पार्टी में रहता ही नहीं जहां मेरी न चलती हो। योगेंद्र यादव के मुताबिक, हमने अपने नोट में कहा था कि पांचों मुद्दों मे पार्टी न्यूनतम बातें स्वीकार कर लेती हैं तो हम सभी पद नहीं छोड़ेंगे। हमें इस बात का संतोष है कि हमारे बहाने चर्चा शुरू हुई और हम उम्मीद करते हैं।
डिक्टेटर की तरह है केजरीवाल
प्रशांत भूषण ने कहा कि केजरीवाल डिक्टेटर की तरह काम करता है। भूषण ने बताया कि केजरीवाल ने कहा था कि मैं संयोजक हूं, मेरा फैसला है कि कांग्रेस के साथ सरकार बनेगी। केजरीवाल हमारे साथ काम करने को तैयार नहीं हुए। हमसे बार-बार इस्तीफा मांगा जाता था। साथ ही इस्तीफे के लिए दबाव बनाया जाता था।
पार्टी से कभी इस्तीफा नहीं दिया
केजरीवाल पर हमला करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि केजरीवाल लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के समर्थन से दोबारा सरकार बनाना चाहते थे। योगेंद्र ने कहा कि संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय परिषद में संयोजक पर चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हमने कभी इस्तीफा दिया ही नहीं था। हमारी चिट्ठी को ही इस्तीफा मान लिया गया। यादव ने कहा कि केजरीवाल पार्टी के संयोजक रहें या न रहें ये कभी चर्चा का विषय नहीं रहा।
मांगे पूरी हो तो पार्टी छोड़ देंगे
प्रशांत भूषण ने कहा अरविंद कहता था कि मैं तो ऐसी पार्टी में रहता ही नहीं जहां मेरी न चलती हो। योगेंद्र यादव के मुताबिक, हमने अपने नोट में कहा था कि पांचों मुद्दों मे पार्टी न्यूनतम बातें स्वीकार कर लेती हैं तो हम सभी पद नहीं छोड़ेंगे। हमें इस बात का संतोष है कि हमारे बहाने चर्चा शुरू हुई और हम उम्मीद करते हैं।
उमेश यादव ने दिलाई भारत को दूसरी सफलता
सिडनी
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए समाचार लिखे जाने तक 33 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 181 रन बना लिए थे।
क्रीज पर आरोन फिंच (नाबाद 62 रन) और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 100 रन, 89 गेंद) मौजूद थे। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने ऑस्ट्रेलिया की ओर से सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर और आरोन फिंच उतरे।
डेविड वार्नर ने आक्रमक रूख अख्तियार किया और उमेश यादव की ओर से डाले गए दूसरे ओवर में एक छक्का और एक चौका जड़कर अपने इरादे जता दिए।
लेकिन उसके बाद चौथे ओवर की पहली गेंद पर उमेश यादव ने डेविड वार्नर को कवर में खड़े विराट कोहली के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका दिया।
टॉसः
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया के खिलाफ टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया।
भारतीय टीम की अगुआई महेंद्र सिहं धोनी जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान माइकल क्लार्क संभाल रहे हैं।
दोनों टीमें इस प्रकार है-
ऑस्ट्रेलिया- आरोन फिंच, डेविड वार्नर, स्टीवन स्मिथ, माइकल क्लार्क, शेन वाटसन, ग्लेन मैक्सवेल, जेम्स फॉकनर, ब्रैड हॉडिन (विकेटकीपर), मिशेल जॉनसन, मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड।
भारतः शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान, विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, मोहित शर्मा, उमेश यादव।
आखिर अब कोहली से धोनी को क्या है उम्मीद?
मेलबर्न
भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बचाव करते हुए उन्हें बड़े मैचों का खिलाड़ी बताया है।
धोनी ने विश्वकप के पिछले कुछ मैचों में बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे कोहली का बचाव करते हुए कहा ''मुझे नहीं लगता है कि कोहली खराब बल्लेबाजी कर रहे हैं या उनका शॉट चयन खराब है।
वह बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो अपना पसंदीदा शॉट खेलना पसंद करते हैं। उन्हें जब मौका मिलता है वह रन बनाते हैं। यह जरूरी तो नहीं है कि वह जब भी बल्लेबाजी करने उतरें तब शतक ही लगाएं।'
उन्होंने कहा ''कोहली लगातार अपने खेल में सुधार की कोशिश करते रहते हैं। बड़े खिलाड़ी हमेशा बड़े अवसरों पर ही रन बनाते हैं।'
विश्वकप के पहले मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ सैकड़ा जडऩे के बाद कोहली का बल्ला कमाल नहीं दिखा सका है और इसके बाद वह क्रमश: 46, 33(नाबाद), 33, 44(नाबाद), 38 तथा 3 रन ही बना सके हैं।
राजस्थान: भर्तियों का ढिंढोरा, अब भी खाली "कटोरा"
जयपुर चिकित्सा विभाग के विभिन्न संवर्गो में खाली पड़े करीब 73 हजार पद अभियान चलाकर तीन महीने में भरने की घोषणा 7 महीने में भी पूरी नहीं हुई है।
पिछले साल बजट के बाद अनुदान मांगों का जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में यह घोषणा की थी। इस दौरान जिला स्तर पर कमेटियां बनाकर तदर्थ संविदा आधार पर डॉक्टरों की भर्तियां की गइंü, लेकिन वे बमुश्किल दो हजार तक भी नहीं पहुंच सकी।
इसी तरह मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नर्सेज की भर्तियां कर करीब दो हजार पद भरे गए। फार्मासिस्टों की भी करीब 2100 भर्तियां की गई हंै। विभाग के सूत्रों के अनुसार घोष्ाणा के बाद अब तक सभी संवर्गो में मिलाकर यह आंकड़ा 10 हजार तक भी नहीं पहुंच पाया है।
366 डॉक्टर ही मिले
डॉक्टरों के अभी 25 से 30 फीसदी पद खाली हैं। जिला स्तर पर जो भर्तियां की गईं, उसमें भी विभाग को डॉक्टर नहीं मिले। विभाग के अनुसार 8 महीनों की मशक्कत के बाद 366 डॉक्टर संविदा आधार पर भर्ती किए जा सके। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश डॉक्टर सरकारी सेवा में आना ही नहीं चाहते।
कब होंगी भर्तियां
राजस्थान बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन ने नर्सेज की करीब 28 हजार भर्तियों में नर्स ग्रेड द्वितीय की 15,773 भर्तियों में कटौती का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष पवन मीना एवं सचिव माधोसिंह ने बताया कि 2013 में इन पदों की भर्तियों के लिए विज्ञप्ति निकाली गई जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट से इसकी एसएलपी वापस भी ले ली गई है, लेकिन भर्तियों का इंतजार अब भी है।
10 हजार की जरूरत
इस समय प्रदेश भर के नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्रों पर मात्र 1478 फार्मासिस्ट ही नियुक्त हैं जबकि इनमें करीब 10 हजार फार्मासिस्टों की जरूरत है। राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के आकलन के मुताबिक तो सभी केन्द्रों पर मिलाकर फार्मासिस्टों की संख्या 30 हजार होनी चाहिए। हाल ही 1271 फार्मासिस्ट पदों के लिए सत्यापन हुआ, ये पद अब कुछ दिनों में भरने की उम्मीद है।
परीक्षा भी नहीं ली
2013 की दूसरी छमाही में औष्ाधि नियंत्रण अधिकारियों के 21 पदों के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विवि ने भारी भरकम शुल्क के साथ आवेदन लिए। इसमें सामान्य अभ्यर्थियों से 3 हजार रूपए और आरक्षित वर्ग से 1500 रूपए का शुल्क लिया गया लेकिन अब तक परीक्षा तक नहीं ली जा सकी है।
इन संवर्गो में भी ये ही हाल
डॉक्टर, नर्सेज, फार्मासिस्ट के महत्वपूर्ण पदों के लिए सरकारी अस्पतालों में वार्ड ब्वॉय, ट्रॉलीमैन, पैरा मेडिकल स्टाफ, तकनीशियन के भी हजारों पद खाली हैं। इनके अलावा मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों का भी टोटा है।
ये है बानगी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक डॉक्टर वाली डिस्पेंसरियों में डॉक्टर के अवकाश के दिन कोई देखने वाला नहीं है, राजधानी जयपुर में ही करीब दो दर्जन डिस्पेंसरियों में ऎसे ही हाल रहते हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में चिकित्सक शिक्षकों के करीब 1500 पद खाली हैं।
ये हैं खाली पद
डॉक्टर 3 हजार
फार्मासिस्ट 10 हजार
नर्सेज 28 हजार
पैरामेडिकल,
तकनीशियन 20 हजार
मंत्रालयिक संवर्ग, वार्ड ब्वॉय, ट्रॉलीमैन आदि 12 हजार
प्रयास जारी हैं
366 डॉक्टरों की जिला स्तर पर भर्ती की गई है। आगे भी प्रयास जारी हैं। शेष्ा भर्तियों का काम चल रहा है। यह काम हमारे अतिरिक्त निदेशक प्रशासन देख रहे हैं।
बी.आर.मीणा, निदेशक जनस्वास्थ्य , चिकित्सा विभाग
पिछले साल बजट के बाद अनुदान मांगों का जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में यह घोषणा की थी। इस दौरान जिला स्तर पर कमेटियां बनाकर तदर्थ संविदा आधार पर डॉक्टरों की भर्तियां की गइंü, लेकिन वे बमुश्किल दो हजार तक भी नहीं पहुंच सकी।
इसी तरह मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नर्सेज की भर्तियां कर करीब दो हजार पद भरे गए। फार्मासिस्टों की भी करीब 2100 भर्तियां की गई हंै। विभाग के सूत्रों के अनुसार घोष्ाणा के बाद अब तक सभी संवर्गो में मिलाकर यह आंकड़ा 10 हजार तक भी नहीं पहुंच पाया है।
366 डॉक्टर ही मिले
डॉक्टरों के अभी 25 से 30 फीसदी पद खाली हैं। जिला स्तर पर जो भर्तियां की गईं, उसमें भी विभाग को डॉक्टर नहीं मिले। विभाग के अनुसार 8 महीनों की मशक्कत के बाद 366 डॉक्टर संविदा आधार पर भर्ती किए जा सके। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश डॉक्टर सरकारी सेवा में आना ही नहीं चाहते।
कब होंगी भर्तियां
राजस्थान बेरोजगार नर्सेज एसोसिएशन ने नर्सेज की करीब 28 हजार भर्तियों में नर्स ग्रेड द्वितीय की 15,773 भर्तियों में कटौती का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष पवन मीना एवं सचिव माधोसिंह ने बताया कि 2013 में इन पदों की भर्तियों के लिए विज्ञप्ति निकाली गई जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट से इसकी एसएलपी वापस भी ले ली गई है, लेकिन भर्तियों का इंतजार अब भी है।
10 हजार की जरूरत
इस समय प्रदेश भर के नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्रों पर मात्र 1478 फार्मासिस्ट ही नियुक्त हैं जबकि इनमें करीब 10 हजार फार्मासिस्टों की जरूरत है। राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के आकलन के मुताबिक तो सभी केन्द्रों पर मिलाकर फार्मासिस्टों की संख्या 30 हजार होनी चाहिए। हाल ही 1271 फार्मासिस्ट पदों के लिए सत्यापन हुआ, ये पद अब कुछ दिनों में भरने की उम्मीद है।
परीक्षा भी नहीं ली
2013 की दूसरी छमाही में औष्ाधि नियंत्रण अधिकारियों के 21 पदों के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विवि ने भारी भरकम शुल्क के साथ आवेदन लिए। इसमें सामान्य अभ्यर्थियों से 3 हजार रूपए और आरक्षित वर्ग से 1500 रूपए का शुल्क लिया गया लेकिन अब तक परीक्षा तक नहीं ली जा सकी है।
इन संवर्गो में भी ये ही हाल
डॉक्टर, नर्सेज, फार्मासिस्ट के महत्वपूर्ण पदों के लिए सरकारी अस्पतालों में वार्ड ब्वॉय, ट्रॉलीमैन, पैरा मेडिकल स्टाफ, तकनीशियन के भी हजारों पद खाली हैं। इनके अलावा मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों का भी टोटा है।
ये है बानगी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक डॉक्टर वाली डिस्पेंसरियों में डॉक्टर के अवकाश के दिन कोई देखने वाला नहीं है, राजधानी जयपुर में ही करीब दो दर्जन डिस्पेंसरियों में ऎसे ही हाल रहते हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में चिकित्सक शिक्षकों के करीब 1500 पद खाली हैं।
ये हैं खाली पद
डॉक्टर 3 हजार
फार्मासिस्ट 10 हजार
नर्सेज 28 हजार
पैरामेडिकल,
तकनीशियन 20 हजार
मंत्रालयिक संवर्ग, वार्ड ब्वॉय, ट्रॉलीमैन आदि 12 हजार
प्रयास जारी हैं
366 डॉक्टरों की जिला स्तर पर भर्ती की गई है। आगे भी प्रयास जारी हैं। शेष्ा भर्तियों का काम चल रहा है। यह काम हमारे अतिरिक्त निदेशक प्रशासन देख रहे हैं।
बी.आर.मीणा, निदेशक जनस्वास्थ्य , चिकित्सा विभाग
राजस्थान में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज, हुईं 359 मौतें
नई दिल्ली देश भर में पहली जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 27,886 हो गई है और इससे अब तक 1,587 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जयप्रकाश नड्डा ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस रोग से सर्वाधिक 6,093 मरीज राजस्थान में हैं जबकि गुजरात में 5,894 मरीज हैं तथा दिल्ली में 3,727 मरीज हैं। महाराष्ट्र में 3,004 तथा कर्नाटक में 1,991 एवं तेलंगाना में 1,925 मरीज हैं।
नड्डा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कारण सर्वाधिक 362 लोगों की मौत गुजरात में हुई जबकि 359 लोग राजस्थान में मरे हैं। महाराष्ट्र में 247 तथा मध्यप्रदेश में 219 लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, हरियाणा, हिमाचल, छत्तीसगढ़, ओडिशा में अभी स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम है और इन राज्यों में मृत्यु भी कम हुई है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार सभी राज्य सरकारों से स्वाइन फ्लू की स्थिति के बारे में संपर्क बनाए हुए है और उन्हें दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा केन्द्रीय टीमें भी तैनात की गई है। दवाइयों तथा उपकरणों के इमरजेंसी स्टॉक की भी निगरानी की जा रही है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जयप्रकाश नड्डा ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस रोग से सर्वाधिक 6,093 मरीज राजस्थान में हैं जबकि गुजरात में 5,894 मरीज हैं तथा दिल्ली में 3,727 मरीज हैं। महाराष्ट्र में 3,004 तथा कर्नाटक में 1,991 एवं तेलंगाना में 1,925 मरीज हैं।
नड्डा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कारण सर्वाधिक 362 लोगों की मौत गुजरात में हुई जबकि 359 लोग राजस्थान में मरे हैं। महाराष्ट्र में 247 तथा मध्यप्रदेश में 219 लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, हरियाणा, हिमाचल, छत्तीसगढ़, ओडिशा में अभी स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम है और इन राज्यों में मृत्यु भी कम हुई है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार सभी राज्य सरकारों से स्वाइन फ्लू की स्थिति के बारे में संपर्क बनाए हुए है और उन्हें दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा केन्द्रीय टीमें भी तैनात की गई है। दवाइयों तथा उपकरणों के इमरजेंसी स्टॉक की भी निगरानी की जा रही है।
हरियाणा में चर्च पर हमले के समर्थन में उतरी विहिप
विश्व हिंदू परिषद ने हरियाणा में हिसार के चर्च में तोड़फोड़ की घटना का समर्थन करते हुए पूछा है कि क्या ईसाई वेटिकन सिटी में हनुमान मंदिर के निर्माण की अनुमति देंगे।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, विहिप के संयुक्त सचिव सुरेंद्र जैन ने स्वतंत्रता के लिए 1857 की लड़ाई को धर्म के लिए युद्ध बताया और कहा कि अगर ईसाइयों ने धर्मातरण नहीं रोका तो ऎसे युद्ध किए जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि नदिया जिले में नन से गैंगरेप को सांप्रदायिक रंग देने के पीछे चर्च की साजिश है। उन्होंने कहा कि नन कायौन शोषण ईसाइयों की संस्कृति है, यह हिंदुओं की संस्कृति नहीं है।
जैन ने कहा कि नन से रेप को लेकर पोप काफी चिंतित हैं इसलिए इसे रोकने के लिए वे समलैंगिक यौन संबंध को बढ़ावा दे रहे हैं।
गौरतलब है कि हिसार के चर्च में तोड़फोड़ और नदिया जिले में नन से गैंगरेप के मामले में हिंदू समुहों के शामिल होेेने का आरोप लगा है। दोनों ही मामलों में विहिप ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
हिसार चर्च हमले पर उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया है। जहां चर्च पर हमला हुआ है उसके आस पास या उस गांव में कोई ईसाई नहीं रहता है। फिर वहां पर चर्च का निर्माण क्यों हो रहा है? क्या ईसाई हमलोगों को वेटिकन में हनुमान मंदिर बनाने देंगे? वे अगर इसकी अनुमति दें तो हम चर्च निर्माण के लिए भारत में कहीं भी जगह चुनने देंगे। उसके निर्माण के लिए आर्थिक मदद भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि चर्च निर्माण का उद्देश्य धर्मातरण है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी थी। लेकिन जब उन लोगों ने उसे अनसुना कर दिया तो स्थानीय लोगों को जो उचित लगा वैसा जवाब दिया।
महिलाओं के रंग रूप पर टिप्पणी, राज्यसभा में हंगामा
नई दिल्ली जनता दल (युनाइटेड) के सांसद शरद यादव द्वारा महिलाओं के रूप-रंग को लेकर की गई टिप्पणी पर सोमवार को राज्यसभा में हंगामा खड़ा हो गया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह मुद्दा उठाया और शरद से मांग की कि वह अपनी टिप्पणी वापस लें।
राज्यसभा में पिछले हफ्ते बीमा विधेयक पर चर्चा के दौरान जद (यू) नेता शरद ने गोरे रंग वालों के प्रति भारतीयों के जुनून पर टिप्पणी की थी और कहा था कि आपके भगवान रविशंकर प्रसाद जैसे सांवले हैं, लेकिन आपकी शादी के विज्ञापनों में गोरी वधू पर जोर दिया जाता है।
दक्षिण भारतीय महिलाओं के रंगरूप पर उन्होंने कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाओं का रंग काला होता है, लेकिन वे उतनी ही सुंदर होती हैं जितना कि उनका शरीर...हम इसे अपने यहां नहीं देखते हैं। उन्हें नृत्य आता है।
सदन में सोमवार को मुद्दा उठाते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दक्षिण भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी की गई, मेरा भी जिक्र किया गया, लेकिन मैं चुप रहा था। मैं स्वयं को उस टिप्पणी से अलग रखना चाहता हूं।
उन्होंने सदन के अध्यक्ष से आग्रह किया कि मैं उस टिप्पणी से पूरी तरह असंतुष्ट हूं। आप सदस्य से कहें कि वह अपनी टिप्पणी वापस लें।
अपने बयान पर सफाई देते हुए शरद यादव ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि भारत में और विश्व में बहुत-सी महिलाओं का रंग सांवला है। मैं इस मुद्दे पर किसी के भी साथ चर्चा कर सकता हूं, हम भारतीय संस्कृति के पक्ष में हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शरद यादव को तुरंत ही जवाब देते हुए कहा कि सदस्यों को महिलाओं के रंगरूप पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं आपके माध्यम (सदन के अध्यक्ष) से सम्माननीय सांसद से अपील करती हूं कि वह महिलाओं के रंगरूप के बारे में टिप्पणी न करें। आप (शरद यादव) तो एक वरिष्ठ सदस्य हैं, पूरे देश में एक बहुत गलत संदेश गया है।"
शरद यादव ने जवाब में कहा कि मैं आरोप का सख्ती से खंडन करता हूं। उन्होंने कहा कि गांधी से लेकर लोहिया तक मेरे पास सभी के रिकॉर्ड हैं कि महिलाओं के बारे में क्या-क्या कहा गया है। सांवली महिलाओं के लिए ढेर सारे संघर्ष किए गए हैं।
इसके जवाब में स्मृति ने कहा कि कृपया ऎसा न करें। गांधी और लोहिया का नाम लेते हुए महिलाओं पर टिप्पणी न करें। राज्यसभा के उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देंगे। वहीं विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह अधिक जटिल होता जाएगा।
राज्यसभा में पिछले हफ्ते बीमा विधेयक पर चर्चा के दौरान जद (यू) नेता शरद ने गोरे रंग वालों के प्रति भारतीयों के जुनून पर टिप्पणी की थी और कहा था कि आपके भगवान रविशंकर प्रसाद जैसे सांवले हैं, लेकिन आपकी शादी के विज्ञापनों में गोरी वधू पर जोर दिया जाता है।
दक्षिण भारतीय महिलाओं के रंगरूप पर उन्होंने कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाओं का रंग काला होता है, लेकिन वे उतनी ही सुंदर होती हैं जितना कि उनका शरीर...हम इसे अपने यहां नहीं देखते हैं। उन्हें नृत्य आता है।
सदन में सोमवार को मुद्दा उठाते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दक्षिण भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी की गई, मेरा भी जिक्र किया गया, लेकिन मैं चुप रहा था। मैं स्वयं को उस टिप्पणी से अलग रखना चाहता हूं।
उन्होंने सदन के अध्यक्ष से आग्रह किया कि मैं उस टिप्पणी से पूरी तरह असंतुष्ट हूं। आप सदस्य से कहें कि वह अपनी टिप्पणी वापस लें।
अपने बयान पर सफाई देते हुए शरद यादव ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि भारत में और विश्व में बहुत-सी महिलाओं का रंग सांवला है। मैं इस मुद्दे पर किसी के भी साथ चर्चा कर सकता हूं, हम भारतीय संस्कृति के पक्ष में हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शरद यादव को तुरंत ही जवाब देते हुए कहा कि सदस्यों को महिलाओं के रंगरूप पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं आपके माध्यम (सदन के अध्यक्ष) से सम्माननीय सांसद से अपील करती हूं कि वह महिलाओं के रंगरूप के बारे में टिप्पणी न करें। आप (शरद यादव) तो एक वरिष्ठ सदस्य हैं, पूरे देश में एक बहुत गलत संदेश गया है।"
शरद यादव ने जवाब में कहा कि मैं आरोप का सख्ती से खंडन करता हूं। उन्होंने कहा कि गांधी से लेकर लोहिया तक मेरे पास सभी के रिकॉर्ड हैं कि महिलाओं के बारे में क्या-क्या कहा गया है। सांवली महिलाओं के लिए ढेर सारे संघर्ष किए गए हैं।
इसके जवाब में स्मृति ने कहा कि कृपया ऎसा न करें। गांधी और लोहिया का नाम लेते हुए महिलाओं पर टिप्पणी न करें। राज्यसभा के उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देंगे। वहीं विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह अधिक जटिल होता जाएगा।
जयपुर में मेट्रो की करनी है सवारी तो जानें शिड्यूल
जयपुर मेट्रो सेवा का लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। अब इसकी शुरूआत होने में मात्र चंद दिन बाकी रह गए हैं।
मेट्रो के एमडी एनसी गोयल ने मेट्रो की टाइम टेबल की घोषणा कर दी है। 31 मार्च से मेट्रो सेवा की शुरुआत हो जाएगी। यह मानसरोवर से चांदपोल का सफर केवल 22 मिनट में तय करेगी। इसे सुबह 6:45 से रात 9 बजे तक चलाया जाएगा।
मेट्रो ट्रेन को मानसरोवर, न्यू आतिश मार्केट, विवेक विहार, श्याम नगर, राम नगर, सिविल लाइन, रेलवे स्टेशन, सिंधी कैंप से होती हुई, चांदपोल तक और चांदपोल से मानसरोवर तक चलाया जाएगा।
मेट्रो सेवा
स्टेशनों पर हर 10 से 15 मिनट में मिलेगी मेट्रो
मानसरोवर से चंदपोल के लिए 10 और 15 मिनट के अंतराल में 66 ट्रेनें चलाई जाएंगी, तो वहीं रविवार को हर 15 मिनट पर ट्रेन मिलेगी और 58 ट्रेनें चलेंगी।
चांदपोल से मानसरोवर के लिए रोजाना 10 से 15 मिनट के अंतराल में 65 ट्रेनें और रविवार को हर 15 मिनट में 57 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
ये है मेट्रो की टाइम टेबल स्पीड
न्यूनतम 30 किमी प्रति घंटा
अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा
पहली और अंतिम ट्रेन मानसरोवर से चांद पोल की ओर
मानसरोवर 06:45 सुबह और अंतिम रात 9:00 बजे
न्यू आतिश मार्केट 06:48 सुबह और अंतिम रात 9:03 बजे
विवेक नगर 06:51 सुबह व अंतिम रात 9:06 बजे
श्याम नगर 06:53 दिन और अंतिम रात 9:08 बजे
राम नगर 06:55 दिन और अंतिम रात 9:10 बजे
सिविल लाइन 06:58 दिन व अंतिम रात 9:13 बजे
रेलवे स्टेशन 07:01 दिन व अंतिम रात 9:16 बजे
केजरी के इस कदम से खजाने पर हर माह पड़ेगा 1 करोड़ का बोझ!
नई दिल्ली आम आदमी पार्टी(आप) की सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्ति किया। केंद्र में सत्तारूढ बीजेपी ने आप के इस कदम की कड़ी आलोचना की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी किए थे। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद नवनियुक्त सचिव अपना कार्यभार संभालेंगे।
सूत्रों के अनुसार सरकार के कामकाज को आसान करने के लिए इन सचिवों की नियुक्ति की गई है। आप के एक अधिकारी ने कहा कि संसदीय सचिवों को किसी प्रकार का वेतन अथवा भत्ता नहीं दिया जायेगा जिससे राजकोष पर अतिरिक्त भार पड़े। लेकिन सरकारी काम करने के लिए वे सरकारी वाहनों का उपयोग कर सकते हैं और मंत्रियों के कार्यालय में उनके दफ्तर के लिए जगह दी जाएगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने आप के इस कदम कि कड़ी आलोचना करते हुए कहा 'इससे पार्टी का दोहरा मापदंड सामने आता है। उसने पार्टी के अंतकलह को समाप्त करने के लिए मंत्रियों के संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है। सत्ता में आने से पहले यह पार्टी कहा करती थी कि वह राजकोष पर कम से कम भार डालेगी लेकिन सत्ता में आने के बाद यह देखर हैरानी होती है कि इतने विधायकों को केवल इसलिए संसदीय सचिव नियुक्त किया गया कि उन्हें विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
हाल में हुए दिल्ली विधान सभा चुनाव में भाजपा के विजयी तीन विधायकों में से एक विजेन्द्र गुप्ता ने इसकी आलोचना करते हुए उप राज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखा है। श्री गुप्ता ने आरोप लगाया कि इससे राजकोष पर प्रत्येक माह एक करोड पांच लाख रूपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी किए थे। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद नवनियुक्त सचिव अपना कार्यभार संभालेंगे।
सूत्रों के अनुसार सरकार के कामकाज को आसान करने के लिए इन सचिवों की नियुक्ति की गई है। आप के एक अधिकारी ने कहा कि संसदीय सचिवों को किसी प्रकार का वेतन अथवा भत्ता नहीं दिया जायेगा जिससे राजकोष पर अतिरिक्त भार पड़े। लेकिन सरकारी काम करने के लिए वे सरकारी वाहनों का उपयोग कर सकते हैं और मंत्रियों के कार्यालय में उनके दफ्तर के लिए जगह दी जाएगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने आप के इस कदम कि कड़ी आलोचना करते हुए कहा 'इससे पार्टी का दोहरा मापदंड सामने आता है। उसने पार्टी के अंतकलह को समाप्त करने के लिए मंत्रियों के संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है। सत्ता में आने से पहले यह पार्टी कहा करती थी कि वह राजकोष पर कम से कम भार डालेगी लेकिन सत्ता में आने के बाद यह देखर हैरानी होती है कि इतने विधायकों को केवल इसलिए संसदीय सचिव नियुक्त किया गया कि उन्हें विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
हाल में हुए दिल्ली विधान सभा चुनाव में भाजपा के विजयी तीन विधायकों में से एक विजेन्द्र गुप्ता ने इसकी आलोचना करते हुए उप राज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिखा है। श्री गुप्ता ने आरोप लगाया कि इससे राजकोष पर प्रत्येक माह एक करोड पांच लाख रूपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
पीएम मोदी होंगे जाफना जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री
कोलंबो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका की दो दिन की यात्रा के आखिरी दिन शनिवार को तमिल बहुल उत्तरी प्रांत जाफना की ऐतिहासिक यात्रा करेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली जाफना यात्रा होगी।
तीन साल तक चले लंबे गृहयुद्ध के दौरान बुरी तरह से प्रभावित हुए इस तमिल बहुल इलाके में मोदी की यात्रा का उद्देश्य श्रीलंका सरकार को यह संदेश देना है कि तमिलों के अधिकारों का मुद्दा भारत के लिए अहम है।
जाफना की यात्रा से पहले शुक्रवार को श्रीलंका की संसद को सम्बोधित करते हुए मोदी कहा कि शनिवार को आप की सरकार के पास समाज के सभी वर्गों का दिल जीतने और उनके जख्मों पर मरहम लगाने का एक ऐसा ऐतिहासिक मौका है ।
मोदी ने मैत्रीपाला सरकार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के समान अवसर मिलने, सम्मान से जीने ,पहचान तथा अधिकारों और दावों के मुद्दों का समाधान किये जाने की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे किसी देश में विविधता में एकता बनी रह सकती है।
मोदी ने उत्तरी प्रान्त को अधिक अधिकार देकर अधिकारेां का विक्रेन्द्रीकरण करने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि हम जब प्रान्तों, जिलों तथा गांवों को अधिक अधिकार देकर उन्हें प्रभावशाली बनाते हैं तो इससे देश अधिक शक्तिशाली बनता है।
उन्होंने कहा कि वह 13 वर्ष तक मुख्यमंत्री और एक वर्ष से भी कम समय से प्रधानमंत्री हैं किन्तु उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्यों को अधिक शक्तिशाली बनाने और सहकारी संघवाद लाने की है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्यों को अधिक अधिकार तथा अधिक संसाधन दे रही है और उन्हें राष्ट्रीय निर्णय की प्रक्रिया में भागेदार बना रही है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के हाल के चुनावेां से श्रीलंका का सामूहिक निर्णय सामने आया है और इससे परिवर्तन, मेल-मिलाप तथा एकता की देश की आवाज की अभिव्यक्ति हुई है।
हमें विश्वास है कि यहां की सरकार अपने तरीके से तमिलों के अधिकारों की समस्या का हल निकाल लेगी। मोदी ने शनिवार सुबह तमिल राजनीतिक पार्टियों तथा उनके नेताओं से भेंट की।
वसुंधरा के सिफारिश पर कांग्रेसी विधायकों का निलंबन रद्द
जयपुर
विधानसभा में लाठीचार्ज के मामले पर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कोशिश की। सीएम राजे ने शुक्रवार को विपक्ष के सदस्यों का निलंबन रद्द करने का निर्देश दिया। सीएम राजे ने मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर से कांग्रेस के 8 सदस्यों और एक निर्दलीय सदस्य का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपक्ष की ओर से सदन का बहिष्कार करना संसदीय गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने मुख्य सचेतक को प्रतिपक्ष के 9 सदस्यों का निलंबन रद्द करने की बात कही। सीएम राजे की इस पहल की विपक्ष ने मेज थपथपाकर सराहना की।
मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने प्रतिपक्ष के विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, विजेन्द्र ओला, रमेश मीना, धीरज गुर्जर, अशोक चांदना, श्रवण कुमार, गिर्राज सिंह मलिंगा सहित निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा। विस अध्यक्ष ने सदन को प्रस्ताव पढ़कर सुनाया और जवाब मांगा। सत्तापक्ष ने एक साथ हां बोलकर प्रतिपक्ष के सदस्यों का निलंबन रद्द करने को मंजूरी दी।
ये था मामला
केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट सहित विधायक अशोक चांदना और अन्य कांग्रेस नेता विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
विधायक अशोक चांदना विधानसभा पहुंचे और अपने कपड़े उतारकर पुलिस के लाठीचार्ज में लगी चोटों के निशान दिखाने लगे। प्रतिपक्ष ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए वैल में आ गए और अध्यक्ष के सामने नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया है और ना जाने विधायक कहां मार पिटकर आए है। जिसके विरोध में प्रतिपक्ष ने हो हल्ला मचाने लग गए। काफी समझाने के बाद अध्यक्ष ने सदन के प्रस्ताव पर कांग्रेस के 8 विधायकों सहित 1 निर्दलीय विधायक का निलंबन कर दिया था।
टोल प्लाजा से सचिन भी परेशान, सीएम को लिखा खत
नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुंबई में टोल प्लाजा की परेशानी को लेकर चिठ्ठी लिखी है।
सचिन ने चिठ्ठी में लिखा है ''शहर के विकास के साथ-साथ लोगों के शहर के दूसरे हिस्सों में आवागमन का सिलसिला बढ़ा है, खासकर थाणे और वासी से आने वाले लोगों की सेख्या में इजाफा हुआ है। इस रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा की संख्या पर एक बार फिर से ध्यान देने की जरूरत है। इन टोल नाकों से रास्ते में जाम, ईंधन की ज्यादा खपत, और प्रदूषण स्तर में बढ़ोत्तरी जैसी समस्याओं में ईजाफा हुआ है।''
सचिन ने टोल नाकों को चलाने ऑपरेटर्स को नई तकनीक अपनाने की सलाह दी है और कहा है कि मुंबई तकनीक को अपनाने में हमेशा आगे रहती है लेकिन यह दुखद है कि टोल नाकों पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री को टोल प्लाजा पर एंबुलेंस के लिए अलग गेट बनाने की भी सलाह दी और उम्मीद जताई कि सरकार उनके अनुरोध पर ध्यान देगी। बता दें कि सचिन ने ये चिट्ठी 20 फरवरी को लिखी थी, लेकिन शुक्रवार को यह सार्वजनिक की गई।
ज्यादा वेतन पाने वालों में 11वें नंबर पर हैं मोदी
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले नेताओं में 11वें नंबर पर हैं। एक अमरीकी चैनल ने एक आरटीआई के आधार पर मोदी का सालाना वेतन 19 लाख रुपए बताया है।
दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 13.75 लाख रुपए सालाना पाते हैं। वह भी तब है जबकि इसी साल वेतन में 60 फीसदी की वृद्धि की गई है। जिनपिंग दुनिया में 12वें नंबर पर हैं।
सबसे ऊपर बराक
सर्वाधिक वेतन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सबसे ऊपर हैं। उनको सालाना ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा वेतन मिलता है। 30 लाख रुपए अलग से मिलते हैं जो टैक्स फ्री खर्चे में आते हैं।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा (करीब 1.4 करोड़) चौथे नंबर पर हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन (करीब 85 लाख) आठवें नंबर हैं। ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ 75 लाख रुपए सालाना पाती हैं। वे 10वें नंबर पर हैं।
दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 13.75 लाख रुपए सालाना पाते हैं। वह भी तब है जबकि इसी साल वेतन में 60 फीसदी की वृद्धि की गई है। जिनपिंग दुनिया में 12वें नंबर पर हैं।
सबसे ऊपर बराक
सर्वाधिक वेतन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सबसे ऊपर हैं। उनको सालाना ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा वेतन मिलता है। 30 लाख रुपए अलग से मिलते हैं जो टैक्स फ्री खर्चे में आते हैं।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा (करीब 1.4 करोड़) चौथे नंबर पर हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन (करीब 85 लाख) आठवें नंबर हैं। ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ 75 लाख रुपए सालाना पाती हैं। वे 10वें नंबर पर हैं।
तय हुआ जयपुर मेट्रो का टाइम टेबल, 22 मिनट में तय करेगी पूरा सफर
जयपुर. मेट्रो प्रशासन ने मार्च के अंतिम सप्ताह तक मेट्रो के संचालन के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। किराया तय करने के बाद मंगलवार को मेट्रो प्रशासन ने टाइम टेबल जारी किया है। मेट्रो सुबह 6.45 से रात 9 बजे तक संचालित होगी।
मानसरोवर से चांदपोल का सफर 22 मिनट में तय किया जाएगा। इसमें 3.30
मिनट 9 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए ठहरेगी। यानी एक स्टेशन पर
यात्रियों के लिए मेट्रो 30 से 45 सैकंड ठहरेगी। मानसरोवर से चांदपोल के
लिए पहली ट्रेन मानसरोवर से 6.45 बजे रवाना होगी। चांदपोल से पहली ट्रेन
सुबह 7 बजे मानसरोवर के लिए रवाना होगी। मेट्रो का संचालन पीक और ऑफ पीक
अॉवर के हिसाब से किया जाएगा। पीक अॉवर में मेट्रो 10 मिनिट में और ऑफ पीक
में 15 मिनिट में हर स्टेशन पर मिलेगी।
दो सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलें तो तारीख भी तय हो
मेट्रो प्रशासन ने 31 मार्च से पहले मेट्रो के संचालन का दावा तो कर
रहे हैं, लेकिन इससे पहले मेट्रो प्रशासन को दो मुख्य सेफ्टी सर्टिफिकेट
लेने बाकी है। यहां से क्लियरेंस मिलने के बाद ही मेट्रो का संचालन हो
सकेगा। सर्टिफिकेट रेलवे बोर्ड और कमिश्नर मेट्रो सेफ्टी मुंबई से लेना है।
सर्टिफिकेट टीम ट्रैक और ट्रेन का निरीक्षण करने के बाद जारी करेगी। फिर
मेट्रो दौड़ पड़ेगी।
जानिए, किस स्टेशन से कितने बजे मिलेगी पहली मेट्रो
मानसरोवर6:45 बजे
न्यू आतिश मार्केट 6:48
विवेक विहार 6:51
श्याम नगर 6:53
राम नगर 6:55
सिविल लाइन 6:58
रेलवे स्टेशन 7:01
सिंधी कैंप 7:04
चांदपोल 7:07
न्यू आतिश मार्केट 6:48
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राम नगर 6:55
सिविल लाइन 6:58
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चांदपोल 7:07
सुबह 9 से 11 पीक ऑवर: मानसरोवर से चांदपोल का पीक अवर का समय सुबह
8.30 से 10.30 और शाम को 5 से 7 बजे का होगा। चांदपोल से मानसरोवर का पीक
अवर का समय सुबह 9 से 11 बजे और शाम 5.30 से 7.30 बजे होगा।
मल्लिका की डर्टी पॉलीटिक्स पहुंची सदन तक...
जयपुर
मल्लिका शेरावत की डर्टी पॉलीटिक्स मंगलवार को राजस्थान विधानसभा तक पहुंच गई। चौमूं विधायक रामलाल शर्मा ने शून्यकाल के दौरान डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म का मुद्दा उठाया।
उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा विधायक रामलाल ने कहा कि डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म में राजस्थान विधानसभा के सदन का दृश्य दिखाया गया है। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विधायक के मुद्दा उठाने के बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मामले को गंभीर बताया। उन्होंने सदन में जवाब दिया कि अगर डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म में सदन का दृश्य दिखाया गया है तो फिल्म देखने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म राजस्थान के एक नेता के आपत्तिजनक संबंधों पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन केसी बोकाडिया ने किया है। फिल्म में अभिनेत्री मल्लिका शेरावत और अभिनेता ओम पुरी मुख्य भूमिका में है।
ये फिल्म पिछले शुक्रवार को रिलीज की गई थी। डर्टी पॉलीटिक्स की रिलीज से पहले भी कई बार फिल्म के विषय पर विरोध उजागर हुआ था।
"आप को हराने की साजिश कर रहे थे योगेंद्र, भूषण"
नई दिल्ली/मुंबई
आम आदमी पार्टी (आप) के शीर्ष नेताओं में आंतरिक कलह की खबरों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता व संस्थापक सदस्यों में से एक प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से निष्कासित किए जाने के बाद आप के कुछ नेताओं ने मंगलवार को योगेंद्र और भूषण पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी को हराने की साजिश करने का आरोप लगाया।
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले आप नेताओं मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, पंकज गुप्ता और संजय सिंह ने मंगलवार को बयान जारी कर योगेंद्र और भूषण पर यह आरोप लगाया।
एक संयुक्त बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि चार मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (एनई) ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को राजनीति मामलों की समिति (पीएसी) से हटाने और उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपने का फैसला लिया।
बयान में कहा गया है कि जिस समय आप के सभी कार्यकर्ता पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और शांति भूषण की तिकड़ी पार्टी को हराने की कोशिशों में लगी हुई थी।""
बयान के मुताबिक कि पीएसी ने उन्हें हटाने की वजह का खुलासा नहीं किया था, क्योंकि इससे वरिष्ठ जोड़ी की साख प्रभावित हो सकती थी...लेकिन यह जो माहौल बनाया गया है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी अलोकतांत्रिक व गैर-जिम्मेदाराना है और आप कार्यकर्ताओं के मन में उठे सवालों की वजह से हम यह खुलासा करने के लिए मजबूर हो गए।
आप नेताओं की ओर से यह बयान पिछले सप्ताह मुंबई में पार्टी के वरिष्ठ नेता मयंक गांधी की ओर से अपने ब्लॉग में पीएसी से योगेंद्र व भूषण को हटाए जाने पर उठाए गए सवाल के बाद आया है। मयंक ने यह भी कहा था कि उन्हें उनके बयानों की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।
राजस्थान बजट: राज्य में मिलेगी Wi-Fi की सुविधा!
पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'डिजीटल इंडिया' के तहत राजस्थान सरकार ने भी 'डि़जीटल राजस्थान' योजना का प्रावधान बजट में किया है। इसके तहत प्रदेश की राजधानी जयपुर के कुछ क्षेत्रों में वाई-फाई की सुविधा होगी। साथ ही राज्य में 5 हजार की जगह 11 हजार ई-मित्र केंद्र खोले जाएंगे।
'डिजीटल राजस्थान' के तहत बजट पेश करते हुए सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि हमने बजट में राज्य की राजधानी जयपुर के कुछ इलाकों में वाई-फाई की सुविधा देने का प्रावधान किया है। साथ ही राज्य में टैक्स कलेक्शन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी।
ई-धरती कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा करते हुए वसुंधरा ने कहा कि राज्य की हर पंचायत पर ई-मित्र केंद्र खुलेगा। प्रदेश में 5 हजार की जगह 11 हजार ई-मित्र केंद्र होंगे। साथ ही अटल सेवा केन्द्रों पर मिनी एटीएम मशीन लगाई जाएंगी।
सीएम राजे के बजट से पहले सदन में हंगामा
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सोमवार सुबह 11 बजे राजस्थान का बजट पेश करने से पहले ही सदन में विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी ने कांग्रेस विधायक पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि बजट भाषण से पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लाठीचार्ज पर जांच आश्वसन दें नहीं तो कांग्रेस सदन से वॉकआउट करेगी।
इसके जवाब में गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा एक कमेटी लाठीचार्ज का फुटेज देख ले और पुलिस की गलती हैं तो मैं दंडित होने को तैयार हूं। लाठीजार्च को लेकर करीब 25 मिनट तक सदन में हंगामा किया। हांलाकि बाद में सीएम राजे ने बजट भाषण शुरू किया
गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण के विरोध में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिसमें प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, विधायक अशोक चांदना सहित कई कार्यकर्ताओं को चोंटे आई थी।
इसके बाद चांदना ने सदन में जाकर अपनी चोंटे दिखाई जिस पर कांग्रेस के सदस्य उत्तेजित हो गए वैल में आकर नारेबाजी करने लगे।
बार-बार समझाने के बावजूद भी जब कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर नहीं गए तो आसन मुख्य सचेतक के जरिए कांग्रेस के आठ और एक निर्दलीय विधायक को शेष सत्र की अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित करवा दिया।
बार-बार समझाने के बावजूद भी जब कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर नहीं गए तो आसन मुख्य सचेतक के जरिए कांग्रेस के आठ और एक निर्दलीय विधायक को शेष सत्र की अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित करवा दिया।
मयंक गांधी के बागी सुर, केजरीवाल पर किया हमला
नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी में मचे भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीएसी से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को निकाले जाने के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेता मयंक गांधी ने भी अपने ब्लॉग के जरिए पार्टी में जो कुछ चल रहा है उस पर कई खुलासे किए हैं।
मयंक गांधी ने बागी रूख अपना कर सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने साफ-साफ कह दिया था योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पीएसी में रहते हैं तो मैं काम नहीं कर पाऊंगा।
मयंक गांधी ने गुरूवार को ब्लॉग लिखकर यह भी कहा कि वह जानते हैं कि इस खुलासे से उन्हें भी इसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं, लेकिन वह इसके लिए तैयार हैं। दरअसल, बुधवार को हुई आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मयंक गांधी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने वोट नहीं किया।
ये लिखा ब्लॉग में
मयंक गांधी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मैं सिर्फ कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल था और ऎसे में वह आदेश मानकर मैं भी बेईमान बन जाऊंगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से है, इसलिए उन्हें चुनिंदा लीक और इधर-उधर के बयानों के बजाय सीधी जानकारी मिलनी चाहिए।
मैं मीटिंग के जानकारी को सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहता हूं। पिछली रात मुझे कहा गया था कि अगर मैंने बाहर कुछ कहा तो मेरे खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मेरी पहली निष्ठा सर्वोच्च सच के प्रति है। मैं प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को निकाले जाने का घटनाक्रम संक्षेप में बता रहा हूं और राष्ट्रीय कार्यकारिणी से आग्रह करता हूं कि मीटिंग का पूरा ब्योरा सामने लाया जाए।
उन्होंने बताया कि 26 तारीख को ही अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया था कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण अगर पीएसी में रहेंगे तो उनके लिए काम करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि बैठक में दो फॉर्मूले तय हुए थे। पीएसी को फिर से बनाया जाए और नए सदस्यों का चुनाव फिर से हो। प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव अपनी उम्मीदवारी नहीं रखेंगे।
पीएसी काम करती रहे, लेकिन दोनों बैठक में हिस्सा न लें। बीच में कुछ समय के लिए बैठक रूकी। मनीष और दूसरे लोगों ने दिल्ली टीम आशीष खेतान, दिलीप पांडे और आशुतोष से बात की। बैठक दोबारा शुरू हुई तो मनीष ने योगेंद्र और प्रशांत को हटाने का प्रस्ताव रखा। संजय सिंह ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
अंतत: सत्य सामने आ ही जाता है। वैसे मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे और प्रशांत को हटाना कोई बड़ी बात नहीं आप बढ़े ये जरूरी है। कार्यकारिणी में कोई सौदेबाजी नहीं हुई है।
स्मार्ट सिटी : अजमेर के लिए टास्कफोर्स गठित
नई दिल्ली इलाहाबाद, अजमेर और विशाखापत्तनम को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की ठोस योजनाबनाने के लिये शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने तीन अलग-अलग टास्कफोर्स गठित किए हैं।
इन टास्क फोर्स में शहरी विकास और विदेश मंत्रालयों, संबद्ध राज्य सरकार और शहरों तथा युनाइटेड स्टेट ट्रेड डेवलपेंट एजेंसी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। नायडू और अमरीका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्जकेर के बीच हाल में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप इनका गठन किया गया है।
अमरीकी संस्था और तीन शहरों के बीच सहयोग के लिए गत 25 जनवरी को एक करार पर हस्ताक्षर किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली अमरीका यात्रा तथा उस दौरान वहां के राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच हुई बातचीत में अमरीका ने इन तीनों शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में मदद करने की पेशकश की थी।
इन टास्क फोर्स में शहरी विकास और विदेश मंत्रालयों, संबद्ध राज्य सरकार और शहरों तथा युनाइटेड स्टेट ट्रेड डेवलपेंट एजेंसी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। नायडू और अमरीका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्जकेर के बीच हाल में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप इनका गठन किया गया है।
अमरीकी संस्था और तीन शहरों के बीच सहयोग के लिए गत 25 जनवरी को एक करार पर हस्ताक्षर किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली अमरीका यात्रा तथा उस दौरान वहां के राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच हुई बातचीत में अमरीका ने इन तीनों शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में मदद करने की पेशकश की थी।
"रियायतें चाहिए तो मुस्लिमों को गाना होगा वंदे मातरम्"
मुंबई
शिवसेना ने महाराष्ट्र में मराठियों की तर्ज पर मुस्लिम समुदाय को आरक्षण दिए जाने संबंधी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
शिवसेना ने कहा है कि मुस्लिम के तौर पर उन्हें विशेष छूट नहीं दी जा सकती। शिवसेना के मुख्यपत्र सामना में मंगलवार को प्रकाशित संपादकीय में शिवसेना ने यह टिप्पणी की है।
"विशेष रियायतों की मांग नहीं कर सकते"
संपादकीय में कहा गया कि यदि मुस्लिम इस देश से कुछ विशेष रियायतें चाहते हैं तो उन्हें इस देश को अपनी मातृभूमि मानने के साथ ही वंदे मातरम् भी गाना होगा।
संपादकीय में आगे लिखा गया है कि इस समुदाय के लोग अब तक धर्मान्धता में जकडे हुए हैं और वह समुदाय के नाम पर विशेष रियायतों की मांग नहीं कर सकते।
ओवैसी ने की थी आरक्षण की मांग
उल्लेखनीय है कि एआईएमआईएम के अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी ने गत रविवार को नागपुर में दिए भाषण में मुस्लिम समुदाय को भी मराठी लोगों के समान आरक्षण देने की मांग की थी।
जेडीए की बड़ी कार्रवाई, 37 बीघा जमीन करवाई मुक्त
जयपुर
जयपुर विकास प्राधिकरण ने सोमवार को वैशाली नगर में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोशन फार्म की साढ़े 37 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त करवाई। जेडीए प्रशासन ने रोशन फार्म में बने आधा दर्जन मैरिज गार्डनों पर बुलडोजर चला दिया।
इस दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए डेढ़ हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कार्रवाई के दौरान 7 मैरिज गार्डन, 45 दुकानों और 70 मकानों को तोड़ा गया। साथ ही शिव मंदिर से शिवलिंग बाहर निकाला गया।
वहीं एक व्यक्ति के दबने से मौत की अफवाह फैलने से नाराज लोगों ने जेडीए जेसीबी मशीन के कांच तोड़ दिए। बाद में जेडीए अधिकारियों ने लोगों को शांत किया।
जिला कलक्टर कृष्ण कुणाल, पुलिस कमिश्नर श्रीनिवास राव जंगा, जेडीए आयुक्त शिखर अग्रवाल और सचिव पवन अरोड़ा सहित दर्जनभर अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जेडीए टीम के साथ मौजूद डेढ़ हजार पुलिसकर्मियों को देखकर लोगों ने हल्का विरोध किया।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार वैशाली नगर स्थित रोशन फार्म में जेडीए की साढ़े 37 बीघा जमीन है, जिस पर आधा दर्जन मैरिज गार्डन बने हुए हैं। जेडीए ने महीनेभर पहले नोटिस देकर मैरिज गार्डन संचालकों को जगह खाली करने के लिए कहा।
लेकिन मैरिज गार्डन संचालक हाईकोर्ट चले गए और नोटिस पर स्टे ले आए। इसके बाद जेडीए ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा, तो बीते 27 फरवरी 2015 को फैसला जेडीए के पक्ष में आया।
इस पर जेडीए ने शुक्रवार को ही नोटिस जारी कर रविवार शाम तक साढ़े 37 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कह दिया। लेकिन यहां से अतिक्रमण नहीं हटने पर जेडीए ने भारी पुलिस जाप्ते के साथ सुबह कार्रवाई शुरू कर दी।
भूमि अधिग्रहण पर आज लोकसभा में हंगामें के आसार
दिल्ली रेल बजट और आम बजट के कारण विकास की तीखी आलोचना की शिकार मोदी सरकार के लिए संसद के बजट सत्र का दूसरा सप्ताह सरदर्द भी बन सकता है क्योंकि उसे छह अध्यादेशों के स्थान पर संशोधित विधेयक को पारित कराना है।
इनमें भूमि अधिग्रहण विधेयक सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। सोमवार को लोकसभा में जब इस विधेयक पर चर्चा होगी तो विपक्ष की ओर से हंगामा के आसार हैं।
इस बीच, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने हैदराबाद में आशा व्यक्त की है कि सोमवार को संसद में सभी राजनीति दल भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करेंगे।
नायडू ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भूमि अधिग्रहण के अलावा बीमा क्षेत्र, कोयला एवं खदान क्षेत्र से संबंधित अध्यादेशों के स्थान पर भी विधेयक पारित कराने हैं। भूमि अधिग्रहण विधेयक तो पेश हो चुका है। सोमवार को लोकसभा में अन्य विधेयक भी पेश होंगे।
इस बीच विपक्षी सदस्यों का कहना है कि वे भूमि अधिग्रहण तथा बीमा एवं कोयला एवं खदान विधेयक का विरोध करेंगे तथा किसानों तथा मजदूरों का हर छीनने नहीं देंगे।
कांग्रेस, जद(यू) , वामदल, शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, तृणमूल तथा सपा ने भी इन विधेयकों का विरोध करने का फैसला किया है। लेकिन सरकार इन दलों के नेताओं से मिलकर सर्वसम्मति से राय बनाने का अंतिम प्रयास भी कर रही है।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित भी हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रस्ताव पर बहस के जवाब में कहा है कि वह इस विधेयक में संशोधन करने के लिए तैयार हैं अगर उन्हें लगता है कि यह विधेयक किसानों के हितों के विरूद्ध है।
लोकसभा की कार्यसूची में सोमवार को मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2015 तथा कोयला खदान(विशेष प्रावधान) विधेयक 2015 भी पेश होगा जबकि तीन मार्च को बीमा निगम(संशोधन) अध्यादेश के स्थान पर विधेयक भी पेश होगा।
इसके अलावा लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2015 भी कम पेश होगा। राज्यसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस अभी अधूरी है ।
आज इस बहस के पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब होने की उम्मीद है। राज्यसभा में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को रोकने संबंधी विधेयक पारित हो चुका है।
जो पहले ही लोकसभा द्वारा पारित है। लेकिन लोकसभा में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2015 भी पारित कराना है जिसे राज्यसभा में पारित कर चुके है।
इनमें भूमि अधिग्रहण विधेयक सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। सोमवार को लोकसभा में जब इस विधेयक पर चर्चा होगी तो विपक्ष की ओर से हंगामा के आसार हैं।
इस बीच, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने हैदराबाद में आशा व्यक्त की है कि सोमवार को संसद में सभी राजनीति दल भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करेंगे।
नायडू ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भूमि अधिग्रहण के अलावा बीमा क्षेत्र, कोयला एवं खदान क्षेत्र से संबंधित अध्यादेशों के स्थान पर भी विधेयक पारित कराने हैं। भूमि अधिग्रहण विधेयक तो पेश हो चुका है। सोमवार को लोकसभा में अन्य विधेयक भी पेश होंगे।
इस बीच विपक्षी सदस्यों का कहना है कि वे भूमि अधिग्रहण तथा बीमा एवं कोयला एवं खदान विधेयक का विरोध करेंगे तथा किसानों तथा मजदूरों का हर छीनने नहीं देंगे।
कांग्रेस, जद(यू) , वामदल, शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, तृणमूल तथा सपा ने भी इन विधेयकों का विरोध करने का फैसला किया है। लेकिन सरकार इन दलों के नेताओं से मिलकर सर्वसम्मति से राय बनाने का अंतिम प्रयास भी कर रही है।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित भी हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रस्ताव पर बहस के जवाब में कहा है कि वह इस विधेयक में संशोधन करने के लिए तैयार हैं अगर उन्हें लगता है कि यह विधेयक किसानों के हितों के विरूद्ध है।
लोकसभा की कार्यसूची में सोमवार को मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2015 तथा कोयला खदान(विशेष प्रावधान) विधेयक 2015 भी पेश होगा जबकि तीन मार्च को बीमा निगम(संशोधन) अध्यादेश के स्थान पर विधेयक भी पेश होगा।
इसके अलावा लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2015 भी कम पेश होगा। राज्यसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस अभी अधूरी है ।
आज इस बहस के पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब होने की उम्मीद है। राज्यसभा में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को रोकने संबंधी विधेयक पारित हो चुका है।
जो पहले ही लोकसभा द्वारा पारित है। लेकिन लोकसभा में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2015 भी पारित कराना है जिसे राज्यसभा में पारित कर चुके है।
मोदी सरकार के खिलाफ आप का एलान, होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
मोदी सरकार की ओर से लाए गए भूमि अधिग्रहण बिल पर आम आदमी पार्टी जल्द ही राजस्थान सहित देशभर में आंदोलन शुरू करेगी।
यह बात आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र यादव ने रविवार को कही। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग हुई।
इसमें भूमि अधिग्रहण कानून पर देशभर में आंदोलन खड़ा करने पर सहमति बनी थी। क्योंकि इस तरह के कानून से किसानों से उनकी जमीनें छीनी जाएंगी जो स्वराज की अवधारणा के खिलाफ है। यह कानून गरीब और किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में आंदोलन की रूपरेखा बनाकर अध्यादेश की बातों को अंतिम इंसान तक पहुंचाएंगे।
चुनाव नहीं संगठन बनाएंगे
दिल्ली चुनाव में जीत के बाद कहा जा रहा था कि पार्टी अब कई राज्यों में भी चुनाव लड़ेगी लेकिन इस पर योगेन्द्र यादव ने कहा कि इस मामले में मीडिया में गलतफहमी पैदा हुई है।
हम चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन संगठन तो तैयार करेंगे। चुनाव लडऩे के बारे में सोच समझ कर रणनीति तैयार की जाएगी।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए योगेन्द्र ने कहा कि आम आदमी पार्टी का उदेश्य तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर देश के अंतिम आदमी तक पहुंचना है।
वहीं, पार्टी ने इस मौके पर राज्यभर से कार्यकर्ता बुलाए जिन्हें यादव ने Òवैकल्पिक राजनीति, दशा एवं दिशाÓ विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
वहीं, योगेन्द्र यादव ने पार्टी के लोकपाल द्वारा खुद को पीएसी से हटाए जाने पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि मैं पार्टी के अांतरिक लोकपाल के फैसले पर कुछ भी नहीं कह सकता।
आम बजट से बॉलीवुड बेहाल, Twitter पर कहीं 'मन की बात'
जयपुर
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश 2015-16 के आम बजट की आलोचना केवल विपक्षी पार्टियां ही नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी कर रहे हैं। स्टार्स का कहना हैं कि सरकार ने बजट में जो सर्विस टैक्स बढ़ाया है वो उनके लिए परेशान करने वाला है।
सोशल नेटवर्किंग साइट twitter पर इन स्टार्स ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आइए जानते है कि क्या कहना है इन सितारों का।
टि्वंकल खन्ना:
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्म एक्टर अक्षय कुमार की पत्नी टि्वंकल खन्ना ने ट्वीट करके कहा कि मैं इससे भई ज्यादा टैक्स का भुगतान कर सकती हूं लेकिन जब मैं स्कूल जाने वाले बच्चों की बात करूं तो दुख होता है कि उनकी कैंडी और रसना जैसी चीजों की कीमत सर्विस टैक्स बढ़ने से बढ़ जाएगी।
दिव्या दत्ता:
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या दत्ता ने बजट में सर्विस टैक्स के बढ़ जाने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि टैक्स में कमी की जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जो कि अच्छा नहीं है।
निर्माता-निर्देशक हंसल मेहता:
निर्माता-निर्देशक हंसल मेहता कहते हैं कि मनोरंजन कर टिकटों की कीमत बढ़ाते हैं और सर्विस टैक्स फिल्म के बजट को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि फिल्में पैसा कमाने के लिए नहीं होती हैं। लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
आम बजट: भाजपा ने सराहा, कांग्रेस ने नकारा
जयपुर लोकसभा में शनिवार को पेश आम बजट की मुख्यमंत्री व अन्य भाजपा नेताओं ने सराहना करते हुए इसे अर्थ व्यवस्था के विकास को गति देने वाला बताया है। वहीं कांग्रेस ने इसे निराशाजनक व आम आदमी पर करों का बोझ बढ़ाने वाला करार दिया।
कालेधन के विरुद्ध सख्त कानून लाने की घोषणा दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक : राजे
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि यह बजट देश की अर्थ व्यवस्था को विकास की पटरी पर पूरी गति देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
बजट में गरीबी उन्मूलन एवं युवाओं में रोजगार सृजन के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। एतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण के लिए कुम्भलगढ़ व प्रदेश के अन्य किलों के लिए बजट प्रावधान तथा राज्य में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फार्मास्यूटिकल एजूकेशन एण्ड रिसर्च की स्थापना की घोषणा का स्वागत किया।
राजे ने कहा कि बजट में कालेधन के विरुद्ध सख्त कानून लाने की घोषणा सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक है। राष्ट्रीय कौशल मिशन की स्थापना से रोजगार सृजित होने के साथ-साथ अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नव निर्माण और प्रगति को समर्पित : परनामी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि यह पहला आम बजट है जो राष्ट्र के नव निर्माण और प्रगति को समर्पित है।
यह बजट नए भारत की अपेक्षाओं को उल्लेखित करता है। सभी भारतीयों विशेषकर गरीबों व वंचितों के लिए इसमें बेहतरीन प्रावधान किए गए हैं।
बजट के जरिए सिस्टम में अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। वहीं, वरिष्ठ भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने बजट को आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
अच्छे दिनों की शुरुआत नहीं कही जा सकती : गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बजट में वादे ही वादे हैं, इसे अच्छे दिनों की शुरुआत तो नहीं कही जा सकती। अमीर और गरीब के बीच की खाई और बढ़ेगी।
अच्छे दिनों की उम्मीद लगाए बैठे आम आदमी के लिए यह बजट और निराश करने वाला साबित हुआ है।
सेवा शुल्क व उत्पाद शुल्क वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई : पायलट
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि आम बजट में सेवा शुल्क व उत्पाद शुल्क वृद्धि महंगाई बढ़ाएगी। आयकर में छूट नहीं दिया जाना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है। राजस्थान के लिए कोई नए निवेश या परियोजना की घोषणा नहीं होना राज्य की जनता को हतोत्साहित करने वाला है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष बी.डी.कल्ला ने कहा कि बजट गांव-गरीब, मजदूर-किसान व आम आदमी पर बोझ बढ़ाने वाला व कॉर्पोरेट जगत को सहूलियतें देने वाला है।
कालेधन के विरुद्ध सख्त कानून लाने की घोषणा दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक : राजे
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि यह बजट देश की अर्थ व्यवस्था को विकास की पटरी पर पूरी गति देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
बजट में गरीबी उन्मूलन एवं युवाओं में रोजगार सृजन के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। एतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण के लिए कुम्भलगढ़ व प्रदेश के अन्य किलों के लिए बजट प्रावधान तथा राज्य में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फार्मास्यूटिकल एजूकेशन एण्ड रिसर्च की स्थापना की घोषणा का स्वागत किया।
राजे ने कहा कि बजट में कालेधन के विरुद्ध सख्त कानून लाने की घोषणा सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रतीक है। राष्ट्रीय कौशल मिशन की स्थापना से रोजगार सृजित होने के साथ-साथ अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नव निर्माण और प्रगति को समर्पित : परनामी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि यह पहला आम बजट है जो राष्ट्र के नव निर्माण और प्रगति को समर्पित है।
यह बजट नए भारत की अपेक्षाओं को उल्लेखित करता है। सभी भारतीयों विशेषकर गरीबों व वंचितों के लिए इसमें बेहतरीन प्रावधान किए गए हैं।
बजट के जरिए सिस्टम में अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। वहीं, वरिष्ठ भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने बजट को आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
अच्छे दिनों की शुरुआत नहीं कही जा सकती : गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बजट में वादे ही वादे हैं, इसे अच्छे दिनों की शुरुआत तो नहीं कही जा सकती। अमीर और गरीब के बीच की खाई और बढ़ेगी।
अच्छे दिनों की उम्मीद लगाए बैठे आम आदमी के लिए यह बजट और निराश करने वाला साबित हुआ है।
सेवा शुल्क व उत्पाद शुल्क वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई : पायलट
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि आम बजट में सेवा शुल्क व उत्पाद शुल्क वृद्धि महंगाई बढ़ाएगी। आयकर में छूट नहीं दिया जाना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है। राजस्थान के लिए कोई नए निवेश या परियोजना की घोषणा नहीं होना राज्य की जनता को हतोत्साहित करने वाला है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष बी.डी.कल्ला ने कहा कि बजट गांव-गरीब, मजदूर-किसान व आम आदमी पर बोझ बढ़ाने वाला व कॉर्पोरेट जगत को सहूलियतें देने वाला है।
पीएम मोदी ने की बजट की तारीफ, विपक्ष हुआ हमलावर
नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज देश का वित्तीय वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश कर दिया है। बजट में इनकम टैक्स छूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट की तारीफ की है।
प्रगतिशील, सकरात्मक और व्यावहारिक बजट: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पेश हुए बजट को प्रगतिशील, सकरात्मक और व्यावहारिक बजट करार दिया है। पीएम मोदी ने बजट को 'सबका बजट' करार देते हुए twitter पर कहा कि ये हमारे समृद्ध भविष्य की ओर संकेत कर रहा है।
पीएम मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को प्रो-पुअर, प्रो- ग्रोथ, प्रो-मिडिल क्लास वाला बजट पेश करने पर बधाई दी है। साथ ही जन-धन योजना की सफलता पर खुशी जताई।
इरादे अच्छे लेकिन कोई रोडमैप नहीं
देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व के जाने-माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि 2015 बजट के इरादे तो अच्छे हैं लेकिन इनके के लिए कोई रोडमैप नहीं है।
बजट गरीबों और आम आदमी के अनुरूप नहीं
वहीं विपक्ष इस बजट को लेकर सरकार पर हमलावर है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आम बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये बजट गरीब और आम आदमी की आकांक्षओं के अनुरूप नहीं है।
बजट में बहुत किया जा सकता था
एनसीपी चीफ शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने बजट को निराशाजनक करार दिया। साथ ही कहा कि बजट में बहुत कुछ किया जा सकता था।
कॉरपोरेट और उद्योगपतियों का बजट
कांग्रेस की सीनियर लीडर और पूर्व रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बजट पूरी तरह से कॉरपोरेट और उद्योगपतियों के लिए है।
केवल वादों वाला बजट
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि यह केवल आयोग, समितियों और वादों का बजट है।
आम बजट: राजस्थान को जेटली से हैं ये 12 उम्मीदें
जयपुर वित्त मंत्री अरूण जेटली शनिवार को संसद में आम बजट पेश करेंगे। यह बजट देश के आर्थिक विकास की दशा और दिशा तय करेगा। पूरा देश इस बजट से उम्मीदें लगाए बैठा है।
राजस्थान में भी आम आदमी के साथ उद्योग और व्यापार जगत की निगाह इस बजट पर है। उम्मीद की जा रही है कि जेटली के पिटारे के प्रावधानों से प्रदेश के उद्योग और व्यापार को भी नई दिशा मिलेगी। Read more....
राजस्थान में भी आम आदमी के साथ उद्योग और व्यापार जगत की निगाह इस बजट पर है। उम्मीद की जा रही है कि जेटली के पिटारे के प्रावधानों से प्रदेश के उद्योग और व्यापार को भी नई दिशा मिलेगी। Read more....
बजट सत्र: अपनी ही सरकार के मंत्री को विधायक ने घेरा
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री को घेर लिया। विधायक ने केन्द्र सरकार से विभिन्न परियोजनाओं के लिए राज्य को प्राप्त राशि की जानकारी मांगी थी।
शाहपुरा से भाजपा विधायक राव राजेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री डॉ रामप्रताप से प्रश्न के माध्यम से जलसंसाधन विभाग से जुड़ी परियोजनाओं और उनके लिए केन्द्र की ओर से मिली राशि की जानकारी मांगी।
इस पर जल संसाधान मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार से राज्य को समय-समय पर विभिन्न परियोजनाओं के लिए राशि प्राप्त होती है। गत पांच वर्षों में आरआरआर योजना के अन्तर्गत 7.07 करोड़, एआईबीपी योजना के ततहत 202.872 करोड़ और टीएफस के अंतर्गत 101.50 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है।
जलसंसाधन मंत्री ने बताया कि ये सही नहीं है कि कई परियोजनाओं के लिए राज्य द्वारा उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी नहीं करने के चलते केन्द्र सरकार से अग्रिम राशि प्राप्त नहीं हो पाई है। इस पर विधायक राव राजेन्द्र सिंह ने कहा, मंत्रीजी आपको अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी केन्द्र सरकार के पोर्टल पर है। उन्होंने केन्द्र सरकार का पत्र भी सदन की मेज पर रखा जिसमें यूसी नहीं मिलने के चलते केन्द्र सरकार से सहायता नहीं मिल पाई है।
एमएलए ने बताया कि जलमणी योजना के अन्तर्गत बच्चों के लिए स्वच्छ पानी और फिल्टर उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार के 8 करोड़ 77 लाख रुपए का पैकेज दिया था। लेकिन पांच साल में सिर्फ 3 लाख रुपए ही खर्च हुए है।
मंत्री ने विधायक के सवाल के जवाब में कहा, मुझे जो सूचना उपलब्ध कराई गई है वो जानकारी मैंने सदन में दी है। अगर किसी अधिकरी ने गलत जानकारी दी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने प्रोजेक्ट को गति देने के लिए स्पेशल सेल का गठन करने की बात कही।
मुद्दे महत्वपूर्ण, नाम नहीं : मोदी
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के नाम, जैसे-स्वच्छ भारत मिशन महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। लोकसभा में विपक्ष को आडे हाथ लेते हुए मोदी ने कहा कि नाम नहीं, बल्कि मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
कांग्रेस व समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी पार्टियों ने दावा किया है कि मोदी द्वारा शुरू की गई अधिकांश योजनाएं पिछली सरकार की ही हैं और उन्हें नई शक्ल में पेश किया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मोदी चर्चा का जवाब दे रहे थे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता महिलाओं की गरिमा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। राष्ट्र निर्माण लोगों, उनकी ताकत और क्षमता से होता है।
कांग्रेस व समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी पार्टियों ने दावा किया है कि मोदी द्वारा शुरू की गई अधिकांश योजनाएं पिछली सरकार की ही हैं और उन्हें नई शक्ल में पेश किया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मोदी चर्चा का जवाब दे रहे थे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता महिलाओं की गरिमा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। राष्ट्र निर्माण लोगों, उनकी ताकत और क्षमता से होता है।
बजट सत्र में गूंजा फर्जी पट्टे और टीचरों की कमी का मामला
विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही हरिसिंह रावत के सवाल से शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरिसिंह रावत ने देवगढ़ और भीम में राजकीय महाविद्यालय को जमीन ओर उच्च संकाय वर्ग में टीचरों की कमी का प्रश्न किया।
इसके जवाब में मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि देवगढ़ और भीम में सरकारी कॉलेज के परिसर के लिए भूमि के लिए स्वायत्त शासन विभाग को लिखा गया है। सराफ ने बताया कि खाली पडे शिक्षकों के पदों पर अगले सत्र तक भर्ती की जाएगी।
मोहनलाल गुप्ता ने जयपुर जिले में जमीन धोखाधड़ी और फर्जी पट्टे का मामला उठाया। गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की राजधानी में सहकारी समितियों का गोरख धंधा चल रहा है। जमीनों के फर्जी पट्टे, बेक डेट में भी पट्टे जारी हो रहे है।
जिसके जवाब में मंत्री अजय सिंह ने जवाब दिया कि सहकारी समितियों के खिलाफ 6 माह के भीतर कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने गोरखधंधे का नाम लिया तो विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि गुरू गोरक्षनाथ के नाम से गोरख पड़ा, इसलिए गोरख को धंधा ना बनाया जाए।
ये कैसी रिपोर्ट ! 34 मौत वाला साल खराब, 245 वाला सबसे अच्छा
जयपुर प्रदेश में 6 साल में जितनी मौत नहीं हुई, इस वर्ष के शुरूआती 55 दिनों में ही उससे ज्यादा मौत स्वाइन फ्लू से हो गई, इसके बावजूद राज्य और केन्द्र सरकार खुद की पीठ थपथपा रही है।
प्रदेश में इस साल की अब तक 245 से अधिक हुई मौतों को नेशनल सेंटर फॉर डीजिज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीम ने खारिज करते हुए राज्य सरकार को क्लीन चिट दे दी है। टीम ने पिछले सालों की तुलना में प्रदेश की मृत्यु दर को कम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार के बेहतर प्रयासों से यहां मौतें कम हुई हैं।
इस टीम के आंकलन के हिसाब से राज्य में 2014 में 34 मौतें हुई, लेकिन मौत का प्रतिशत 52 फीसदी से अधिक था तो स्थितियां सबसे खराब थी। 18 मौत वाले साल 2011 को भी 46 प्रतिशत से अधिक मौत के ग्राफ के आधार पर खराब बताया गया है।
टीम के मुताबिक प्रदेश में इस साल 5126 पॉजीटिव मरीजों में से 245 की मौत हुई, जिसका प्रतिशत 4.7 है। हैरत की बात यह है कि इस टीम ने सिर्फ जयपुर और अलवर का ही भ्रमण कर अपनी रिपोर्ट एनसीडीसी और सीडीसी दिल्ली को भेज दी है।
पीठ थपथपाई
स्वाइन फ्लू को लेकर एनसीडीसी टीम ने प्रदेश के चिकित्सा मंत्री की भी पीठ थपथपाई है।
वेंटिलेटर पर गए तो मिली मौत
जानकारी के मुताबिक एसएमएस व अन्य अस्पतालों में जितनी मौतें हुई, उनमें से 90 फीसदी से अधिक वे मरीज हैं, जिन्हें वेंटिलेटर पर लिया जा चुका था। गैर-सरकारी सूत्रों के अनुसार वेंटिलेटर पर मौत का प्रतिशत तो 100 प्रतिशत है।
वायरस में नहीं बदलाव
इस बीच विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू वायरस में बदलाव और गंभीरता की पुणे की लैब में जांच करवाई गई। 26 मरीजों के नमूनों की जांच में वायरस में कोई बदलाव और गंभीरता नहीं पाई गई। इस रिपोर्ट के बाद विभाग ने सात मरीजों के नमूने दुबारा जांच के लिए पुणे भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट आना शेष्ा है।
वेंटिलेटर पर 100 प्रतिशत मौत
वेंटिलेटर को भले ही जीवन रक्षक कहा जाता हो, लेकिन एसएमएस अस्पताल में अब तक 65 मरीजों की वेंटिलेटर पर लिए जाने के बावजूद मौत हो चुकी है। यहां कुल 71 मरीजों की मौत हुई, जबकि 6 मरीजों ने वेंटिलेटर पर लिए जाने से पहले ही दम तोड़ दिया।
प्रदेश में इस साल की अब तक 245 से अधिक हुई मौतों को नेशनल सेंटर फॉर डीजिज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीम ने खारिज करते हुए राज्य सरकार को क्लीन चिट दे दी है। टीम ने पिछले सालों की तुलना में प्रदेश की मृत्यु दर को कम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार के बेहतर प्रयासों से यहां मौतें कम हुई हैं।
इस टीम के आंकलन के हिसाब से राज्य में 2014 में 34 मौतें हुई, लेकिन मौत का प्रतिशत 52 फीसदी से अधिक था तो स्थितियां सबसे खराब थी। 18 मौत वाले साल 2011 को भी 46 प्रतिशत से अधिक मौत के ग्राफ के आधार पर खराब बताया गया है।
टीम के मुताबिक प्रदेश में इस साल 5126 पॉजीटिव मरीजों में से 245 की मौत हुई, जिसका प्रतिशत 4.7 है। हैरत की बात यह है कि इस टीम ने सिर्फ जयपुर और अलवर का ही भ्रमण कर अपनी रिपोर्ट एनसीडीसी और सीडीसी दिल्ली को भेज दी है।
पीठ थपथपाई
स्वाइन फ्लू को लेकर एनसीडीसी टीम ने प्रदेश के चिकित्सा मंत्री की भी पीठ थपथपाई है।
वेंटिलेटर पर गए तो मिली मौत
जानकारी के मुताबिक एसएमएस व अन्य अस्पतालों में जितनी मौतें हुई, उनमें से 90 फीसदी से अधिक वे मरीज हैं, जिन्हें वेंटिलेटर पर लिया जा चुका था। गैर-सरकारी सूत्रों के अनुसार वेंटिलेटर पर मौत का प्रतिशत तो 100 प्रतिशत है।
वायरस में नहीं बदलाव
इस बीच विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू वायरस में बदलाव और गंभीरता की पुणे की लैब में जांच करवाई गई। 26 मरीजों के नमूनों की जांच में वायरस में कोई बदलाव और गंभीरता नहीं पाई गई। इस रिपोर्ट के बाद विभाग ने सात मरीजों के नमूने दुबारा जांच के लिए पुणे भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट आना शेष्ा है।
वेंटिलेटर पर 100 प्रतिशत मौत
वेंटिलेटर को भले ही जीवन रक्षक कहा जाता हो, लेकिन एसएमएस अस्पताल में अब तक 65 मरीजों की वेंटिलेटर पर लिए जाने के बावजूद मौत हो चुकी है। यहां कुल 71 मरीजों की मौत हुई, जबकि 6 मरीजों ने वेंटिलेटर पर लिए जाने से पहले ही दम तोड़ दिया।
वेंटिलेटर पर लिए जाने के बावजूद सभी मरीजों की मौत से विभाग की तैयारियों की पोल भी खुली है। एसएमएस में इस समय आईसीयू में 21 मरीज भर्ती हैं और 8 वेंटिलेटर पर हैं।
भूमि अधिग्रहण पर सरकार के तेवर तीखे
नई दिल्ली भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर केंद्र सरकार ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। सरकार ने अध्यादेशों को लेकर विपक्ष के हर आक्रमण का सामना करने का फैसला किया है।
गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री वैंकेया नायडू ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार अपने कदम से पीछे नहीं हटेगी और अध्यादेश पर अंतिम फैसला संसद में ही होगा।
नायडू ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार का किसी भी अध्यादेश पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। ये सभी अध्यादेश पेश किए जाएंगे और इन पर संसद में बहस होगी। वहीं पर अंतिम फैसला होगा।
अपनों को मनाने की कवायद
अध्यादेश पर राजग से ही शिवसेना, अकाली दल, शेतकारी संगठन, लोजपा और अपना दल ने अपना विरोध खुलकर सामने रखा है। दूसरी तरफ विपक्षी दलों में बीजद भी विरोध पर उतर आई है।
सरकार ने अपनों को मनाने की जिम्मेदारी वित्त मंत्री अरुण जेटली और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गैरों को साथ लाने का जिम्मा गृह मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्यमंत्री एम. वेंकैया नायडू को सौंपी है। राजनाथ सिंह तृणमूल कांग्रेस और बीजद सांसदों से चर्चा भी कर चुके हैं।
जेटली का पलटवार
जेटली ने गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपीए सरकार की ओर से लाए गए भूमि अधिग्रहण विधेयक से देश की महत्वपूर्ण सामरिक सूचनाएं गलत हाथों में जा सकती थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे 'ढांचाÓ और 'उद्योगÓ शब्द ही खराब लगने लगें। देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है, जबकि 60 प्रतिशत आबादी उस पर निर्भर है। हमारा प्रयास वहां से 20 से 30 प्रतिशत लोगों को अन्य क्षेत्रों से जोडऩे की है।
बनाई समिति
भाजपा ने पार्टी के सात नेताओं की एक समिति बनाकर इसे अध्यादेश के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। इनमें सांसद भूपेन्द्र सिंह, राम नारायण डूडी, हुकम देव नारायण, राकेश सिंह, संजय धोतरे और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल अग्रवाल शामिल हैं।
गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री वैंकेया नायडू ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार अपने कदम से पीछे नहीं हटेगी और अध्यादेश पर अंतिम फैसला संसद में ही होगा।
नायडू ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार का किसी भी अध्यादेश पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। ये सभी अध्यादेश पेश किए जाएंगे और इन पर संसद में बहस होगी। वहीं पर अंतिम फैसला होगा।
अपनों को मनाने की कवायद
अध्यादेश पर राजग से ही शिवसेना, अकाली दल, शेतकारी संगठन, लोजपा और अपना दल ने अपना विरोध खुलकर सामने रखा है। दूसरी तरफ विपक्षी दलों में बीजद भी विरोध पर उतर आई है।
सरकार ने अपनों को मनाने की जिम्मेदारी वित्त मंत्री अरुण जेटली और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गैरों को साथ लाने का जिम्मा गृह मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्यमंत्री एम. वेंकैया नायडू को सौंपी है। राजनाथ सिंह तृणमूल कांग्रेस और बीजद सांसदों से चर्चा भी कर चुके हैं।
जेटली का पलटवार
जेटली ने गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपीए सरकार की ओर से लाए गए भूमि अधिग्रहण विधेयक से देश की महत्वपूर्ण सामरिक सूचनाएं गलत हाथों में जा सकती थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे 'ढांचाÓ और 'उद्योगÓ शब्द ही खराब लगने लगें। देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है, जबकि 60 प्रतिशत आबादी उस पर निर्भर है। हमारा प्रयास वहां से 20 से 30 प्रतिशत लोगों को अन्य क्षेत्रों से जोडऩे की है।
बनाई समिति
भाजपा ने पार्टी के सात नेताओं की एक समिति बनाकर इसे अध्यादेश के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। इनमें सांसद भूपेन्द्र सिंह, राम नारायण डूडी, हुकम देव नारायण, राकेश सिंह, संजय धोतरे और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल अग्रवाल शामिल हैं।
कंपनियों के नाम पर होंगे ट्रेनों-स्टेशनों के नाम
जयपुर
केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने न केवल आम जनता के लिए रेलवे की मूलभूत सुविधाओं को सुधारने का वादा किया है बल्कि रेलवे का राजस्व बढ़ाने के लिए भी एक अनोखा कदम उठाया है।
रेलमंत्री ने गुरुवार को बजट पेश करते हुए कहा कि रेलवे का राजस्व बढ़ाने के लिए कंपनियों के नाम पर स्टेशनों और रेल गाडिय़ों के नाम रखे जा सकेंगे। इससे भारतीय रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, जिस कंपनी के नाम पर ट्रेन या स्टेशन के नाम होंगे उन कंपनियों को रेलवे को भुगतान करना होगा।
इससे पहले इस तरह की योजना दिल्ली में दौड़ रही मैट्रो पर क्रियांवित होते देखा गया है। जहां मैट्रो स्टेशनों और मैट्रो गाडिय़ों पर कंपनियों के विज्ञापन लगाकर राजस्व सृजित किया जा रहा है।
निजी क्षेत्र के जरिए रेलवे को सुपरफास्ट बनाने के लिए मोदी सरकार कई तरह के प्रयास कर रही है। बजट में बताया गया है कि सरकार निजी क्षेत्र के माध्यम से रेलवे के संसाधनों को बढ़ाएगी।
रेलवे बजट के मुताबिक, मोदी सरकार का निजी क्षेत्र की साझेदारी पर जोर रहेगा ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। रेलवे की मौजूदा खस्ता हालत को सुधारने के लिए सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है।
रेल बजट में जयपुर को मिल सकता है खास तोहफा
जयपुर रेल बजट में जयपुर को इस बार जयपुर जंक्शन जैसे एक और बड़े स्टेशन का तोहफा मिल सकता है। जयपुर जंक्शन पर यात्री भार को कम करने के लिए रेलवे इस दिशा में यह कदम उठा सकता है।
इसके अलावा शहर के अन्य उप नगरीय (छोटे स्टेशन) स्टेशनों पर सुविधाओं में विस्तार करने की भी बजट में घोषणा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक जयपुर जंक्शन पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या और यात्री भार से स्टेशन छोटा पड़ रहा है। ऎसे में जयपुर जंक्शन जैसे एक और बड़े स्टेशन का जयपुर को तोहफा देने की गुरूवार को संसद में पेश होने वाले बजट में घोषणा की जा सकती है।
जयपुर के अन्य उप नगरीय स्टेशनों को विकसित करने की घोषणा को लेकर जयपुर रेलवे प्रशासन के अधिकारी संभावना जता रहे हैं।
बाहरी क्षेत्र में जगह होगी चिन्हित
सूत्रों की मानें तो एक और बड़ा स्टेशन जगतपुरा, कनकपुरा या बाहरी क्षेत्र में चिन्हित किया जा सकता है।
इसके अलावा शहर के अन्य उप नगरीय (छोटे स्टेशन) स्टेशनों पर सुविधाओं में विस्तार करने की भी बजट में घोषणा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक जयपुर जंक्शन पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या और यात्री भार से स्टेशन छोटा पड़ रहा है। ऎसे में जयपुर जंक्शन जैसे एक और बड़े स्टेशन का जयपुर को तोहफा देने की गुरूवार को संसद में पेश होने वाले बजट में घोषणा की जा सकती है।
जयपुर के अन्य उप नगरीय स्टेशनों को विकसित करने की घोषणा को लेकर जयपुर रेलवे प्रशासन के अधिकारी संभावना जता रहे हैं।
बाहरी क्षेत्र में जगह होगी चिन्हित
सूत्रों की मानें तो एक और बड़ा स्टेशन जगतपुरा, कनकपुरा या बाहरी क्षेत्र में चिन्हित किया जा सकता है।
दिल्ली, मुम्बई सहित अन्य बड़े महानगरों में रेलवे प्रशासन एक स्टेशन के यात्री भार को कम करने के लिए प्रयोग कर चुका है। इसमें दो बराबर के बड़े स्टेशन होने पर ट्रेनों का बंटवारा कर दिया जाता है। जिससे यात्री भार बंट जाता है।
'खुशहाल और विकसित राजस्थान बनाने का सपना करें साकार'
जयपुर राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण के साथ ही राज्य विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को शुरू हो गया।
राजस्थानी पगड़ी पहन कर विधानसभा में पहली बार अभिभाषण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार को मिले ऐतिहासिक जनादेश के बाद आमजन की बढ़ी हुई अपेक्षाओं से सरकार की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इसी के अनुरूप सरकार कानून व्यवस्था को सुधारने, रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करने, प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने तथा प्रदेश के विकास के संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्ययोजना के हिसाब से प्रदेश के विकास में पूर्ण मनोयोग से जुट गई है।
राज्यपाल ने करीब चार मिनट तक अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने राज्यपाल के स्वास्थ्य को देखते हुए उनका अभिभाषण पढ़ा हुआ मान लेने का अनुरोध किया।
राज्यपाल ने कठोपनिषद का श्लोक पढ़कर 58 पृष्ठीय अभिभाषण समाप्त किया। अभिभाषण में नई-पुरानी उपलब्धियों का समावेश करते हुए खुशहाल व विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने में सहभागिता की अपील की गई।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीति आयोग बनाने की पहले के अनुरूप राजस्थान में भी सतत, संतुलित व त्वरित विकास के उपाय सुझाने के लिए मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद का गठन किया गया है।
पीपीपी परियोजनाओं की नीति निर्धारण के लिए आधारभूत विकास परिषद का गठन किया गया है। इसके सुचारू संचालन के लिए अधिकार प्राप्त समिति भी बनाई गई है।
मोदी की स्वच्छ राष्ट्र परिकल्पना का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि इसे साकार करने की दृष्टि से हाल ही सम्पन्न पंचायत राज चुनावों में शौचालय की अनिवार्यता को जोड़ा गया। इसके सार्थक परिणाम सामने आए और मात्र चार माह के दौरान प्रदेश में छह लाख से अधिक शौचालयों का निमार्ण हुआ।
राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान ने पंचायत राज की स्थापना और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी रहने की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए देश में पहली बार पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शिक्षा की अनिवार्यता लागू की।
1981 के बाद पहली बार पंचायतों का पुनर्गठन किया गया। इससे नई पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों के गठन से केन्द्रीय योजनाओं की अधिक राशि मिल सकेगी।
सिंह ने कहा कि राज्य की वार्षिक योजना वर्ष 2013-14 में 40 हजार 500 करोड़ रुपए थी। इसे बढ़ाकर 69 हजार 820 करोड़ रुपए किया गया है।
आने वाले समय में सरकार राज्य में सड़कों का जाल बिछाने, बिजली उत्पादन बढ़ाने, जलापूर्ति, चिकित्सा, शिक्षा व सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का काम करेगी।
गरीबों को आवास के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत अगले साल 15 हजार नए मकान बनाए जाएंगे। आवासन मंडल पांच साल में 40 हजार से अधिक मकान बनाएगा। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक आर्थिक कमजोर व अल्प आय वर्ग वालों को दिए जाएंगे।
औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अलवर जिले में चार, अजमेर जिले में दो, उदयपुर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़ और कोटा के आसपास एक-एक नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इनके लिए लैण्ड बैंक बनाया जाएगा।
अपराधों में कमी का दावा
अपराधों की संख्या में कमी का दावा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 2012 से 2013 की तुलना में 2013-14 में अपराध वृद्धि दर कम रही है।
कुल पंजीबद्ध अभियोगों की वृधि में 7.56 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या 3.60, डकैती 81.85, लूट 9.81, अपहरण 40.01, दुष्कर्म 45.89 तथा महिला अत्याचार के अपराधों में 22.35 प्रतिशत की कमी आई है।
मुफ्त दवा का भी उल्लेख
अभिभाषण में पूर्ववर्ती सरकार की मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि गत वर्ष नवम्बर तक 6.40 करोड़ रोगियों को योजना से लाभान्वित किया गया। रोजना लगभग एक लाख निशुल्क जांचें की जा रही है। गत दिसम्बर तक 5 करोड़ 44 लाख 86 हजार निशुल्क जांचें हो चुकी है। पेंशन योजनाओं से 57 लाख 92 हजार लोगों को लाभान्वित करने का दावा किया गया।
शुभलक्ष्मी योजना
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने शुभ लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 15 अक्टूबर 2014 से ई- शुभलक्ष्मी योजना का प्रारंभ किया गया है। इसके तहत 15 अक्टूबर 2015 से द्वितीय किश्त की राशि लाभांवितों के बैंक खाते में सीधे ही स्थानांतरित कर दी जाएगी।
स्वाइन फ्लू
अभिभाषण में स्वाइन फ्लू पर राज्यपाल ने कहा कि इस साल जनवरी माह में देश भर में स्वाइन फ्लू का व्यापक संक्रमण हुआ है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए व्यापक कार्यवाही की गई है।
यह भी कहा अभिभाषण में
अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत अगले साल 15 हजार नए मकान
आवासन मंडल 5 साल में बनाएगा 40 हजार से अधिक मकान, 60 प्रतिशत से अधिक कमजोर वर्ग को
7 जिलों में 11 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना से नवम्बर तक 6.40 करोड़ रोगी लाभान्वित
मुख्यमंत्री मुफ्त जांच योजना में रोजाना लगभग एक लाख जांच
पेंशन योजनाओं से 57 लाख 92 हजार लोगों को लाभ
भामाशाह योजना में 50 लाख से अधिक परिवारों का नामांकन
वर्ष 2015 सडक सुरक्षा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अगले साल से आवेदन ऑनलाइन
भामाशाह कार्डधारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 3 लाख रुपए तक का बीमा
मनरेगा के तहत निर्मित तालाबों का जीर्णोद्धार होगा
चम्बल नहर परियोजना की दांई मुख्य नहर के सुदृढीकरण पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे
अलवर जिले में हवाई अड्डा परियोजना के लिए आवेदन
पटवारियों के 1400 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र
सेना के साथ चूरू में अकादमी स्थापना की स्वीकृति
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना सभी जिलों में
जैसलमेर व चित्तोडगढ़ जिलों में अगले तीन साल में चार सीमेंट प्लांट
पेट्रोलियम विभाग राज्य में राजस्व में दूसरे स्थान पर।
राजस्थानी पगड़ी पहन कर विधानसभा में पहली बार अभिभाषण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार को मिले ऐतिहासिक जनादेश के बाद आमजन की बढ़ी हुई अपेक्षाओं से सरकार की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इसी के अनुरूप सरकार कानून व्यवस्था को सुधारने, रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करने, प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने तथा प्रदेश के विकास के संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्ययोजना के हिसाब से प्रदेश के विकास में पूर्ण मनोयोग से जुट गई है।
राज्यपाल ने करीब चार मिनट तक अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने राज्यपाल के स्वास्थ्य को देखते हुए उनका अभिभाषण पढ़ा हुआ मान लेने का अनुरोध किया।
राज्यपाल ने कठोपनिषद का श्लोक पढ़कर 58 पृष्ठीय अभिभाषण समाप्त किया। अभिभाषण में नई-पुरानी उपलब्धियों का समावेश करते हुए खुशहाल व विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने में सहभागिता की अपील की गई।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीति आयोग बनाने की पहले के अनुरूप राजस्थान में भी सतत, संतुलित व त्वरित विकास के उपाय सुझाने के लिए मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद का गठन किया गया है।
पीपीपी परियोजनाओं की नीति निर्धारण के लिए आधारभूत विकास परिषद का गठन किया गया है। इसके सुचारू संचालन के लिए अधिकार प्राप्त समिति भी बनाई गई है।
मोदी की स्वच्छ राष्ट्र परिकल्पना का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि इसे साकार करने की दृष्टि से हाल ही सम्पन्न पंचायत राज चुनावों में शौचालय की अनिवार्यता को जोड़ा गया। इसके सार्थक परिणाम सामने आए और मात्र चार माह के दौरान प्रदेश में छह लाख से अधिक शौचालयों का निमार्ण हुआ।
राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान ने पंचायत राज की स्थापना और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी रहने की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए देश में पहली बार पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शिक्षा की अनिवार्यता लागू की।
1981 के बाद पहली बार पंचायतों का पुनर्गठन किया गया। इससे नई पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों के गठन से केन्द्रीय योजनाओं की अधिक राशि मिल सकेगी।
सिंह ने कहा कि राज्य की वार्षिक योजना वर्ष 2013-14 में 40 हजार 500 करोड़ रुपए थी। इसे बढ़ाकर 69 हजार 820 करोड़ रुपए किया गया है।
आने वाले समय में सरकार राज्य में सड़कों का जाल बिछाने, बिजली उत्पादन बढ़ाने, जलापूर्ति, चिकित्सा, शिक्षा व सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का काम करेगी।
गरीबों को आवास के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत अगले साल 15 हजार नए मकान बनाए जाएंगे। आवासन मंडल पांच साल में 40 हजार से अधिक मकान बनाएगा। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक आर्थिक कमजोर व अल्प आय वर्ग वालों को दिए जाएंगे।
औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अलवर जिले में चार, अजमेर जिले में दो, उदयपुर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़ और कोटा के आसपास एक-एक नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इनके लिए लैण्ड बैंक बनाया जाएगा।
अपराधों में कमी का दावा
अपराधों की संख्या में कमी का दावा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 2012 से 2013 की तुलना में 2013-14 में अपराध वृद्धि दर कम रही है।
कुल पंजीबद्ध अभियोगों की वृधि में 7.56 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या 3.60, डकैती 81.85, लूट 9.81, अपहरण 40.01, दुष्कर्म 45.89 तथा महिला अत्याचार के अपराधों में 22.35 प्रतिशत की कमी आई है।
मुफ्त दवा का भी उल्लेख
अभिभाषण में पूर्ववर्ती सरकार की मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि गत वर्ष नवम्बर तक 6.40 करोड़ रोगियों को योजना से लाभान्वित किया गया। रोजना लगभग एक लाख निशुल्क जांचें की जा रही है। गत दिसम्बर तक 5 करोड़ 44 लाख 86 हजार निशुल्क जांचें हो चुकी है। पेंशन योजनाओं से 57 लाख 92 हजार लोगों को लाभान्वित करने का दावा किया गया।
शुभलक्ष्मी योजना
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने शुभ लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 15 अक्टूबर 2014 से ई- शुभलक्ष्मी योजना का प्रारंभ किया गया है। इसके तहत 15 अक्टूबर 2015 से द्वितीय किश्त की राशि लाभांवितों के बैंक खाते में सीधे ही स्थानांतरित कर दी जाएगी।
स्वाइन फ्लू
अभिभाषण में स्वाइन फ्लू पर राज्यपाल ने कहा कि इस साल जनवरी माह में देश भर में स्वाइन फ्लू का व्यापक संक्रमण हुआ है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए व्यापक कार्यवाही की गई है।
यह भी कहा अभिभाषण में
अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत अगले साल 15 हजार नए मकान
आवासन मंडल 5 साल में बनाएगा 40 हजार से अधिक मकान, 60 प्रतिशत से अधिक कमजोर वर्ग को
7 जिलों में 11 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना से नवम्बर तक 6.40 करोड़ रोगी लाभान्वित
मुख्यमंत्री मुफ्त जांच योजना में रोजाना लगभग एक लाख जांच
पेंशन योजनाओं से 57 लाख 92 हजार लोगों को लाभ
भामाशाह योजना में 50 लाख से अधिक परिवारों का नामांकन
वर्ष 2015 सडक सुरक्षा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अगले साल से आवेदन ऑनलाइन
भामाशाह कार्डधारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 3 लाख रुपए तक का बीमा
मनरेगा के तहत निर्मित तालाबों का जीर्णोद्धार होगा
चम्बल नहर परियोजना की दांई मुख्य नहर के सुदृढीकरण पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे
अलवर जिले में हवाई अड्डा परियोजना के लिए आवेदन
पटवारियों के 1400 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र
सेना के साथ चूरू में अकादमी स्थापना की स्वीकृति
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना सभी जिलों में
जैसलमेर व चित्तोडगढ़ जिलों में अगले तीन साल में चार सीमेंट प्लांट
पेट्रोलियम विभाग राज्य में राजस्व में दूसरे स्थान पर।
दिल्ली में बिजली के दाम आधे, पानी मिलेगा मुफ्त
नई दिल्ली दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बुधवार को अपने दो बड़े चुनावी वादे पूरे कर दिए। सरकार ने दिल्ली में बिजली की दरें आधी करने का ऎलान किया। अब बिजली पर पचास फीसदी सब्सिडी मिलेगी। आप ने दिल्ली के वाशिंदों को हर माह 20 हजार लीटर पानी फ्री में देने की घोषणा भी की है। दोनों घोषणाएं आगामी एक मार्च से प्रभावी हो जाएंगी।
आप के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हमने जो वादा किया था उसे पूरा कर दिया है। दिल्ली में 400 यूनिट से कम पर बिजली बिल होने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, इसका 90 फीसदी फायदा लोगों को मिलेगा। लेकिन 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च पर पूरा बिल भरना होगा। अगर बिजली खर्च 200 यूनिट तक होने पर दो रूपए प्रति यूनिट बिल देना होगा।
सिसोदिया ने कहा कि अब 20 हजार लीटर पानी फ्री मिला करेगा। इससे दिल्ली के करीब 18 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। हमने इसके लिए इस साल 20 करोड़ रूपए की यवस्था की है। बजट में इसके लिए 250 करोड़ रूपए का प्रावधान किया जाएगा।
मालूम हो कि केजरीवाल के बीते कार्यकाल में जब 49 दिन सरकार चली थी तब भी बिजली बिल पर सब्सिडी प्रदान की गई थी। इस बार बिजली और पानी के वादे पर दिल्ली की जनता ने आप को भरपूर समर्थन दिया और आप ने 70 में से 67 सीटों पर कब्जा जमाया था।
आप के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हमने जो वादा किया था उसे पूरा कर दिया है। दिल्ली में 400 यूनिट से कम पर बिजली बिल होने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, इसका 90 फीसदी फायदा लोगों को मिलेगा। लेकिन 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च पर पूरा बिल भरना होगा। अगर बिजली खर्च 200 यूनिट तक होने पर दो रूपए प्रति यूनिट बिल देना होगा।
सिसोदिया ने कहा कि अब 20 हजार लीटर पानी फ्री मिला करेगा। इससे दिल्ली के करीब 18 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। हमने इसके लिए इस साल 20 करोड़ रूपए की यवस्था की है। बजट में इसके लिए 250 करोड़ रूपए का प्रावधान किया जाएगा।
मालूम हो कि केजरीवाल के बीते कार्यकाल में जब 49 दिन सरकार चली थी तब भी बिजली बिल पर सब्सिडी प्रदान की गई थी। इस बार बिजली और पानी के वादे पर दिल्ली की जनता ने आप को भरपूर समर्थन दिया और आप ने 70 में से 67 सीटों पर कब्जा जमाया था।
सलमान के खिलाफ आर्म्स एक्ट मामले में फैसला आज
जोधपुर हरिण शिकार प्रकरण में फंसे फिल्म अभिनेता सलमान खान के विरुद्ध वर्ष 1998 से चल रहे आर्म्स एक्ट मामले में फैसले की घड़ी आ गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला जोधपुर अनुपमा बिजलानी की अदालत में बुधवार को मामले पर निर्णय सुनाया जाएगा।
विधि विशेषज्ञों की माने तो सलमान पर जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, उनमें सजा का प्रावधान है। आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को
कितनी सजा होगी, यह तो तय नहीं, लेकिन इन धाराओं में सजा से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पूर्व में मामले में दोनों पक्षों की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी है, जिस पर अदालत ने निर्णय 25 फरवरी को सुनाने के निर्देश दिए थे।
1998 में दर्ज हुआ मुकदमा
वर्ष 1998 में फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग के दौरान सलमान के विरुद्ध जोधपुर के लूणी थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था।
गवाह पूनमचंद व छोगाराम ने रिपोर्ट दी थी कि सलमान व उसके साथियों ने 1/2 अक्टूबर की मध्य रात्रि को कांकाणी सरहद में काले हिरणों का शिकार किया था। जिसके अनुसंधान में यह सामने आया था कि शिकार में रिवॉल्वर एस एण्ड डब्ल्यू 32 बोर व राइफल 22 बोर प्रयुक्त की गई थी।
इन आग्नेय अस्त्रों का लाइसेंस रिन्यू नहीं किया गया था व इन अवधिपार हथियारों से शिकार किया गया था। इसके बाद सलमान के विरूद्ध कांकाणी शिकार के साथ ही एक और मामला आम्र्स एक्ट की धाराओं में दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद वर्ष 1998 से अदालत में विचाराधीन है।
सजा का प्रावधान
विधि विशेषज्ञों की माने तो सलमान के विरुद्ध आम्र्स एक्ट की धारा 3/25 और 27 में मामला दर्ज है। दोनों ही धाराओं में सजा का प्रावधान है। धारा 25 में 1 से 3 साल तक सजा का प्रावधान है वही धारा 27 के तहत 3 से 7 साल तक सजा का प्रावधान है।
इससे लगता है कि सलमान की मुश्किलें और बढ़ जाएगी, क्योंकि शिकार के दो मामलों को सलमान को सजा हो रखी है। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील विचाराधीन है।
विधि विशेषज्ञों की माने तो सलमान पर जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, उनमें सजा का प्रावधान है। आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को
कितनी सजा होगी, यह तो तय नहीं, लेकिन इन धाराओं में सजा से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पूर्व में मामले में दोनों पक्षों की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी है, जिस पर अदालत ने निर्णय 25 फरवरी को सुनाने के निर्देश दिए थे।
1998 में दर्ज हुआ मुकदमा
वर्ष 1998 में फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग के दौरान सलमान के विरुद्ध जोधपुर के लूणी थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था।
गवाह पूनमचंद व छोगाराम ने रिपोर्ट दी थी कि सलमान व उसके साथियों ने 1/2 अक्टूबर की मध्य रात्रि को कांकाणी सरहद में काले हिरणों का शिकार किया था। जिसके अनुसंधान में यह सामने आया था कि शिकार में रिवॉल्वर एस एण्ड डब्ल्यू 32 बोर व राइफल 22 बोर प्रयुक्त की गई थी।
इन आग्नेय अस्त्रों का लाइसेंस रिन्यू नहीं किया गया था व इन अवधिपार हथियारों से शिकार किया गया था। इसके बाद सलमान के विरूद्ध कांकाणी शिकार के साथ ही एक और मामला आम्र्स एक्ट की धाराओं में दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद वर्ष 1998 से अदालत में विचाराधीन है।
सजा का प्रावधान
विधि विशेषज्ञों की माने तो सलमान के विरुद्ध आम्र्स एक्ट की धारा 3/25 और 27 में मामला दर्ज है। दोनों ही धाराओं में सजा का प्रावधान है। धारा 25 में 1 से 3 साल तक सजा का प्रावधान है वही धारा 27 के तहत 3 से 7 साल तक सजा का प्रावधान है।
इससे लगता है कि सलमान की मुश्किलें और बढ़ जाएगी, क्योंकि शिकार के दो मामलों को सलमान को सजा हो रखी है। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील विचाराधीन है।
बजट 2015: इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ेगी!
नई दिल्ली
भारत सरकार के आगामी आम बजट 2015-16 को लेकर कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि 28 फरवरी को पेश को किए जाने वाले बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली मिडिल क्लास (मध्य वर्ग) को राहत दे सकते हैं। जिसके तहत बचत योजनाओं में निवेश पर छूट की सीमा या टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की जा सकती है।
साथ ही देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ी घोषणाएं की जा सकती है। हालाकि बजट का स्वरुप क्या होगा इसकी पूर्ण जानकारी 28 फरवरी को ही होगी।
टैक्स पैयर्स को बजट से ये उम्मीद
हर साल की तरह इस साल भी 28 फरवरी को देश के फाइनेंस मिनिस्टर संसद में आम बजट पेश करेंगे हैं। उम्मीद की जा रही है जेटली टैक्स पैयर्स को राहत देने के लिए इनकम टैक्स की छूट की सीमा बढ़ा सकते हैं। पिछले बजट (2014-15) में जेटली ने इनकम टैक्स में छूट की सीमा को 50,000 रुपए बढ़ाकर 2.50 लाख और बचत योजनाओं में 1.50 लाख रुपए तक निवेश पर छूट दी थी। इस साल भी टैक्स दाताओं को ऐसी ही घोषणा की उम्मीद है।
फिलहाल कहा जा रहा है कि इस बार वित्त मंत्री इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं क्योंकि उन्हें अतिरिक्त राजस्व की भी जरूरत है ताकि सरकारी निवेश बढ़ाकर आर्थिक वृद्धि को तेज किया जा सके।
बजट में हो सकते हैं ये बड़े एलान
- इनकम टैक्स में छूट की सीमा को 50,000 रुपए या बचत में निवेश की छूट सीमा में बढ़त संभव।
- हर साल एलटीसी, एलटीए सुविधा मिल सकती है।
- होम लोन ब्याज पर कर छूट की सीमा 1.5 से बढ़कर 3 लाख हो सकती है।
- टैक्स सेविंग इंफ्रास्ट्रक्चर बांड संभव।
पेट्रोलियम जासूसी: सैकिया के बयान से आया नया मोड़
नई दिल्ली
पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज की चोरी के मामले में गिरफ्तार पूर्व पत्रकार शांतनु सैकिया के इस जासूसी कांड को दस हजार करोड़ रुपए का घोटाला बताने से मामले में नया मोड़ आ गया है।
सैकिया ने शनिवार को दावा किया कि यह दस हजार करोड़ रुपए का घोटाला है तथा इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह बात मीडियाकर्मियों के सामने उस समय कही जब उन्हें चिकित्सा जांच के बाद अस्पताल से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में लाया जा रहा था।
वह इस समय तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। इस मामले में शुक्रवार शाम नामी कंपनियों के पांच बडे़ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद सैकिया के इस दावे से मामले में नया मोड़ आ गया है।
उसके इस दावे के बारे में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि घोटाला दस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का है या कम का यह तो मामले की जांच कर रहे अधिकारी ही बता सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सैकिया इस समय खुद परेशानी में है और वह कुछ भी कह सकते हैं। प्रधान ने कहा कि मामले की जांच चल रही है जिसके पूरा होने पर पता चल जाएगा कि इसके पीछे कौन है और इससे किसको फायदा हुआ।
अभी कुछ कहना गलत होगा। उन्होंने कहा कि जांच में अच्छी प्रगति हुई तथा वह सरकार के इस संकल्प को दोहराना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा कानून से कोई भी ऊपर नहीं है।
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालयसे गोपनीय दस्तावेजों की चोरी के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'मंत्रालयों से गोपनीय दस्तावेजों की चोरी का मामला लंबे समय से चल रहा है। तभी एेसी स्थिति बनी है।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जल्दी ही दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।'
मोदी ने अरूणाचल-दिल्ली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
ईटानगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में नाहरलागुन से नई दिल्ली जाने वाली पहली एक्सप्रेस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मोदी अरूणाचल के 29वें स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने ईटानगर पहुंचे हैं। उन्होंने ईटानगर के इंदिरा गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबा कर नाहरलागुन-नई दिल्ली एक्सप्रेस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने यह उम्मीद जाहिर की कि रेलवे के जरिए संचार सेवा को मजबूती देने से अरूणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्से में विकास और समृद्धि आएगी।
मोदी के साथ इस दौरान रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजु भी थे।
उन्होंने नाहरलागुन और गुवाहाटी के बीच इंटर-सिटी रेलगाड़ी का भी उद्घाटन किया और 132 किलोवाट की विद्युत संचरण परियोजना और राजधानी के निवासियों के लिए पेयजल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी।
मोदी का यह दौरा ऎसे में महत्वपूर्ण है, जबकि चीन ने पिछले साल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अरूणाचल दौरे पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। चीन अक्सर अरूणाचल पर अपना दावा करता रहता है।
मोदी ने पार्क में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अरूणाचल प्रदेश क्षेत्र के मामले में पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है। यहां बड़ी जनसंख्या निवास करती है और विकास की असीम संभावनाएं हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि राज्य में पिछले 28 साल की तुलना में अगले पांच साल में काफी विकास देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नाहरलागुन-नई दिल्ली वातानुकूलित एक्सप्रेस रेलगाड़ी भारत सरकार की तरफ से अरूणाचल प्रदेश के 29वें स्थापना दिवस पर यहां की जनता को तोहफा है। रेलवे सिर्फ संपर्क का साधन नहीं है, बल्कि विकास की रीढ़ है। यह राज्य में विकास के लिए कई मायने में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे और बिजली विकास के लिए बेहद जरूरीं हैं। रेलवे गति देगा और 132 किलोवाट विद्युत संचरण परियोजना राज्य को बिजली देगी, जो विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मोदी ने अरूणाचल प्रदेश पनबिजली परियोजना और इसको लेकर लोगों की आशंकाओं के मुद्दे को उठाया और कहा कि नेपाल एवं भूटान के साथ भी पूर्व में ऎसी समस्या रही है, लेकिन वे इससे बाहर निकल गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में हिमाचल प्रदेश बेहतर रूप में अपनी विद्युत क्षमताओं का इस्तेमाल करने में सफल रहा है। इसी प्रकार अरूणाचल प्रदेश के पास विद्युत की असीम संभावनाएं हैं और वह इससे जुड़ कर वह पूरे देश को रोशन कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली परियोजनाओं से जो लोग प्रभावित होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले और उन्हें पहले से बेहतर जिंदगी उपलब्ध कराएंगे।
मोदी ने कहा कि 2014-15 के बजट में हमने पूर्वोत्तर के राज्यों को 53,000 करोड़ रूपए आवंटित किए थे। यह छोटी राशि नहीं है, लेकिन हम इस धनराशि के उचित इस्तेमाल को भी सुनिश्चित करना चाहेंगे। केंद्र और राज्य दोनों सरकारें इसके लिए जवाबदेह होंगी। मोदी ने घोषणा की कि क्षेत्र में 18 नए एफएम चैनल की शुरूआत की जानी है और सरकार छह नए कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी।
मोदी अरूणाचल के 29वें स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने ईटानगर पहुंचे हैं। उन्होंने ईटानगर के इंदिरा गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबा कर नाहरलागुन-नई दिल्ली एक्सप्रेस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने यह उम्मीद जाहिर की कि रेलवे के जरिए संचार सेवा को मजबूती देने से अरूणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्से में विकास और समृद्धि आएगी।
मोदी के साथ इस दौरान रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजु भी थे।
उन्होंने नाहरलागुन और गुवाहाटी के बीच इंटर-सिटी रेलगाड़ी का भी उद्घाटन किया और 132 किलोवाट की विद्युत संचरण परियोजना और राजधानी के निवासियों के लिए पेयजल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी।
मोदी का यह दौरा ऎसे में महत्वपूर्ण है, जबकि चीन ने पिछले साल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अरूणाचल दौरे पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। चीन अक्सर अरूणाचल पर अपना दावा करता रहता है।
मोदी ने पार्क में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अरूणाचल प्रदेश क्षेत्र के मामले में पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है। यहां बड़ी जनसंख्या निवास करती है और विकास की असीम संभावनाएं हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि राज्य में पिछले 28 साल की तुलना में अगले पांच साल में काफी विकास देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नाहरलागुन-नई दिल्ली वातानुकूलित एक्सप्रेस रेलगाड़ी भारत सरकार की तरफ से अरूणाचल प्रदेश के 29वें स्थापना दिवस पर यहां की जनता को तोहफा है। रेलवे सिर्फ संपर्क का साधन नहीं है, बल्कि विकास की रीढ़ है। यह राज्य में विकास के लिए कई मायने में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे और बिजली विकास के लिए बेहद जरूरीं हैं। रेलवे गति देगा और 132 किलोवाट विद्युत संचरण परियोजना राज्य को बिजली देगी, जो विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मोदी ने अरूणाचल प्रदेश पनबिजली परियोजना और इसको लेकर लोगों की आशंकाओं के मुद्दे को उठाया और कहा कि नेपाल एवं भूटान के साथ भी पूर्व में ऎसी समस्या रही है, लेकिन वे इससे बाहर निकल गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में हिमाचल प्रदेश बेहतर रूप में अपनी विद्युत क्षमताओं का इस्तेमाल करने में सफल रहा है। इसी प्रकार अरूणाचल प्रदेश के पास विद्युत की असीम संभावनाएं हैं और वह इससे जुड़ कर वह पूरे देश को रोशन कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली परियोजनाओं से जो लोग प्रभावित होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले और उन्हें पहले से बेहतर जिंदगी उपलब्ध कराएंगे।
मोदी ने कहा कि 2014-15 के बजट में हमने पूर्वोत्तर के राज्यों को 53,000 करोड़ रूपए आवंटित किए थे। यह छोटी राशि नहीं है, लेकिन हम इस धनराशि के उचित इस्तेमाल को भी सुनिश्चित करना चाहेंगे। केंद्र और राज्य दोनों सरकारें इसके लिए जवाबदेह होंगी। मोदी ने घोषणा की कि क्षेत्र में 18 नए एफएम चैनल की शुरूआत की जानी है और सरकार छह नए कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी।
संजीव चतुर्वेदी बन सकते हैं केजरीवाल के ओएसडी
दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चीफ विजिलेंस ऑफिसर रहते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को लेकर चर्चा में आए भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी अब दिल्ली की 'आप' सरकार के लिए सेवाएं दे सकते हैं।
केन्द्र ने हरी झंडी दी तो वह अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ओएसडी बनाए जाएंगे।मुख्यमंत्री केजरीवाल ने चतुर्वेदी को सीएमओ में ओएसडी पद पर नियुक्त करने को लेकर केन्द्र को पत्र लिखा है।
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे पत्र में केजरावाल ने चतुर्वेदी की सेवाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय में आवश्यकता बताते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारी ने इसके लिए सहमति भी दे दी है।
केजरीवाल ने केन्द्र से जल्द इस बारे में आदेश जारी करने की गुजारिश भी की है।हरियाणा काडर के अधिकारी चतुर्वेदी फिलहाल एम्स में डिप्टी सेक्रटी पद पर कार्यरत हैं ।
इससे पहले वर्ष 2012 में उन्हें डिप्टी सेक्रटी के साथ ही चीफ विजिलेंस ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था । इस पद पर रहते हुए चतुर्वेदी ने एम्स में भ्रष्टाचार के कई मुकदमों में कार्रवाई शुरु की।
2014 में केन्द्र में भाजपा सरकार आने के बाद उन्हें चीफ विजिलेंस ऑफिसर पद से हटा दिया गया था। उस वक्त भी आम आदमी पार्टी चतुर्वेदी के समर्थन में उतर आई थी।
हाल ही 'आप' की सरकार बनने के बाद यह भी खबरे आईं कि उन्हें दिल्ली में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का प्रमुख बनाया जा सकता है ।
केन्द्र ने हरी झंडी दी तो वह अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ओएसडी बनाए जाएंगे।मुख्यमंत्री केजरीवाल ने चतुर्वेदी को सीएमओ में ओएसडी पद पर नियुक्त करने को लेकर केन्द्र को पत्र लिखा है।
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे पत्र में केजरावाल ने चतुर्वेदी की सेवाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय में आवश्यकता बताते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारी ने इसके लिए सहमति भी दे दी है।
केजरीवाल ने केन्द्र से जल्द इस बारे में आदेश जारी करने की गुजारिश भी की है।हरियाणा काडर के अधिकारी चतुर्वेदी फिलहाल एम्स में डिप्टी सेक्रटी पद पर कार्यरत हैं ।
इससे पहले वर्ष 2012 में उन्हें डिप्टी सेक्रटी के साथ ही चीफ विजिलेंस ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था । इस पद पर रहते हुए चतुर्वेदी ने एम्स में भ्रष्टाचार के कई मुकदमों में कार्रवाई शुरु की।
2014 में केन्द्र में भाजपा सरकार आने के बाद उन्हें चीफ विजिलेंस ऑफिसर पद से हटा दिया गया था। उस वक्त भी आम आदमी पार्टी चतुर्वेदी के समर्थन में उतर आई थी।
हाल ही 'आप' की सरकार बनने के बाद यह भी खबरे आईं कि उन्हें दिल्ली में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का प्रमुख बनाया जा सकता है ।
CM बनने से पहले ही मुसीबत में फंस गए केजरीवाल
दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऎतिहासिक रिकॉर्ड जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी को आयकर विभाग ने चंदा मामले में नोटिस भेजा है।
आयकर विभाग ने स्वयंसेवी संगठन आप वॉलंटियर एक्शन मंच(आवाम) द्वारा बीते साल चार संदिग्ध कंपनियों से दो करोड़ रूपए चंंदा लेने के आरोप लगाए लाने पर आप को नोटिस भेजा है। विभाग ने आप को 16 फरवरी तक आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाण उपलब्ध कराए अन्यथा उस पर दस हजार रूपए का जुर्माना ठोकने की चेतावनी दी है।
आवाम के करण सिंह एवं गोपाल गोयल ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान आप पर 15 अप्रेल 2014 को इन चार कंपनियों गोल्डमाइन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, सनविजन एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड, स्काइलाइन मेटल्स एंड एलॉय प्राइवेट लिमिटेड और इंफोलांस सॉफ्टवेयर सॉल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड से 50-50 लाख रूपए का अवैध रूप से चंदा लेने का आरोप लगाया था।
गौरतलब है कि आप के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने आवाम के आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि यह उनकी पार्टी खिलाफ षडयंत्र है। हमने सरकार से चुनाव (सात फरवरी) से पहले जांच के आदेश देने की अपील की है और दोषी पाए जाने की स्थिति में वह हमारी गिरफ्तारी का आदेश दें सकती है।
कांग्रेंस को मिला चंदे के मामले में नोटिस
कांग्रेस को चंदा लेने के एक मामले में आयकर विभाग को नोटिस मिला है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा ने बुधवार को स्वीकार किया कि पार्टी को चंदे के बारे में एक नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि पार्टी उसका जवाब देगी।
आयकर विभाग ने स्वयंसेवी संगठन आप वॉलंटियर एक्शन मंच(आवाम) द्वारा बीते साल चार संदिग्ध कंपनियों से दो करोड़ रूपए चंंदा लेने के आरोप लगाए लाने पर आप को नोटिस भेजा है। विभाग ने आप को 16 फरवरी तक आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाण उपलब्ध कराए अन्यथा उस पर दस हजार रूपए का जुर्माना ठोकने की चेतावनी दी है।
आवाम के करण सिंह एवं गोपाल गोयल ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान आप पर 15 अप्रेल 2014 को इन चार कंपनियों गोल्डमाइन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, सनविजन एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड, स्काइलाइन मेटल्स एंड एलॉय प्राइवेट लिमिटेड और इंफोलांस सॉफ्टवेयर सॉल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड से 50-50 लाख रूपए का अवैध रूप से चंदा लेने का आरोप लगाया था।
गौरतलब है कि आप के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने आवाम के आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि यह उनकी पार्टी खिलाफ षडयंत्र है। हमने सरकार से चुनाव (सात फरवरी) से पहले जांच के आदेश देने की अपील की है और दोषी पाए जाने की स्थिति में वह हमारी गिरफ्तारी का आदेश दें सकती है।
कांग्रेंस को मिला चंदे के मामले में नोटिस
कांग्रेस को चंदा लेने के एक मामले में आयकर विभाग को नोटिस मिला है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा ने बुधवार को स्वीकार किया कि पार्टी को चंदे के बारे में एक नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि पार्टी उसका जवाब देगी।
दिल्ली परिणाम ने फीका किया शाह के पुत्र की शादी का रंग
अहमदाबाद दिल्ली विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए नतीजे ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र की शादी का रंग फीका कर दिया।
शाह के पुत्र जयशाह के अहमदाबाद एक क्लब में भारी तामझाम के साथ शादी और भाजपा की जीत का जश्न एक साथ होने वाला था, लेकिन जिस तरीके से दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणाम आए,उससे शादी का रंग फीका हो गया।
शादी में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नीतिन गडकरी, अरुण जेटली,मनोज सिन्हा,राजीव प्रताप रूडी, जे.पी. नड्डा,धर्मेन्द्र प्रधान, संरक्षण मनोहर पारिकर, भाजपा नेता वी. सतीष, अनंत कुमार, रघुवरदास, दिनेश शर्मा, जाने माने उद्योग पति मुकेश अंबानी उनकी पत्नी नीता अम्बानी, गौतम अदाणी, करशन पटेल, राज्यसभा सांसद तथा रिलायंस समूह के ग्रुप अध्यक्ष परिमल नथवाणी, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल और योग गुरू बाबा रामदेव आदि जानी मानी हस्तियां विवाह समारोह में शामिल तो हुईं किन्तु चेहरे उतरे हुए थे।
कांग्रेस कार्यालयों में मायूसी, आप में उत्साह आया
गुजरात प्रदेश के भाजपा-कांग्रेस के कार्यालयों में भी मायूसी छायी रही।
आमतौर पर जीत के जश्न में पार्टी कार्यालयों में आतिशबाजी फटाखे फोडऩे के बाजाए मंगलवार को दोनों ही बड़ी पार्टियों के कार्यालय सूनसान थे।
एक-दुक्के नेता जीत हार के कारणों की समीक्षा करते नजर आए। जबकि आम आदमी पार्टी(आप) के कार्यकर्ताओं में उत्साह आ गया।
शाह के पुत्र जयशाह के अहमदाबाद एक क्लब में भारी तामझाम के साथ शादी और भाजपा की जीत का जश्न एक साथ होने वाला था, लेकिन जिस तरीके से दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणाम आए,उससे शादी का रंग फीका हो गया।
शादी में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नीतिन गडकरी, अरुण जेटली,मनोज सिन्हा,राजीव प्रताप रूडी, जे.पी. नड्डा,धर्मेन्द्र प्रधान, संरक्षण मनोहर पारिकर, भाजपा नेता वी. सतीष, अनंत कुमार, रघुवरदास, दिनेश शर्मा, जाने माने उद्योग पति मुकेश अंबानी उनकी पत्नी नीता अम्बानी, गौतम अदाणी, करशन पटेल, राज्यसभा सांसद तथा रिलायंस समूह के ग्रुप अध्यक्ष परिमल नथवाणी, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल और योग गुरू बाबा रामदेव आदि जानी मानी हस्तियां विवाह समारोह में शामिल तो हुईं किन्तु चेहरे उतरे हुए थे।
कांग्रेस कार्यालयों में मायूसी, आप में उत्साह आया
गुजरात प्रदेश के भाजपा-कांग्रेस के कार्यालयों में भी मायूसी छायी रही।
आमतौर पर जीत के जश्न में पार्टी कार्यालयों में आतिशबाजी फटाखे फोडऩे के बाजाए मंगलवार को दोनों ही बड़ी पार्टियों के कार्यालय सूनसान थे।
एक-दुक्के नेता जीत हार के कारणों की समीक्षा करते नजर आए। जबकि आम आदमी पार्टी(आप) के कार्यकर्ताओं में उत्साह आ गया।




















































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